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प्लास्टिक प्रदूषण दिवस
Updated Thu, 31 May 2018 12:52 AM IST
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प्लास्टिक मुक्त पर्यावरण दिवस मनाया जाएगा
बिजनौर। पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस इस बार प्लास्टिक मुक्त पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया जाएगा। स्कूल-कॉलेजों के आसपास तालाबों और सिंचित जल के आसपास अभियान चलाकर प्लास्टिक एकत्र की जाएगी। स्कूल-कॉलेज में प्रयोग होने वाली प्लास्टिक पूरी तरह बंद की जाएगी।
प्लास्टिक भी पर्यावरण प्रदूषण का मुख्य कारण है। मिट्टी में कई साल तक यह गलती नहीं है। जलाने पर इसमें से जहरीली गैस निकलती हैं जो पर्यावरण को प्रदूषित करती हैं। प्रतिबंध होने के बाद भी प्लास्टिक का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है। पर्यावरण की सबसे बड़ी दुश्मन को छोड़ने के लिए जनता तैयार नहीं है। हर साल पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। इस साल विश्व पर्यावरण दिवस प्लास्टिक मुक्त पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया जाएगा। प्लास्टिक प्रदूषण को खत्म करने के लिए विद्यार्थियों को सीधे पर्यावरण स्वच्छता अभियान से जोड़ा जाएगा। पांच जून को जिले के सभी स्कूल-कॉलेज कॉलेज, तालाब, नहर या किसी प्रकार के संचित जल के क्षेत्र के पास अभियान चलाकर प्लास्टिक एकत्र की जाएगी। वहां के आसपास के दुकान वालों को प्लास्टिक न बेचने के प्रेरित किया जाएगा। स्कूल-कॉलेजों में प्लास्टिक से बनी पानी की बोतल, बैग, थर्माकोल कप, प्लास्टिक प्लेट, पानी के जग, प्लास्टिक फोल्डर आदि का प्रयोग बंद कराया जाएगा। एनसीसी और एनएसएस के विद्यार्थियों द्वारा गांव वालों में गोष्ठियां कर प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में बताया जाएगा। इस संबंध में वन विभाग के अधिकारियों ने विकास भवन में स्कूल-कॉलेज के प्रधानाचार्यों की बैठक ली है।
डीएफओ डा. एम सेम्मारन के मुताबिक प्लास्टिक से पर्यावरण को बहुत नुकसान है। विद्यार्थियों को अगर प्लास्टिक प्रदूषण मुक्ति से जोड़ा जाएगा तो यह अभियान जल्दी सार्थक होगा। सभी जिलेवासी अपनी जिम्मेदारी समझते जाए प्लास्टिक का प्रयोग बंद करें।
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बिजनौर। पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस इस बार प्लास्टिक मुक्त पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया जाएगा। स्कूल-कॉलेजों के आसपास तालाबों और सिंचित जल के आसपास अभियान चलाकर प्लास्टिक एकत्र की जाएगी। स्कूल-कॉलेज में प्रयोग होने वाली प्लास्टिक पूरी तरह बंद की जाएगी।
प्लास्टिक भी पर्यावरण प्रदूषण का मुख्य कारण है। मिट्टी में कई साल तक यह गलती नहीं है। जलाने पर इसमें से जहरीली गैस निकलती हैं जो पर्यावरण को प्रदूषित करती हैं। प्रतिबंध होने के बाद भी प्लास्टिक का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है। पर्यावरण की सबसे बड़ी दुश्मन को छोड़ने के लिए जनता तैयार नहीं है। हर साल पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। इस साल विश्व पर्यावरण दिवस प्लास्टिक मुक्त पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया जाएगा। प्लास्टिक प्रदूषण को खत्म करने के लिए विद्यार्थियों को सीधे पर्यावरण स्वच्छता अभियान से जोड़ा जाएगा। पांच जून को जिले के सभी स्कूल-कॉलेज कॉलेज, तालाब, नहर या किसी प्रकार के संचित जल के क्षेत्र के पास अभियान चलाकर प्लास्टिक एकत्र की जाएगी। वहां के आसपास के दुकान वालों को प्लास्टिक न बेचने के प्रेरित किया जाएगा। स्कूल-कॉलेजों में प्लास्टिक से बनी पानी की बोतल, बैग, थर्माकोल कप, प्लास्टिक प्लेट, पानी के जग, प्लास्टिक फोल्डर आदि का प्रयोग बंद कराया जाएगा। एनसीसी और एनएसएस के विद्यार्थियों द्वारा गांव वालों में गोष्ठियां कर प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में बताया जाएगा। इस संबंध में वन विभाग के अधिकारियों ने विकास भवन में स्कूल-कॉलेज के प्रधानाचार्यों की बैठक ली है।
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डीएफओ डा. एम सेम्मारन के मुताबिक प्लास्टिक से पर्यावरण को बहुत नुकसान है। विद्यार्थियों को अगर प्लास्टिक प्रदूषण मुक्ति से जोड़ा जाएगा तो यह अभियान जल्दी सार्थक होगा। सभी जिलेवासी अपनी जिम्मेदारी समझते जाए प्लास्टिक का प्रयोग बंद करें।
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