{"_id":"5e011f928ebc3e87eb43d0e8","slug":"2-more-hospital-terminate-in-ayushman-panal-meerut-news-mrt4602502134","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेरठ : दो और अस्पतालों को आयुष्मान योजना के पैनल से हटाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेरठ : दो और अस्पतालों को आयुष्मान योजना के पैनल से हटाया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ। आयुष्मान भारत के तहत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से दो और अस्पतालों के नाम हटा दिए गए हैं। ये अस्पताल हैं, मंगल पांडे नगर स्थित मिम्हेंस न्यूरो अस्पताल और गढ़ रोड स्थित भाग्यश्री हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर। आयुष्मान भारत की नोडल अधिकारी और एसीएमओ डॉ. पूजा शर्मा ने बताया कि इन अस्पतालों ने किसी भी लाभार्थी का इलाज नहीं हुआ, जिस कारण इन्हें पैनल से हटा दिया गया है।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग लगातार योजना से जुड़े अस्पतालों की पड़ताल कर रहा है। मानकों के अलावा उनमें कितने मरीजों को इलाज मिला यह भी देखा जा रहा है। इस संबंध में मिम्हेंस अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि उनके अस्पताल का इस योजना में एग्रीमेंट नहीं हुआ था, नाम निकाला है या नहीं, इसकी जानकारी नहीं है। इस योजना के तहत आवेदन करने वाले 40 अस्पतालों-नर्सिंग होम के आवेदन पहले ही निरस्त किए जा चुके हैं, जबकि इसमें शामिल दृष्टि अस्पताल और सर्वोदय अस्पताल भी अपना-अपना नाम वापस ले चुके हैं। इनके अलावा तीन अन्य अस्पतालों पर पहले ही हटाए जाने की तलवार लटकी हुई है। 24 और 25 अक्तूबर तक जिले में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लिए नेशनल फ्रॉड यूनिट ने विभिन्न चिकित्सालयों का निरीक्षण किया था। मेडिकल ऑडिट में आनंद अस्पताल, जगदंबा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और अपुस नोवा मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल में कई अनियमितता मिली थीं। इन अस्पतालों को ऑडिट रिपोर्ट आने के बाद मानकों पर खरा उतरने के लिए सुधार की हिदायत दी गई थी। इन तीनों पर अभी संशय बरकरार है। शासन को इस संबंध में निर्णय लेना है।
102 अस्पतालों ने किए थे आवेदन
प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट आयुष्मान योजना में जनपद के 102 अस्पतालों-नर्सिंग होम ने आवेदन किए थे। स्वास्थ्य विभाग में 243 अस्पताल-नर्सिंग होम पंजीकृत हैं, जिनमें से 141 अस्पताल ऐसे हैं, जिन्होंने इस योजना में शामिल होना ही मुनासिब नहीं समझा।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग लगातार योजना से जुड़े अस्पतालों की पड़ताल कर रहा है। मानकों के अलावा उनमें कितने मरीजों को इलाज मिला यह भी देखा जा रहा है। इस संबंध में मिम्हेंस अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि उनके अस्पताल का इस योजना में एग्रीमेंट नहीं हुआ था, नाम निकाला है या नहीं, इसकी जानकारी नहीं है। इस योजना के तहत आवेदन करने वाले 40 अस्पतालों-नर्सिंग होम के आवेदन पहले ही निरस्त किए जा चुके हैं, जबकि इसमें शामिल दृष्टि अस्पताल और सर्वोदय अस्पताल भी अपना-अपना नाम वापस ले चुके हैं। इनके अलावा तीन अन्य अस्पतालों पर पहले ही हटाए जाने की तलवार लटकी हुई है। 24 और 25 अक्तूबर तक जिले में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लिए नेशनल फ्रॉड यूनिट ने विभिन्न चिकित्सालयों का निरीक्षण किया था। मेडिकल ऑडिट में आनंद अस्पताल, जगदंबा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और अपुस नोवा मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल में कई अनियमितता मिली थीं। इन अस्पतालों को ऑडिट रिपोर्ट आने के बाद मानकों पर खरा उतरने के लिए सुधार की हिदायत दी गई थी। इन तीनों पर अभी संशय बरकरार है। शासन को इस संबंध में निर्णय लेना है।
विज्ञापन
102 अस्पतालों ने किए थे आवेदन
प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट आयुष्मान योजना में जनपद के 102 अस्पतालों-नर्सिंग होम ने आवेदन किए थे। स्वास्थ्य विभाग में 243 अस्पताल-नर्सिंग होम पंजीकृत हैं, जिनमें से 141 अस्पताल ऐसे हैं, जिन्होंने इस योजना में शामिल होना ही मुनासिब नहीं समझा।
विज्ञापन