{"_id":"59a86f1d4f1c1be3278b4ab2","slug":"181504210717-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पॉलीथिन के प्रयोग पर आज से प्रतिबंध, लगेगा जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पॉलीथिन के प्रयोग पर आज से प्रतिबंध, लगेगा जुर्माना
Updated Fri, 01 Sep 2017 01:48 AM IST
विज्ञापन
मेरठ। शहर के नाले-नालियों और सीवर लाइन को चोक करने और पर्यावरण को दूषित करने वाली पॉलीथिन के प्रयोग पर आज एक सितंबर से प्रतिबंध लग गया है। एनजीटी के आदेश का शासन ने सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम ने पॉलीथिन का इस्तेमाल करते पाए जाने पर 5 हजार से 20 हजार तक और खुले में शौच करने वालों पर 500 रुपये से 5 हजार रुपये तक जुर्माना लगाने की घोषणा की है।
लंबे समय से दुकानों और अन्य स्थानों पर पर हो रहे पॉलीथिन बैग के प्रयोग ने शहर के ड्रेनेज सिस्टम को तबाह कर दिया है। पॉलीथिन अटकने के चलते शहर के नाले व नालियां बिना बरसात के भी चोक होती रहती हैं। जिससे भीषण जलभराव की समस्या पैदा होती है। ड्रेनेज व ईको सिस्टम को बचाने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने इसके प्रयोग पर प्रतिबंध लगाने के आदेश दिए थे। लेकिन नगर निगम व जिला प्रशासन की हीला हवाली के चलते आदेश बेअसर साबित हुए। पॉलीथिन पर बैन लगाने और इसका प्रयोग रोकने के लिए समय-समय पर सामाजिक संगठन भी आंदोलन चलाते रहते हैं। लेकिन दुकानदारों ने इसका प्रयोग बंद नहीं किया।
मंडलायुक्त ने अपनाया सख्त रुख
प्रधानमंत्री के स्वच्छता मिशन के तहत प्रदेश की योगी सरकार ने भी पॉलीथिन पर बैन लगा दिया। लेकिन इसका कड़ाई से पालन नहीं कराया जा रहा है। एनजीटी के आदेश और योगी सरकार के निर्देश के बाद मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने इस पर सख्त रुख अपनाया है। मंडलायुक्त ने एक सितंबर से शहर को पॉलीथिन मुक्त करने के निर्देश दिए थे। मंडलायुक्त का कहना था कि शहर को पॉलीथिन मुक्त करके न केवल स्वच्छता मिशन को आगे बढ़ाया जा सकता है बल्कि शहर को बिना बारिश के ही गंदा होने से बचाया जा सकता है। पॉलीथिन हमारे ईको सिस्टम को भी बर्बाद कर रही है। इनके खेतों तक पहुंचने से फसल उत्पादन पर भी प्रभाव पड़ रहा है। मवेशियों के पेट में जाने से वे उम्र से पहले ही बांझपन का शिकार हो रहे हैं।
विज्ञापन
निगम ने किया शहर में प्रचार
नगर निगम ने जहां पॉलीथिन के प्रयोग और खुले में शौच पर जुर्माना तय किया है, तो बृहस्पतिवार को शहरवासियों को जागरूक करने के लिए इन आदेशों का शहर में प्रचार किया गया। ताकि कोई भी जानकारी नहीं होने की बात न कह सके। नगरायुक्त मनोज चौहान व निगम कार्यकारिणी अध्यक्ष हरिकांत अहलूवालिया ने कहा कि शहर को सुंदर बनाने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। लोगों को भी पॉलीथिन व खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए अपना सहयोग देना होगा।
पॉलीथिन मुक्त शहर के लिए आगे आए संगठन
मेरठ। शहर को पॉलीथिन मुक्त कराने के लिए संगठन भी आगे आ रहे हैं। पहल एक प्रयास, सिटी फाउंडेशन, सच संस्था, भारतीय किसान आंदोलन आदि संस्थाओं ने शहरवासियों व दुकानदारों से पॉलीथिन का उपयोग नहीं करने की अपील की है। संस्थाओं ने नगर निगम व जिला प्रशासन को इस कार्य में पूरा साथ देने का भी वादा किया है। सिटी फाउंडेशन संस्था ने बृहस्पतिवार को हनुमान चौक से लेकर शिव चौक बांबे बाजार चौराहे तक नागरिकों को पॉलीथिन से होने वाले नुकसान की जानकारी दी। संस्था अध्यक्ष हसीन अहमद सैफी और कार्यकर्ताओं ने दुकानदारों व ठेले वालों को गुलाब का फूल देकर गांधी गिरी की और पॉलीथिन इस्तेमाल नहीं करने की अपील की। संस्था कार्यकर्ताओं ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को जागृत करने की भी घोषणा की। सभासद धर्मेंद्र सोनकर व नीरज राठौर ने वार्ड में पॉलीथिन के खिलाफ अभियान चलाने की घोषणा की। इस दौरान सलीम सैफी, शिवकुमार यादव, वीरेंद्र कनौजिया, ज्ञानचंद ठेकेदार, राजू सरदार, सुहालीन सैफी, आदिल आदि मौजूद रहे।
