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स्वच्छता में शीर्ष स्थान पाने वाले गांव होंगे सम्मानित: आर्यका अखौरी
Updated Fri, 27 Jul 2018 02:08 AM IST
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स्वच्छता ही स्वस्थ जीवन का प्रतीक
मेरठ।
स्वच्छता ही स्वस्थ जीवन का प्रतीक है। सभी लोगों का दायित्व है कि वह अपने जीवन में स्वच्छता को अपनाते हुए स्वस्थ एवं रोग मुक्त जीवन व्यतीत करें। वह अपने आसपास के लोगों को भी स्वच्छता के प्रति प्रेरित करें। यह बात बृहस्पतिवार को सीडीओ आर्यका अखौरी ने स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2018 की कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर कही।
गढ़ रोड स्थित एक विवाह मंडप में आयोजित कार्यक्रम में सीडीओ ने कहा कि प्रदेश के गांवों को स्वच्छ बनाने के लिए पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय द्वारा एक अगस्त से 30 अगस्त तक स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण (स्वच्छ ग्राम स्वच्छ जिला) कराए जाने का निर्णय लिया है। इसके लिए ही इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि अधिकारी और कर्मचारी ग्रामवासियों को जागरूक करें कि स्वच्छता रखने से हमारा ही लाभ है। उन्होंने बताया कि स्वच्छता में शीर्ष स्थान पाने वाले 2 जनपदों को 2 अक्टूबर को सम्मानित भी किया जाएगा।
डीपीआरओ ब्रह्मचारी दूबे ने बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 कार्यक्रम के तहत सर्वेक्षण कार्य एक स्वतंत्र एजेंसी के माध्यम से होगा। जो ग्रामों में स्वच्छता की संख्यात्मक एवं गुणात्मक आंकलन कर जनपदों की रैंकिंग करेगी। 27 जुलाई को मेरठ, रजपुरा, रोहटा, जानीखुर्द, खरखौदा, माछरा में तथा 28 जुलाई को दौराला, सरधना, सरूरपुर खुर्द, मवाना, हस्तिनापुर एवं परीक्षितगढ में सुबह 10 बजे से 2 बजे तक विकास खंडों के सभागार में कार्यशाला आयोजित होंगी।
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मेरठ।
स्वच्छता ही स्वस्थ जीवन का प्रतीक है। सभी लोगों का दायित्व है कि वह अपने जीवन में स्वच्छता को अपनाते हुए स्वस्थ एवं रोग मुक्त जीवन व्यतीत करें। वह अपने आसपास के लोगों को भी स्वच्छता के प्रति प्रेरित करें। यह बात बृहस्पतिवार को सीडीओ आर्यका अखौरी ने स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2018 की कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर कही।
गढ़ रोड स्थित एक विवाह मंडप में आयोजित कार्यक्रम में सीडीओ ने कहा कि प्रदेश के गांवों को स्वच्छ बनाने के लिए पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय द्वारा एक अगस्त से 30 अगस्त तक स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण (स्वच्छ ग्राम स्वच्छ जिला) कराए जाने का निर्णय लिया है। इसके लिए ही इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि अधिकारी और कर्मचारी ग्रामवासियों को जागरूक करें कि स्वच्छता रखने से हमारा ही लाभ है। उन्होंने बताया कि स्वच्छता में शीर्ष स्थान पाने वाले 2 जनपदों को 2 अक्टूबर को सम्मानित भी किया जाएगा।
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डीपीआरओ ब्रह्मचारी दूबे ने बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 कार्यक्रम के तहत सर्वेक्षण कार्य एक स्वतंत्र एजेंसी के माध्यम से होगा। जो ग्रामों में स्वच्छता की संख्यात्मक एवं गुणात्मक आंकलन कर जनपदों की रैंकिंग करेगी। 27 जुलाई को मेरठ, रजपुरा, रोहटा, जानीखुर्द, खरखौदा, माछरा में तथा 28 जुलाई को दौराला, सरधना, सरूरपुर खुर्द, मवाना, हस्तिनापुर एवं परीक्षितगढ में सुबह 10 बजे से 2 बजे तक विकास खंडों के सभागार में कार्यशाला आयोजित होंगी।
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