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मतगणना में लचर रही प्रशासनिक व्यवस्था
Updated Sat, 02 Dec 2017 02:02 AM IST
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मेरठ। नगर निगम की मतगणना को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह लचर रही। पूरी मतगणना के दौरान एक बार भी चक्रवार मतगणना को सार्वजनिक नहीं किया गया। यही नहीं, मतगणना के बाद उसे फीड करने की गति इतनी धीमी थी कि प्रत्याशी जब 2 लाख से ऊपर वोटों की गणना कर रहे थे, तो महापौर के निर्वाचन अधिकारी कक्ष में 70 हजार वोटों की गणना हो रही थी।
मतगणना को लेकर जिला प्रशासन की व्यवस्था इस बार पूरी तरह अव्यवस्थाओं से भरपूर रही। मतगणना परिसर में अलग-अलग पंडाल तो लगाए गए थे। लेकिन उनमें व्यवस्था के नाम पर कुछ नहीं था। मीडिया कर्मियाें के साथ कई बार सुरक्षाकर्मियों ने अभद्रता की, तो निर्वाचन अधिकारियों के स्तर से कोई भी अपडेट समय से उपलब्ध नहीं हो पायी।
चार बजे शुरू की महापौर की गणना अपलोड
मतगणना की अव्यवस्था का पता इसी बात से चलता है कि प्रत्याशियों को प्राप्त मतों की गणना शाम चार बजे से अपलोड़ करना शुरू किया। जब निर्वाचन आयोग से दबाव आना शुरू हुआ तो आनन फानन में आधा दर्जन से ज्यादा आईटी विभाग के कर्मचारियों को लगाकर रात आठ बजे तक प्रत्याशियों को प्राप्त मतों को अपलोड किया गया।
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- निर्वाचन आयोग ने भी जतायी लेटलतीफी पर नाराजगी
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मतगणना को लेकर जिला प्रशासन की व्यवस्था इस बार पूरी तरह अव्यवस्थाओं से भरपूर रही। मतगणना परिसर में अलग-अलग पंडाल तो लगाए गए थे। लेकिन उनमें व्यवस्था के नाम पर कुछ नहीं था। मीडिया कर्मियाें के साथ कई बार सुरक्षाकर्मियों ने अभद्रता की, तो निर्वाचन अधिकारियों के स्तर से कोई भी अपडेट समय से उपलब्ध नहीं हो पायी।
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चार बजे शुरू की महापौर की गणना अपलोड
मतगणना की अव्यवस्था का पता इसी बात से चलता है कि प्रत्याशियों को प्राप्त मतों की गणना शाम चार बजे से अपलोड़ करना शुरू किया। जब निर्वाचन आयोग से दबाव आना शुरू हुआ तो आनन फानन में आधा दर्जन से ज्यादा आईटी विभाग के कर्मचारियों को लगाकर रात आठ बजे तक प्रत्याशियों को प्राप्त मतों को अपलोड किया गया।
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