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सनातन पद्धति से ही होगा मानव कल्याण
Updated Sat, 24 Mar 2018 02:35 AM IST
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श्री अयुतचंडी महायज्ञ के छठे दिन उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
त्रियंबकेश्वर चैतन्य महाराज ने कथा में राम जन्मोत्सव का किया वर्णन
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
भैसाली मैदान पर चल रहे श्री अयुतचंडी महायज्ञ के छठे दिन शुक्रवार को गणेश पूजन कर यज्ञ आरंभ किया गया। यज्ञ में गूगल के साथ गन्ने और शहद की आहूतियां दी गईं। कथा मंडप में श्रीमद् देवी कथा व्यास डॉ. गुण प्रकाश चैतन्य महाराज का अभिवादन अभिनंदन समिति के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र अग्रवाल व महामंत्री प्रवीन कुमार गुप्ता ने किया। कथा शुरू होने से पूर्व यज्ञ संयोजक ने यज्ञ में पधारे दंडी सन्यासियों का अभिनंदन कर उनकी महत्ता का वर्णन किया।
शुक्रवार को कथा व्यास चैतन्य महाराज ने शुंभ-निशुंभ व रक्तबीज वध की कथा का वर्णन किया। बिहार घाट से पधारे आचार्य स्वदेश ब्रह्मचारी ने भी धर्म के बारे में बताया। शाम को त्रियंबकेश्वर चैतन्य महाराज ने यज्ञ की महत्ता के साथ-साथ श्रीराम कथा के माध्यम से श्रीराम जन्मोत्सव का वर्णन किया। भगवान श्रीराम की दिनचर्या, भगवान की लीला आदि का वर्णन कर गृहस्थ धर्म की सार्थकता को बताया। श्रीराम और सीता माता के पवित्र चरित्र का वर्णन करते हुए बताया कि भारतीय सनातन पद्धति से ही वास्तव में मानव जाति का कल्याण हो सकता है। उन्होंने बताया कि स्त्री जाति के पवित्र आचरण से ही सृष्टि सुरक्षित एवं वीर पुत्रों से सुशोभित होती है। स्त्री जाति को महत्व दिए बगैर कोई भी राष्ट्र या समाज शांति प्राप्त नहीं कर सकता है। एक पवित्र मां ही भगवान को अपनी कोख में धारण कर श्रीराम, लक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न आदि को पैदा कर सकती है। देर शाम को भव्य आरती को देखने के लिए श्रद्धालओं की भीड़ उमड़ी। इस मौके पर चरणदत्त कात्यायन, देवेंद्र माहेश्वरी, गिरीश बंसल, भारत भूषण, विभोर अग्रवाल, सुष्मा गुप्ता, रश्मि अग्रवाल, जयप्रकाश अग्रवाल, रूपक अग्रवाल, अंकित सिंघल, प्रियांशु मांगलिक, आलोक गोयल आदि मौजूद रहे।
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त्रियंबकेश्वर चैतन्य महाराज ने कथा में राम जन्मोत्सव का किया वर्णन
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
भैसाली मैदान पर चल रहे श्री अयुतचंडी महायज्ञ के छठे दिन शुक्रवार को गणेश पूजन कर यज्ञ आरंभ किया गया। यज्ञ में गूगल के साथ गन्ने और शहद की आहूतियां दी गईं। कथा मंडप में श्रीमद् देवी कथा व्यास डॉ. गुण प्रकाश चैतन्य महाराज का अभिवादन अभिनंदन समिति के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र अग्रवाल व महामंत्री प्रवीन कुमार गुप्ता ने किया। कथा शुरू होने से पूर्व यज्ञ संयोजक ने यज्ञ में पधारे दंडी सन्यासियों का अभिनंदन कर उनकी महत्ता का वर्णन किया।
शुक्रवार को कथा व्यास चैतन्य महाराज ने शुंभ-निशुंभ व रक्तबीज वध की कथा का वर्णन किया। बिहार घाट से पधारे आचार्य स्वदेश ब्रह्मचारी ने भी धर्म के बारे में बताया। शाम को त्रियंबकेश्वर चैतन्य महाराज ने यज्ञ की महत्ता के साथ-साथ श्रीराम कथा के माध्यम से श्रीराम जन्मोत्सव का वर्णन किया। भगवान श्रीराम की दिनचर्या, भगवान की लीला आदि का वर्णन कर गृहस्थ धर्म की सार्थकता को बताया। श्रीराम और सीता माता के पवित्र चरित्र का वर्णन करते हुए बताया कि भारतीय सनातन पद्धति से ही वास्तव में मानव जाति का कल्याण हो सकता है। उन्होंने बताया कि स्त्री जाति के पवित्र आचरण से ही सृष्टि सुरक्षित एवं वीर पुत्रों से सुशोभित होती है। स्त्री जाति को महत्व दिए बगैर कोई भी राष्ट्र या समाज शांति प्राप्त नहीं कर सकता है। एक पवित्र मां ही भगवान को अपनी कोख में धारण कर श्रीराम, लक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न आदि को पैदा कर सकती है। देर शाम को भव्य आरती को देखने के लिए श्रद्धालओं की भीड़ उमड़ी। इस मौके पर चरणदत्त कात्यायन, देवेंद्र माहेश्वरी, गिरीश बंसल, भारत भूषण, विभोर अग्रवाल, सुष्मा गुप्ता, रश्मि अग्रवाल, जयप्रकाश अग्रवाल, रूपक अग्रवाल, अंकित सिंघल, प्रियांशु मांगलिक, आलोक गोयल आदि मौजूद रहे।
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