{"_id":"59f6409c4f1c1bec538b9f8c","slug":"201509310620-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जल संरक्षण को विकल्प तलाशें, करें अमल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जल संरक्षण को विकल्प तलाशें, करें अमल
Updated Mon, 30 Oct 2017 02:27 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ। औद्योगिक क्रांति के इस दौर में बढ़ते जल प्रदूषण को रोकने के लिए हर व्यक्ति को न केवल विकल्प तलाशने होंगे, बल्कि उन पर अमल भी करना होगा।
रविवार को चौधरी चरण सिंह विवि में प्रकृति मंथन की ओर से एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन हुआ। जल प्रदूषण व प्रबंधन पर आयोजित इस संगोष्ठी में जल संरक्षण पर ये विचार पर्यावरणविद् डॉ. अनिल जोशी ने रखे। अध्यक्षता नजीबाबाद से पहुंचीं रश्मि अग्रवाल ने की। डॉ. जोशी ने जल के दूषित होने व प्रबंधन की जानकारी दी। विवि के कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने बढ़ते जल प्रदूषण को रोकने के विचार बताए। वनस्पति विज्ञान विभाग की प्रमुख प्रो. वाई विमला, पर्यावरण विज्ञान विभाग के हेड प्रो. एके. चौबे ने भी विचार रखे।
इस अवसर पर पुस्तक ‘पर्यावरण विकास और विनाश’ का लोकार्पण कि या गया। आयोजन में डॉ. राजेश बत्रा, डॉ. सुनीति शर्मा, डॉ. अमिता शर्मा को प्रकृति प्रहरी सम्मान से नवाजा गया। डॉ. सुबोध गर्ग, डॉ. एसडी गौड़, डॉ. अंजली दत्त, महेश चंद शर्मा, डॉ. ईश्वर सिंह, डॉ. सुमन वर्मा, विजय दत्त, अरुणा दलाल, निरुपमा, मनिका भारद्वाज, कनिका, गिरीश शुक्ला, प्रभात राय व विनायक उपस्थित रहे। संचालन मुकेश नादान ने किया।
खास बात
- जल संरक्षण व प्रबंधन पर पर्यावरणविद् डॉ. अनिल जोशी ने रखे विचार
- सीसीएसयू में हुआ संगोष्ठी का आयोजन
विज्ञापन
रविवार को चौधरी चरण सिंह विवि में प्रकृति मंथन की ओर से एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन हुआ। जल प्रदूषण व प्रबंधन पर आयोजित इस संगोष्ठी में जल संरक्षण पर ये विचार पर्यावरणविद् डॉ. अनिल जोशी ने रखे। अध्यक्षता नजीबाबाद से पहुंचीं रश्मि अग्रवाल ने की। डॉ. जोशी ने जल के दूषित होने व प्रबंधन की जानकारी दी। विवि के कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने बढ़ते जल प्रदूषण को रोकने के विचार बताए। वनस्पति विज्ञान विभाग की प्रमुख प्रो. वाई विमला, पर्यावरण विज्ञान विभाग के हेड प्रो. एके. चौबे ने भी विचार रखे।
इस अवसर पर पुस्तक ‘पर्यावरण विकास और विनाश’ का लोकार्पण कि या गया। आयोजन में डॉ. राजेश बत्रा, डॉ. सुनीति शर्मा, डॉ. अमिता शर्मा को प्रकृति प्रहरी सम्मान से नवाजा गया। डॉ. सुबोध गर्ग, डॉ. एसडी गौड़, डॉ. अंजली दत्त, महेश चंद शर्मा, डॉ. ईश्वर सिंह, डॉ. सुमन वर्मा, विजय दत्त, अरुणा दलाल, निरुपमा, मनिका भारद्वाज, कनिका, गिरीश शुक्ला, प्रभात राय व विनायक उपस्थित रहे। संचालन मुकेश नादान ने किया।
विज्ञापन
खास बात
- जल संरक्षण व प्रबंधन पर पर्यावरणविद् डॉ. अनिल जोशी ने रखे विचार
- सीसीएसयू में हुआ संगोष्ठी का आयोजन