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महिला अपराध के लिए वुमन सेल
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- अपहरण, छेड़छाड़, महिला उत्पीड़न के मामलों के लिए अलग सेल का किया गया गठन
- माह में दो बार होगी सभी थाना पुलिस के साथ बैठक, एसएसपी ने सीओ को दी जिम्मेदारी
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। महिला अपराध के लिए अलग से वुमन सेल बनाई गई है। शहर और देहात में होने वाले महिला अपराध के मामलों की यही सेल अलग से जांच करेगी। इस मामले में एसएसपी नितिन तिवानी ने सभी एडिशनल एसपी, सीओ के साथ मीटिंग की। वुमन सेल की मॉनिटरिंग आईपीएस अधिकारी अविनाश पांडेय को दी गई है।
क्राइम ब्रांच की इनवेस्टिगेशन विंग की तरह ही वूमन सेल काम करेगी। पुलिस लाइन में क्राइम ब्रांच के भवन में ही दिन में वुमन सेल जिले में होने वाले महिला अपराध के मामलों की रिपोर्ट तैयार कर सभी सीओ, एडिशनल एसपी और एसएसपी के पास भेजेगी। एक महिला एसआई, एक हेडकांस्टेबल और तीन कांस्टेबल अभी इसमें नियुक्त किए गए हैं। शहर और देहात के सभी थाना क्षेत्र में जो भी महिला संबंधी अपराध होगा। उनकी थानों से रिपोर्ट तैयार करेंगी। सेल की तरफ से सभी थानों को प्रत्येक सप्ताह पत्र लिखकर दर्ज मुकदमों की रिपोर्ट मांगी जाएगी। एसपी देहात ने सभी थानों से लापता लड़कियों, अपहरण और महिला अपराध की रिपोर्ट मांगी है। वहीं माह में दो बार मीटिंग होगी।
नारी निकेतन में भी जांच
नारी निकेतन और रामानुज वैश्य अनाथालय में भी भी प्रत्येक माह एडिशनल एसपी और प्रशासनिक अधिकारी महिला पुलिस के साथ जांच करेंगे। यदि किसी भी लड़की की कोई समस्या है तो उसकी जांच कर समाधान कराया जाएगा।
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तीन अन्य सेल भी गठित
तीन अन्य सेल भी गठित की गई हैं। रंगदारी, धमकी के मामलों के लिए एंटी एक्सटॉरशन सेल का गठन किया गया है। वहीं मोबाइल स्नेचिंग और लूट के लिए स्माइल क्राइम यूनिट गठित कर पांच पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। लूट, अपहरण और डकैती जैसे संगीन मामलों के लिए मेजर क्राइम टीम सेल भी गठित की गई हैं। इनमें सर्विलांस और साइबर सेल को भी जिम्मेदारी दी गई है।
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कोट...
जिम्मेदारी तय की
महिलाओं के साथ होने वाले अपराध के मामलों की जांच को लेकर अलग सेल बनाई गई है। शासन की प्राथमिकता है कि महिलाओं के मामलों में पुलिस तुरंत जांच कर कार्रवाई करें। इसमें सभी की अलग अलग जिम्मेदारी निर्धारित की गई है। -अविनाश पांडेय, एसपी देहात
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- माह में दो बार होगी सभी थाना पुलिस के साथ बैठक, एसएसपी ने सीओ को दी जिम्मेदारी
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। महिला अपराध के लिए अलग से वुमन सेल बनाई गई है। शहर और देहात में होने वाले महिला अपराध के मामलों की यही सेल अलग से जांच करेगी। इस मामले में एसएसपी नितिन तिवानी ने सभी एडिशनल एसपी, सीओ के साथ मीटिंग की। वुमन सेल की मॉनिटरिंग आईपीएस अधिकारी अविनाश पांडेय को दी गई है।
क्राइम ब्रांच की इनवेस्टिगेशन विंग की तरह ही वूमन सेल काम करेगी। पुलिस लाइन में क्राइम ब्रांच के भवन में ही दिन में वुमन सेल जिले में होने वाले महिला अपराध के मामलों की रिपोर्ट तैयार कर सभी सीओ, एडिशनल एसपी और एसएसपी के पास भेजेगी। एक महिला एसआई, एक हेडकांस्टेबल और तीन कांस्टेबल अभी इसमें नियुक्त किए गए हैं। शहर और देहात के सभी थाना क्षेत्र में जो भी महिला संबंधी अपराध होगा। उनकी थानों से रिपोर्ट तैयार करेंगी। सेल की तरफ से सभी थानों को प्रत्येक सप्ताह पत्र लिखकर दर्ज मुकदमों की रिपोर्ट मांगी जाएगी। एसपी देहात ने सभी थानों से लापता लड़कियों, अपहरण और महिला अपराध की रिपोर्ट मांगी है। वहीं माह में दो बार मीटिंग होगी।
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नारी निकेतन में भी जांच
नारी निकेतन और रामानुज वैश्य अनाथालय में भी भी प्रत्येक माह एडिशनल एसपी और प्रशासनिक अधिकारी महिला पुलिस के साथ जांच करेंगे। यदि किसी भी लड़की की कोई समस्या है तो उसकी जांच कर समाधान कराया जाएगा।
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तीन अन्य सेल भी गठित
तीन अन्य सेल भी गठित की गई हैं। रंगदारी, धमकी के मामलों के लिए एंटी एक्सटॉरशन सेल का गठन किया गया है। वहीं मोबाइल स्नेचिंग और लूट के लिए स्माइल क्राइम यूनिट गठित कर पांच पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। लूट, अपहरण और डकैती जैसे संगीन मामलों के लिए मेजर क्राइम टीम सेल भी गठित की गई हैं। इनमें सर्विलांस और साइबर सेल को भी जिम्मेदारी दी गई है।
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कोट...
जिम्मेदारी तय की
महिलाओं के साथ होने वाले अपराध के मामलों की जांच को लेकर अलग सेल बनाई गई है। शासन की प्राथमिकता है कि महिलाओं के मामलों में पुलिस तुरंत जांच कर कार्रवाई करें। इसमें सभी की अलग अलग जिम्मेदारी निर्धारित की गई है। -अविनाश पांडेय, एसपी देहात