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दिल में ही रह गए शादी के अरमान
Updated Fri, 31 Aug 2018 02:44 AM IST
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मेरठ। बुधवार रात दिल्ली रोड पर हुई दुर्घटना ने पांच परिवारों के सपने पल भर में चूर कर दिए। किसी ने बेटी को बुलंदियों तक पहुंचाने के सपने देखे थे तो किसी की शादी की तैयारी थी। लेकिन इस हादसे ने हंसते खेलते परिवारों की खुशियां छीन ली।
इस हादसे के शिकार हुए माधवपुरम के आंबेडकर नगर गली नंबर एक निवासी अरुण की टीपीनगर में रवि ट्रेडिंग के नाम से फर्म थी। परिजनों के अनुसार बुधवार रात अरुण खाना खाकर एचआरएस चौक तक घूमने गए थे। लेकिन वहीं पर कंटेनर की टक्कर से घायल हुए। तीन घंटे अस्पताल में मौत से संघर्ष किया लेकिन ईश्वर को कु छ ओर ही मंजूर था। परिजनों ने बताया कि अरुण का हाल ही में रिश्ता तय हो चुका था। गंगा स्नान के बाद शादी की डेट थी। लेकिन उनकी मौत ने खुशियां छीन ली।
मन में रह गई बेटी को पढ़ाने के सपने
हादसे में मारे गए मलियाना के शक्तिनगर निवासी रणवीर की पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी थी। बेटी को पढ़ा लिखाकर कामयाब बनाना चाहता था। आर्थिक तंगी की वजह से रात अपनी बेटी आंचल को भाई के यहां छोड़कर रात को रिक्शा चलाता था। बुधवार रात को वो सवारी के इंतजार में एचआरएस चौक के पास खड़ा था। कंटेनर ने ऐसी टक्कर मारी कि उसके सारे सपने पल भर में चूर हो गए। उसकी मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा है। परिवार में तीन भाई हैं और एक बहन है।
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रिक्शा में ही ली आखिरी नींद
हादसे का शिकार गणेशपुरी निवासी मदन अविवाहित था। गरीबी की वजह से रात को रिक्शा चलाता था। बुधवार रात वह एचआरएस चौक पर रिक्शा खड़ी कर लेटा था। तभी कंटेनर की टक्कर से रिक्शा के परखचे उड़ गए थे और मदन की मौत हो गई। परिजनों को बृहस्पतिवार सुबह उसकी मौत का पता चला। उन्होंने मोर्चरी में शव को पहचाना। उसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिवार में तीन भाई, छह भतीजे और तीन भतीजी हैं।
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इस हादसे के शिकार हुए माधवपुरम के आंबेडकर नगर गली नंबर एक निवासी अरुण की टीपीनगर में रवि ट्रेडिंग के नाम से फर्म थी। परिजनों के अनुसार बुधवार रात अरुण खाना खाकर एचआरएस चौक तक घूमने गए थे। लेकिन वहीं पर कंटेनर की टक्कर से घायल हुए। तीन घंटे अस्पताल में मौत से संघर्ष किया लेकिन ईश्वर को कु छ ओर ही मंजूर था। परिजनों ने बताया कि अरुण का हाल ही में रिश्ता तय हो चुका था। गंगा स्नान के बाद शादी की डेट थी। लेकिन उनकी मौत ने खुशियां छीन ली।
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मन में रह गई बेटी को पढ़ाने के सपने
हादसे में मारे गए मलियाना के शक्तिनगर निवासी रणवीर की पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी थी। बेटी को पढ़ा लिखाकर कामयाब बनाना चाहता था। आर्थिक तंगी की वजह से रात अपनी बेटी आंचल को भाई के यहां छोड़कर रात को रिक्शा चलाता था। बुधवार रात को वो सवारी के इंतजार में एचआरएस चौक के पास खड़ा था। कंटेनर ने ऐसी टक्कर मारी कि उसके सारे सपने पल भर में चूर हो गए। उसकी मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा है। परिवार में तीन भाई हैं और एक बहन है।
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रिक्शा में ही ली आखिरी नींद
हादसे का शिकार गणेशपुरी निवासी मदन अविवाहित था। गरीबी की वजह से रात को रिक्शा चलाता था। बुधवार रात वह एचआरएस चौक पर रिक्शा खड़ी कर लेटा था। तभी कंटेनर की टक्कर से रिक्शा के परखचे उड़ गए थे और मदन की मौत हो गई। परिजनों को बृहस्पतिवार सुबह उसकी मौत का पता चला। उन्होंने मोर्चरी में शव को पहचाना। उसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिवार में तीन भाई, छह भतीजे और तीन भतीजी हैं।