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कूड़ा उठाने में पहले ही दिन फूली निगम मशीनरी की सांस
Updated Sun, 02 Sep 2018 02:32 AM IST
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मेरठ। महानगर के ढलावघरों पर जमा करीब आठ हजार मीट्रिक टन कूड़ा दो दिनों में साफ करने के लक्ष्य के सामने नगर निगम मशीनरी की पहले ही दिन सांस फूल गई। शनिवार सुबह छह बजे से नगर निगम की गाड़ियां गांवड़ी तक कूड़ा पहुंचाने में जुट गईं। लेकिन लगातार 12 घंटे काम करने के बाद भी केवल 1200 मीट्रिक टन कूड़ा ही उठ पाया। पूरे शहर में अभी भी कूड़े के ढेर लगे हैं। माना जा रहा है कि करीब 15 दिनों में शहर पूरी तरह से कूड़े से मुक्त हो पाएगा।
शहर में कूड़ा उठान पिछले आठ दिनों से ध्वस्त चल रहा है। शनिवार दोपहर तक सभी ढलावघरों के बाहरी मार्गों पर कूड़ा डाला गया। जिसके कारण मार्ग पर यातायात पूरी तरह बंद हो गया। शाम के समय उठाए गए कूड़े के बाद सड़कों का यातायात सुचारु हो सका। हालांकि ढलाव घर पूरी तरह कूड़े से मुक्त नहीं हो पाए हैं। जिससे स्पष्ट है कि रविवार की सुबह फिर कूड़ा घरों के बाहर सड़क पर कूड़े के ढेर लग जाएंगे। शनिवार को घंटाघर से निकलने वाले कोटला नाले की पटरी की बात करें तो हालत यह रही कि कूड़े के कारण मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। मार्ग किनारे मसाले पीसने वाली चक्की की दुकानों तक गंदगी पहुंच गयी। व्यापारियों को अपने प्रतिष्ठान बंद करने पड़े। उधर, खत्ता रोड पर ढलावघर कूड़े से फुल हो गया। कूड़ा मार्ग पर आने के बाद यातायात बाधित हो गया। जिसको लेकर स्थानीय लोगों ने हंगामा कर दिया। काफी देर तक निगम की गाड़ी को कूड़ा नहीं उठाने दिया।
तो भी 15 दिन में सुधरेगी व्यवस्था
नगर निगम ने जिस प्रकार शनिवार को समस्त अमला ढलावघरों से कूड़ा उठाने में लगाया, अगर इसी प्रकार काम किया गया तो भी नहीं लगता कि 15 दिन में व्यवस्था सुधर पाएगी। क्योंकि ढलाव घरों पर इतना कूड़ा जमा है कि दो-चार दिन में नहीं उठ पाएगा। प्रतिदिन 800 मीट्रिक टन कूड़ा शहर की गलियों से निकल रहा है। वह ढलाव घरों पर ही जमा किया जाता है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहर में कूड़े की स्थिति क्या है।
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डोर-टू-डोर कूड़ा लेने पहुंची गाड़ियां
शहर में घर-घर से कूड़ा उठाने के लिए 45 गाड़ियां उतरी गई हैं। 30 वार्डों ये गाड़ी घर-घर से कूड़ा उठा रही हैं। हालांकि तीन दिन में ये गाड़ियां संबंधित वार्ड की प्रत्येक गली में भी नहीं पहुंच पायी हैं। गाड़ी चालक कम से कम एक माह में वार्ड की भौगोलिक स्थिति को पहचान पाएंगे। उसके बाद ही डोर-टू-डोर व्यवस्था पटरी पर दिखाई देगी।
आज गांवड़ी में महापंचायत, निगम के छूटे पसीने
मेरठ। गांवड़ी डंपिंग ग्राउंड पर आज आठ गांवों की पंचायत का एलान किया हुआ है। माना जा रहा है कि अगर पंचायत में ग्रामीणों ने डंपिंग ग्राउंड पर कूड़ा न डालने का निर्णय लिया तो निगम के लिए बड़ा सिरदर्द पैदा हो सकता है। इसको लेकर नगर निगम के पसीने छूटे हुए हैं। यही कारण है कि शनिवार को दिन भर कूड़ा गाड़ियां दौड़ीं।
युद्ध स्तर पर चल रहा काम
