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सड़क पर नहीं उतरें शिक्षक ऐसी करेंगे व्यवस्था

Sun, 24 Jun 2018 02:20 AM IST
Updated Sun, 24 Jun 2018 02:20 AM IST
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सड़क पर नहीं उतरें शिक्षक ऐसी करेंगे व्यवस्था
मेरठ। उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के महासम्मेलन में कहा कि प्रदेश में जल्द 25 नए विद्यालय खोलने के साथ 35 हजार शिक्षकों की भर्ती होगी। हालांकि इस महासम्मेलन के बाद प्रेस वार्ता में उन्होंने 28 हजार शिक्षकों की भर्ती की बात कही।
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सीसीएसयू के सभागार में आयोजित सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि डॉ. शर्मा ने कहा कि वह चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा वित्तविहीन शिक्षक स्थायी शिक्षक हो जाए। वित्तविहीन व्यवस्था को समाप्त कर स्थायी हल निकाला जाएगा। ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि शिक्षक अपनी समस्याओं को लेकर सड़क पर न उतरें। पेंशन और स्थानांतरण की समस्या को दूर कर दिया गया है।
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कहा कि व्यावसायिक शिक्षकों के मानदेय में वृद्धि कर दी गई है, जिसे वह इस मंच से सार्वजनिक कर रहे हैं। इंटरमीडिएट तक पढ़ाने वाले टीचरों को अब 10 के बजाय 15 हजार, हाईस्कूल तक पढ़ाने वाले शिक्षकों को आठ के बजाय 12 हजार रुपये मिलेंगे। प्रति व्याख्यान 350 रुपये के बजाय 500 और 250 रुपये के बजाय 400 रुपये मिलेंगे। मेरठ मंडल में 13 मॉडल स्कूल खोले गए हैं। स्कूलों में 200 दिन की पढ़ाई और 20 दिन के रिवीजन के लिए सुनिश्चित करना लक्ष्य है। जिले के टॉप 10 में स्थान पाने वाले शिक्षकों और प्रधानाचार्य को राष्ट्रपति और राज्यपाल द्वारा सम्मानित किया जाएगा। वह नहीं चाहते कि शिक्षा में राजनीतिक हस्तक्षेप हो। विद्यालयों में पुरातन छात्र सम्मेलन और परिजनों व शिक्षकों के बीच त्रैमासिक बैठक हो। इस दौरान सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधायक सोमेंद्र तोमर, एमएलसी डॉ. सरोजिनी अग्रवाल, शिक्षक विधायक संजय मिश्रा, प्रांतीय अध्यक्ष उमेश द्विवेदी, रेनू मिश्रा, अशोक राठौर आदि मौजूद रहे।
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30 तक करें शिकायत
डिप्टी सीएम ने कहा कि शिक्षक तीस जून तक ऑनलाइन शिकायत भेज सकते हैं। एक से 15 जुलाई तक अभियान चलाकर सभी शिकायतें दूर की जाएंगी। शिक्षामित्रों की समस्याओं का भी निस्तारण करेंगे।
यह भी दी नजीर
डिप्टी सीएम ने कहा कि अमेरिका के एक प्रसिद्ध विद्यालय में करीब 34 प्रतिशत शिक्षक भारतीय थे। इन भारतीयों में 62 प्रतिशत उत्तर प्रदेश से थे।
आश्वासन ही मिला
सम्मेलन में मौजूद काफी शिक्षकों का कहना था कि उन्हें उप मुख्यमंत्री से जो उम्मीद थी, वह पूरी नहीं हो सकी। न तो पुरानी पेंशन बहाली व्यवस्था पर उन्होंने कुछ बोला और न ही वित्तविहीन शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही मांगों पर। बस आश्वासन ही मिला।
छात्रों ने किया बखेड़ा, पुलिस ने पकड़ा
मेरठ। उप मुख्यमंत्री एनएएस कॉलेज में माध्यमिक शिक्षक संघ के दो दिवसीय राज्य सम्मेलन में भी मुख्य अतिथि थे। उन्होंने संघ की मांगों को जल्द दूर करने का आश्वासन दिया। इस दौरान मेरठ सांसद के अलावा सांसद विजयपाल तोमर, एमएलसी हेमसिंह पुंडीर आदि मौजूद रहे।
इस दौरान विद्यालय के छात्रों ने डिप्टी सीएम को ज्ञापन देने की कोशिश की। लेकिन मंच तक नहीं जाने देने पर हंगामा कर दिया। आरोप लगाया कि मंच संचालन कर रहे एक व्यक्ति ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। समाजवादी छात्र सभा से शबाब आलम, एबीवीपी से ऋषभ सिंह, एनएसयूआई से नीतिश भारद्वाज, एबीवीपी से पीयूष गोयल और शुभम शर्मा को सिविल लाइन पुलिस पकड़कर ले गई। जिन्हें करीब पांच घंटे बाद छोड़ा गया।

गर्मी से परेशान होकर जतायी नाराजगी
एनएएस कॉलेज और फिर सीसीएसयू के सभागार में उप मुख्यमंत्री पसीनों से तरबतर हो गए। वह एनएएस कॉलेज में भाषण के दौरान पसीना पोंछते रहे। लोग भी पसीना-पसीना थे। फिर सीसीएसयू सभागार में उन्होंने गर्मी से परेशान होकर वीसी से भी नाराजगी जताई। दरअसल, सभागार में एसी ही नहीं लगे हैं।

खास बातें:
माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के महासम्मेलन में बोले डिप्टी सीएम
व्यावसायिक शिक्षकों के मानदेय में की वृद्धि
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