खास बात
05 से 20 हजार तक लगेगा पॉलीथिन का प्रयोग करने पर जुर्माना
500 से दो हजार रुपये तक भरना पड़ेगा खुले में शौच करने पर दंड
- एनजीटी के आदेश को शासन ने सख्ती से पालन करने के दिए निर्देश
- मंडलायुक्त ने एक सितंबर से पॉलीथिन पर रोक लगाने के दिए हैं आदेश
- नगर निगम ने कसी कमर, शहर में किया आदेशों का पालन करने का एलान
विज्ञापन
लंबे समय से दुकानों और अन्य स्थानों पर पर हो रहे पॉलीथिन बैग के प्रयोग ने शहर के ड्रेनेज सिस्टम को तबाह कर दिया है। पॉलीथिन अटकने के चलते शहर के नाले व नालियां बिना बरसात के भी चोक होती रहती हैं। जिससे भीषण जलभराव की समस्या पैदा होती है। ड्रेनेज व ईको सिस्टम को बचाने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने इसके प्रयोग पर प्रतिबंध लगाने के आदेश दिए थे। लेकिन नगर निगम व जिला प्रशासन की हीला हवाली के चलते आदेश बेअसर साबित हुए। पॉलीथिन पर बैन लगाने और इसका प्रयोग रोकने के लिए समय-समय पर सामाजिक संगठन भी आंदोलन चलाते रहते हैं। लेकिन दुकानदारों ने इसका प्रयोग बंद नहीं किया।
विज्ञापन
मंडलायुक्त ने अपनाया सख्त रुख
प्रधानमंत्री के स्वच्छता मिशन के तहत प्रदेश की योगी सरकार ने भी पॉलीथिन पर बैन लगा दिया। लेकिन इसका कड़ाई से पालन नहीं कराया जा रहा है। एनजीटी के आदेश और योगी सरकार के निर्देश के बाद मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने इस पर सख्त रुख अपनाया है। मंडलायुक्त ने एक सितंबर से शहर को पॉलीथिन मुक्त करने के निर्देश दिए थे। मंडलायुक्त का कहना था कि शहर को पॉलीथिन मुक्त करके न केवल स्वच्छता मिशन को आगे बढ़ाया जा सकता है बल्कि शहर को बिना बारिश के ही गंदा होने से बचाया जा सकता है। पॉलीथिन हमारे ईको सिस्टम को भी बर्बाद कर रही है। इनके खेतों तक पहुंचने से फसल उत्पादन पर भी प्रभाव पड़ रहा है। मवेशियों के पेट में जाने से वे उम्र से पहले ही बांझपन का शिकार हो रहे हैं।
विज्ञापन
निगम ने किया शहर में प्रचार
नगर निगम ने जहां पॉलीथिन के प्रयोग और खुले में शौच पर जुर्माना तय किया है, तो बृहस्पतिवार को शहरवासियों को जागरूक करने के लिए इन आदेशों का शहर में प्रचार किया गया। ताकि कोई भी जानकारी नहीं होने की बात न कह सके। नगरायुक्त मनोज चौहान व निगम कार्यकारिणी अध्यक्ष हरिकांत अहलूवालिया ने कहा कि शहर को सुंदर बनाने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। लोगों को भी पॉलीथिन व खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए अपना सहयोग देना होगा।
पॉलीथिन मुक्त शहर के लिए आगे आए संगठन
मेरठ। शहर को पॉलीथिन मुक्त कराने के लिए संगठन भी आगे आ रहे हैं। पहल एक प्रयास, सिटी फाउंडेशन, सच संस्था, भारतीय किसान आंदोलन आदि संस्थाओं ने शहरवासियों व दुकानदारों से पॉलीथिन का उपयोग नहीं करने की अपील की है। संस्थाओं ने नगर निगम व जिला प्रशासन को इस कार्य में पूरा साथ देने का भी वादा किया है। सिटी फाउंडेशन संस्था ने बृहस्पतिवार को हनुमान चौक से लेकर शिव चौक बांबे बाजार चौराहे तक नागरिकों को पॉलीथिन से होने वाले नुकसान की जानकारी दी। संस्था अध्यक्ष हसीन अहमद सैफी और कार्यकर्ताओं ने दुकानदारों व ठेले वालों को गुलाब का फूल देकर गांधी गिरी की और पॉलीथिन इस्तेमाल नहीं करने की अपील की। संस्था कार्यकर्ताओं ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को जागृत करने की भी घोषणा की। सभासद धर्मेंद्र सोनकर व नीरज राठौर ने वार्ड में पॉलीथिन के खिलाफ अभियान चलाने की घोषणा की। इस दौरान सलीम सैफी, शिवकुमार यादव, वीरेंद्र कनौजिया, ज्ञानचंद ठेकेदार, राजू सरदार, सुहालीन सैफी, आदिल आदि मौजूद रहे।
खास बात
05 से 20 हजार तक लगेगा पॉलीथिन का प्रयोग करने पर जुर्माना
500 से दो हजार रुपये तक भरना पड़ेगा खुले में शौच करने पर दंड
- एनजीटी के आदेश को शासन ने सख्ती से पालन करने के दिए निर्देश
- मंडलायुक्त ने एक सितंबर से पॉलीथिन पर रोक लगाने के दिए हैं आदेश
- नगर निगम ने कसी कमर, शहर में किया आदेशों का पालन करने का एलान