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बाइक बोट स्कीम में रकम लगवाने के नाम पर 1.86 लाख रुपये हड़पे
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मेरठ। बाइक बोट स्कीम में रकम लगवाने के नाम पर ग्रामीण से उसके रिश्तेदार ने 1.86 लाख रुपये हड़प लिए। रकम वापस मांगने पर आरोपी ने रंगदारी मांगने का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत कर दी। गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। पीड़ित ने कोर्ट के आदेश पर बहसूमा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। इससे पहले बाइक बोट फर्जीवाड़े के 100 से अधिक केस गौतमबुद्ध नगर के दादरी थाने में दर्ज हुए थे।
अकबरपुर सादात निवासी अब्दुल गफ्फार ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में दिया था। इसमें बताया कि सात वर्ष पूर्व उसके मवाना निवासी रिश्तेदार मेहरूद्दीन ने बाइक बोट स्कीम की जानकारी दी थी। उसने बताया कि स्कीम में रुपये लगाने से दोगुना मुनाफा होता है। उसकी बातों में आकर अब्दुल गफ्फार ने दो बाइकों के 1.24 लाख रुपये मेहरुद्दीन को दे दिए। उसने अब्दुल गफ्फार को रसीद भी दी। सौ रुपये के स्टांप पर एग्रीमेंट भी कराया। एग्रीमेंट में लिखा था कि एक साल तक 19,700 रुपये प्रतिमाह दो बाइकों के किराए के मिलेंगे। रुपये मिलने शुरु नहीं हुए तो अब्दुल गफ्फार ने मेहरुद्दीन को बताया। इस पर मेहरुद्दीन ने कहा कि तीसरी बाइक के लिए 62,100 रुपये लगाने पर एक माह बाद 29,550 रुपये आने लगेंगे।
मेहरुद्दीन पर विश्वास कर अब्दुल गफ्फार ने 62,100 रुपये भी दे दिए। इसके बाद भी उसे रुपये नहीं मिले। आरोप है कि मेहरुद्दीन उसे गुमराह करता रहा। बाद में देश में लॉकडाउन लग गया। वह मेहरुद्दीन से अपनी रकम वापस लेने उसका घर गया तो आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। उसके खिलाफ दो लाख रुपये रंगदारी मांगने की झूठी शिकायत पुलिस से कर दी। 13 जून 2025 को मवाना से वापस लौटते हुए आरोपी ने अपने एक साथी के साथ रास्ते में रोक लिया। दो लाख रुपये न देने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित ने थाने में शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कोर्ट ने बहसूमा पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कर जांच करने के आदेश दिए थे। एसपी देहात राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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अकबरपुर सादात निवासी अब्दुल गफ्फार ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में दिया था। इसमें बताया कि सात वर्ष पूर्व उसके मवाना निवासी रिश्तेदार मेहरूद्दीन ने बाइक बोट स्कीम की जानकारी दी थी। उसने बताया कि स्कीम में रुपये लगाने से दोगुना मुनाफा होता है। उसकी बातों में आकर अब्दुल गफ्फार ने दो बाइकों के 1.24 लाख रुपये मेहरुद्दीन को दे दिए। उसने अब्दुल गफ्फार को रसीद भी दी। सौ रुपये के स्टांप पर एग्रीमेंट भी कराया। एग्रीमेंट में लिखा था कि एक साल तक 19,700 रुपये प्रतिमाह दो बाइकों के किराए के मिलेंगे। रुपये मिलने शुरु नहीं हुए तो अब्दुल गफ्फार ने मेहरुद्दीन को बताया। इस पर मेहरुद्दीन ने कहा कि तीसरी बाइक के लिए 62,100 रुपये लगाने पर एक माह बाद 29,550 रुपये आने लगेंगे।
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मेहरुद्दीन पर विश्वास कर अब्दुल गफ्फार ने 62,100 रुपये भी दे दिए। इसके बाद भी उसे रुपये नहीं मिले। आरोप है कि मेहरुद्दीन उसे गुमराह करता रहा। बाद में देश में लॉकडाउन लग गया। वह मेहरुद्दीन से अपनी रकम वापस लेने उसका घर गया तो आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। उसके खिलाफ दो लाख रुपये रंगदारी मांगने की झूठी शिकायत पुलिस से कर दी। 13 जून 2025 को मवाना से वापस लौटते हुए आरोपी ने अपने एक साथी के साथ रास्ते में रोक लिया। दो लाख रुपये न देने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित ने थाने में शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कोर्ट ने बहसूमा पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कर जांच करने के आदेश दिए थे। एसपी देहात राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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