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कचहरी क्राइम
Updated Wed, 25 Apr 2018 02:56 AM IST
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मेरठ। नौ साल पहले हुए मुस्तकीम हत्याकांड में मंगलवार को कोर्ट ने महिला समेत तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 15-15 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। आरोपियों ने हत्या के साक्ष्य मिटाए थे, लेकिन पुलिस ने उनको जुटाकर कोर्ट में प्रस्तुत किया।
नौचंदी थाने में तीन दिसंबर 2009 को मुस्तकीम की गुमशुदगी उसके बेटे शाहिद निवासी लिसाड़ीगेट ने दर्ज कराई थी। नौचंदी के ढिबाई नगर के नाले में मुस्तकीम का शव मिला था। उसका सिर नहीं मिला था, परिजनों ने कपड़े और शरीर से उसकी पहचान की थी। पुलिस ने मामले में जाहिदपुर खरखौदा निवासी शाहिद पुत्र निसार, हसीनुद्दीन पुत्र हैदर अली, आयशा पत्नी हसीनुद्दीन निवासी आशियाना कॉलोनी लिसाड़ीगेट के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। जिसकी सुनवाई अपर जिला जज कोर्ट संख्या एक के न्यायालय में की गई। जहां पर सरकारी वकील सिराजुद्दीन अलवी ने मुस्तकीम के बेटे वादी शाहिद सहित 11 गवाह अदालत में पेश किए। जिनके बयानों के आधार पर अदालत ने हसीनुद्दीन, आयशा व शाहिद को हत्या व साक्ष्य मिटाने का दोषी पाते हुए सजा सुनाई। साथ ही कहा कि अर्थदंड की राशि अदा न करने पर प्रत्येक को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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नौचंदी थाने में तीन दिसंबर 2009 को मुस्तकीम की गुमशुदगी उसके बेटे शाहिद निवासी लिसाड़ीगेट ने दर्ज कराई थी। नौचंदी के ढिबाई नगर के नाले में मुस्तकीम का शव मिला था। उसका सिर नहीं मिला था, परिजनों ने कपड़े और शरीर से उसकी पहचान की थी। पुलिस ने मामले में जाहिदपुर खरखौदा निवासी शाहिद पुत्र निसार, हसीनुद्दीन पुत्र हैदर अली, आयशा पत्नी हसीनुद्दीन निवासी आशियाना कॉलोनी लिसाड़ीगेट के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। जिसकी सुनवाई अपर जिला जज कोर्ट संख्या एक के न्यायालय में की गई। जहां पर सरकारी वकील सिराजुद्दीन अलवी ने मुस्तकीम के बेटे वादी शाहिद सहित 11 गवाह अदालत में पेश किए। जिनके बयानों के आधार पर अदालत ने हसीनुद्दीन, आयशा व शाहिद को हत्या व साक्ष्य मिटाने का दोषी पाते हुए सजा सुनाई। साथ ही कहा कि अर्थदंड की राशि अदा न करने पर प्रत्येक को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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