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सवालों के घेरे में महिला सुरक्षा
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सवालों के घेरे में महिला सुरक्षा
आशा ज्योति केंद्र में चौकी पर नहीं है तीन माह से कोई महिला दरोगा तैनात
तीन माह में नहीं हुई कोई ऑनलाइन एफआईआर दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर शासन की सख्त हिदायत है। लेकिन यहां पुलिस-प्रशासन के दावे महिला सुरक्षा पर हवाई नजर आने लगे हैं। आशा ज्योति केंद्र की पुलिस चौकी पर तीन माह से कोई महिला दरोगा तैनात नहीं है।
मेडिकल कॉलेज स्थित आशा ज्योति केंद्र पर छह माह पहले इंस्पेक्टर नीलू सक्सेना का ट्रांसफर हो गया था। कई माह तक यह चौकी खाली रही। उसके बाद यहां महिला दरोगा मनु सक्सेना की तैनाती हुई। लेकिन पांच दिन बाद ही उनका दूसरे जिले में ट्रांसफर हो गया। ऐसे में महिला सिपाहियों पर ही जिम्मेदारी है। अप्रैल माह में महिला अपराध के 101 मामले आशा ज्योति केंद्र में पहुंचे। जहां 72 मामलों का निस्तारण हुआ। जबकि अन्य मामलों को मेडिकल थाने कार्रवाई के लिए भेज दिया गया। लेकिन केंद्र में इस समय ऑनलाइन एफआईआर दर्ज नहीं की जा रही है।
गायब हुआ एंटी रोमियो अभियान
शहर में आए दिन छेड़छाड़ के मामले सामने आ रहे हैं। जागृति विहार में बच्चियों से दरिंदगी, लिसाड़ीगेट में खिलाड़ी से दुष्कर्म की कोशिश, शास्त्रीनगर में छात्रा से छेड़छाड़, भावनपुर में छात्रा से छेड़छाड़, लोहियानगर में दुष्कर्म पीड़िता पर हमले के बाद भी कहीं भी एंटी रोमियो स्क्वायड नहीं पहुंचा। ऐसे में महिला थाना पुलिस का अभियान भी गायब है।
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पत्र लिखा जा रहा है
आशा ज्योति केंद्र में महिला दरोगा की तैनाती को लेकर पत्र लिखा जा रहा है। ऑनलाइन एफआईआर को लेकर भी रिपोर्ट मांगी जाएगी। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सख्त कार्रवाई कर रहे हैं। शत्रुघ्न, जिला प्रोबेशन अधिकारी
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आशा ज्योति केंद्र में चौकी पर नहीं है तीन माह से कोई महिला दरोगा तैनात
तीन माह में नहीं हुई कोई ऑनलाइन एफआईआर दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर शासन की सख्त हिदायत है। लेकिन यहां पुलिस-प्रशासन के दावे महिला सुरक्षा पर हवाई नजर आने लगे हैं। आशा ज्योति केंद्र की पुलिस चौकी पर तीन माह से कोई महिला दरोगा तैनात नहीं है।
मेडिकल कॉलेज स्थित आशा ज्योति केंद्र पर छह माह पहले इंस्पेक्टर नीलू सक्सेना का ट्रांसफर हो गया था। कई माह तक यह चौकी खाली रही। उसके बाद यहां महिला दरोगा मनु सक्सेना की तैनाती हुई। लेकिन पांच दिन बाद ही उनका दूसरे जिले में ट्रांसफर हो गया। ऐसे में महिला सिपाहियों पर ही जिम्मेदारी है। अप्रैल माह में महिला अपराध के 101 मामले आशा ज्योति केंद्र में पहुंचे। जहां 72 मामलों का निस्तारण हुआ। जबकि अन्य मामलों को मेडिकल थाने कार्रवाई के लिए भेज दिया गया। लेकिन केंद्र में इस समय ऑनलाइन एफआईआर दर्ज नहीं की जा रही है।
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गायब हुआ एंटी रोमियो अभियान
शहर में आए दिन छेड़छाड़ के मामले सामने आ रहे हैं। जागृति विहार में बच्चियों से दरिंदगी, लिसाड़ीगेट में खिलाड़ी से दुष्कर्म की कोशिश, शास्त्रीनगर में छात्रा से छेड़छाड़, भावनपुर में छात्रा से छेड़छाड़, लोहियानगर में दुष्कर्म पीड़िता पर हमले के बाद भी कहीं भी एंटी रोमियो स्क्वायड नहीं पहुंचा। ऐसे में महिला थाना पुलिस का अभियान भी गायब है।
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पत्र लिखा जा रहा है
आशा ज्योति केंद्र में महिला दरोगा की तैनाती को लेकर पत्र लिखा जा रहा है। ऑनलाइन एफआईआर को लेकर भी रिपोर्ट मांगी जाएगी। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सख्त कार्रवाई कर रहे हैं। शत्रुघ्न, जिला प्रोबेशन अधिकारी