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पुलिस को नहीं मिली नकली रोडवेज बस
Updated Sun, 21 Jan 2018 02:01 AM IST
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नकली रोडवेज बसें सड़कों से गायब
मेरठ। दिल्ली रोड पर दौड़ रहीं नकली रोडवेज बसों पर कार्रवाई के लिए शनिवार को ट्रैफिक पुलिस ने अभियान चलाया। इस दौरान चालक नकली रोडवेज बसों को लेकर भाग निकले। तीन घंटे के अभियान में पुलिस को सिर्फ एक बस मिली, वह भी एक मैकेनिक के यहां रिपेयर हो रही थी।
दिल्ली रोड पर सोतीगंज, केसरगंज, रेलवे रोड चौराहे के आसपास व अन्य स्थानों से ये नकली रोडवेज बसें संचालित होती हैं। इन्हें देखकर यह जानकारी नहीं हो पाती कि ये रोडवेज की बस हैं या फिर डग्गामार। इन बसों पर उत्तर प्रदेश परिवहन की जगह कौशांबी मेट्रो, उत्तर प्रदेश परिवार, वैशाली मेट्रो जैसे शब्द लिखे हुए हैं, जिससे यात्री भ्रमित हो रहे हैं। इन बसों में यात्रियों के बैठते ही टिकट बना दिया जाता हैं, जिससे यात्री कुछ दूरी के बाद उतर भी न सके। इसके बाद ये जहां तहां बसों को रोकते हुए चलते हैं। यदि कोई यात्री विरोध कर दे तो उससे मारपीट तक की जाती है। बसों के चालक भी अनट्रेंड हैं। बीच सड़क पर ही बस को रोककर यात्रियों को बैठाया व उतारा जाता है। यदि ये नकली बस दुर्घटनाग्रस्त हो जाए तो यात्रियों को कोई मुआवजा भी नहीं मिलेगा। शनिवार को टीआई सुनील कुमार और टीएसआई डीडी दीक्षित दिल्ली रोड पर कई स्थानों पर पहुंचे, लेकिन बस नहीं मिलीं। एक बस मिली जिसकी पुलिस ने जांच पड़ताल की।
बस मिलते ही सीज किया जाएगा
एसपी ट्रैफिक संजीव बाजपेयी का कहना है रोडवेज जैसी दिखने वाली डग्गामार बसों के मामले में पुलिस कार्रवाई कर रही है। शनिवार को ट्रैफिक पुलिस की टीम कई स्थानों पर पहुंची। जो भी बस जहां मिलेगी उसे सीज कर दिया जाएगा।
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मेरठ। दिल्ली रोड पर दौड़ रहीं नकली रोडवेज बसों पर कार्रवाई के लिए शनिवार को ट्रैफिक पुलिस ने अभियान चलाया। इस दौरान चालक नकली रोडवेज बसों को लेकर भाग निकले। तीन घंटे के अभियान में पुलिस को सिर्फ एक बस मिली, वह भी एक मैकेनिक के यहां रिपेयर हो रही थी।
दिल्ली रोड पर सोतीगंज, केसरगंज, रेलवे रोड चौराहे के आसपास व अन्य स्थानों से ये नकली रोडवेज बसें संचालित होती हैं। इन्हें देखकर यह जानकारी नहीं हो पाती कि ये रोडवेज की बस हैं या फिर डग्गामार। इन बसों पर उत्तर प्रदेश परिवहन की जगह कौशांबी मेट्रो, उत्तर प्रदेश परिवार, वैशाली मेट्रो जैसे शब्द लिखे हुए हैं, जिससे यात्री भ्रमित हो रहे हैं। इन बसों में यात्रियों के बैठते ही टिकट बना दिया जाता हैं, जिससे यात्री कुछ दूरी के बाद उतर भी न सके। इसके बाद ये जहां तहां बसों को रोकते हुए चलते हैं। यदि कोई यात्री विरोध कर दे तो उससे मारपीट तक की जाती है। बसों के चालक भी अनट्रेंड हैं। बीच सड़क पर ही बस को रोककर यात्रियों को बैठाया व उतारा जाता है। यदि ये नकली बस दुर्घटनाग्रस्त हो जाए तो यात्रियों को कोई मुआवजा भी नहीं मिलेगा। शनिवार को टीआई सुनील कुमार और टीएसआई डीडी दीक्षित दिल्ली रोड पर कई स्थानों पर पहुंचे, लेकिन बस नहीं मिलीं। एक बस मिली जिसकी पुलिस ने जांच पड़ताल की।
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बस मिलते ही सीज किया जाएगा
एसपी ट्रैफिक संजीव बाजपेयी का कहना है रोडवेज जैसी दिखने वाली डग्गामार बसों के मामले में पुलिस कार्रवाई कर रही है। शनिवार को ट्रैफिक पुलिस की टीम कई स्थानों पर पहुंची। जो भी बस जहां मिलेगी उसे सीज कर दिया जाएगा।
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