शहर से कूड़ा उठाने का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। पूरे दिन कूड़ा उठाया गया। अधिकतर ढलावघरों को साफ कर दिया है। ग्रामीणों से वार्ता हो चुकी है। ग्रामीणों के हितों को भी ध्यान में रखकर कदम उठाया जाएगा। शासन में बात हो चुकी है। शीघ्र ही कूड़ा निस्तारण प्लांट भी लगाया जाएगा।
-मनोज कुमार चौहान, नगरायुक्त
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शहर में कूड़ा उठान पिछले आठ दिनों से ध्वस्त चल रहा है। शनिवार दोपहर तक सभी ढलावघरों के बाहरी मार्गों पर कूड़ा डाला गया। जिसके कारण मार्ग पर यातायात पूरी तरह बंद हो गया। शाम के समय उठाए गए कूड़े के बाद सड़कों का यातायात सुचारु हो सका। हालांकि ढलाव घर पूरी तरह कूड़े से मुक्त नहीं हो पाए हैं। जिससे स्पष्ट है कि रविवार की सुबह फिर कूड़ा घरों के बाहर सड़क पर कूड़े के ढेर लग जाएंगे। शनिवार को घंटाघर से निकलने वाले कोटला नाले की पटरी की बात करें तो हालत यह रही कि कूड़े के कारण मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। मार्ग किनारे मसाले पीसने वाली चक्की की दुकानों तक गंदगी पहुंच गयी। व्यापारियों को अपने प्रतिष्ठान बंद करने पड़े। उधर, खत्ता रोड पर ढलावघर कूड़े से फुल हो गया। कूड़ा मार्ग पर आने के बाद यातायात बाधित हो गया। जिसको लेकर स्थानीय लोगों ने हंगामा कर दिया। काफी देर तक निगम की गाड़ी को कूड़ा नहीं उठाने दिया।
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तो भी 15 दिन में सुधरेगी व्यवस्था
नगर निगम ने जिस प्रकार शनिवार को समस्त अमला ढलावघरों से कूड़ा उठाने में लगाया, अगर इसी प्रकार काम किया गया तो भी नहीं लगता कि 15 दिन में व्यवस्था सुधर पाएगी। क्योंकि ढलाव घरों पर इतना कूड़ा जमा है कि दो-चार दिन में नहीं उठ पाएगा। प्रतिदिन 800 मीट्रिक टन कूड़ा शहर की गलियों से निकल रहा है। वह ढलाव घरों पर ही जमा किया जाता है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहर में कूड़े की स्थिति क्या है।
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डोर-टू-डोर कूड़ा लेने पहुंची गाड़ियां
शहर में घर-घर से कूड़ा उठाने के लिए 45 गाड़ियां उतरी गई हैं। 30 वार्डों ये गाड़ी घर-घर से कूड़ा उठा रही हैं। हालांकि तीन दिन में ये गाड़ियां संबंधित वार्ड की प्रत्येक गली में भी नहीं पहुंच पायी हैं। गाड़ी चालक कम से कम एक माह में वार्ड की भौगोलिक स्थिति को पहचान पाएंगे। उसके बाद ही डोर-टू-डोर व्यवस्था पटरी पर दिखाई देगी।
आज गांवड़ी में महापंचायत, निगम के छूटे पसीने
मेरठ। गांवड़ी डंपिंग ग्राउंड पर आज आठ गांवों की पंचायत का एलान किया हुआ है। माना जा रहा है कि अगर पंचायत में ग्रामीणों ने डंपिंग ग्राउंड पर कूड़ा न डालने का निर्णय लिया तो निगम के लिए बड़ा सिरदर्द पैदा हो सकता है। इसको लेकर नगर निगम के पसीने छूटे हुए हैं। यही कारण है कि शनिवार को दिन भर कूड़ा गाड़ियां दौड़ीं।
युद्ध स्तर पर चल रहा काम
शहर से कूड़ा उठाने का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। पूरे दिन कूड़ा उठाया गया। अधिकतर ढलावघरों को साफ कर दिया है। ग्रामीणों से वार्ता हो चुकी है। ग्रामीणों के हितों को भी ध्यान में रखकर कदम उठाया जाएगा। शासन में बात हो चुकी है। शीघ्र ही कूड़ा निस्तारण प्लांट भी लगाया जाएगा।
-मनोज कुमार चौहान, नगरायुक्त