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बन गए सब इंस्पेक्टर, साइड स्टोरी

Tue, 29 Aug 2017 02:28 AM IST
Updated Tue, 29 Aug 2017 02:28 AM IST
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बन गए सब इंस्पेक्टर,  साइड स्टोरी
शपथ ली तो छलक पड़े खुशी के आंसू
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मेरठ। कड़ी मेहनत और परिश्रम के बाद सब इंस्पेक्टर बने 517 अभ्यर्थियों ने जैसे ही पद और गोपनीयता की शपथ ली तो वहां बैठे उनके परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। समारोह खत्म हुआ तो ये युवा सब इंस्पेक्टर परिजनों की ओर दौड़ गए। माता पिता के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। पास खड़ी पत्नी और बच्चों को गले लगाया। कुछ के तो सास ससुर भी आए थे।

पापा की इच्छा पूरी करने की खुशी
बुलंदशहर के नीरज कुमार ने बताया कि उनके पिता धर्मपाल सिंह चाहते थे कि वो बड़ा होकर सेना या पुलिस में जाए। उन्होंने पीजी कराई, लेकिन 2010 में उनका निधन हो गया। इसके बाद उन्होंने पापा का सपना पूरा करने की ठानी। 2011 में ये नियुक्तियां निकलीं। वह पास हो गया, लेकिन सरकार ने निरस्त कर दी। कोर्ट में मामला गया। उसे लगा कि शायद पापा का सपना अधूरा रह जाएगा, लेकिन उनकी दुआएं साथ थीं। उसे खुशी है कि आज उसने पापा का सपना पूरा कर दिया।
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मामा ने किया प्रेरित
हाथरस जिले के गांव शादाबाद गुमानगढ़ी के विपिन गौतम किसान परिवार से हैं। खेती ही परिवार की आय का साधन है। वह पोस्ट ग्रेजुएट था तो अलीगढ़ में तैनात उसके सब इंस्पेक्टर मामा ने उसे दरोगा परीक्षा के लिए प्रेरित किया। उसने कोचिंग की। दिन रात पढ़ा और सफल हुआ। उसकी कामयाबी के मौके पर उसके पिता राजबीर ,मां सुमन, पत्नी भावना के अलावा सास ओर ससुर भी आए थे।
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मामला कोर्ट में गया तो मायूस हो गए थे
बुलंदशहर के गांव सेगा निवासी मोहित के पिता देवपाल बागपत में सब इंस्पेक्टर हैं। मोहित ने बताया कि पिता चाहते थे कि वो पुलिस महकमे में आए। उसने भी उनकी इच्छा का सम्मान किया। मोहित के अनुसार मामला कोर्ट में चला गया था तो एक बार तो वे मायूस हो गए थे, लेकि न उनके सभी साथियों ने कोर्ट में मजबूती से पैरवी की जिसका नतीजा आज सामने है। उनके पिता के अलावा पत्नी राखी और दो बेटे आरव और अर्णव भी साथ थे। उन्हें गले से लगाकर खुशी मनाई।

पूरी हो गई माता-पिता का इच्छा
गोंडा के राजू तिवारी का परिवार कई साल पहले गाजियाबाद में शिफ्ट हो गया था। वहीं से पीजी की। पिता रामदत्त पावलूम में प्राइवेट नौकरी करते हैं और मां मालती ग्रहणी हैं। माता पिता की इच्छा थी कि वह सरकारी नौकरी करे। उसने भी मेहनत की। पीजी के बाद कोचिंग की और दारोगा भर्ती की परीक्षा दी और सफल हुआ। रिश्तेदारों का दबाव बढ़ा तो प्रशिक्षण के दौरान ही शादी तय हो गई। बमुश्किल उच्चाधिकारियों से अनुमति लेकर शादी की। पत्नी अर्चना योगा टीचर है।


सेल्फी ली और वीडियो भी बनाई
समारोह के बाद परिवार और रिश्तेदारों ने खुशी के ये पल कैमरे में कैद किए। सब इंस्पेक्टर बने बेटे के साथ लोग सेल्फी ले रहे थे तो कोई फोटोग्राफी करा रहा था। बहुत से लोगों ने वीडियो भी बनवाई। लोग फोटो और वीडियो को अपने रिश्तेदारों को भी भेज रहे थे।

खास बात
सब इंस्पेक्टर बनने के बाद परिवार और रिश्तेदारों ने मिलकर मनाई खुशी
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