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लू का अलर्ट जारी, धूप में खड़ी कार में बच्चों को न छोड़ें
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तापमान बढ़ते ही स्वास्थ्य विभाग को आया पसीना
- विभाग ने जारी किया अलर्ट, बीमारियां बढ़ने का अंदेशा जताते हुए सावधानी की सलाह
- सुबह 11 से शाम चार बजे तक धूप में निकलने से बचें
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
स्वाइन फ्लू, डेंगू, मलेरिया और टायफाइड की बीमारियों की भरमार से स्वास्थ्य विभाग खौफजदा है। इसके चलते तापमान बढ़ते ही स्वास्थ्य विभाग ने लू का अलर्ट जारी कर दिया है। गर्मी से बीमारियां बढ़ने का अंदेशा जताते हुए सावधान रहने की हिदायत दी है। अफसरों को सतर्क रहने और जिला स्तर पर तैयारी करने को कहा है। शासन ने भी वेक्टर जनित रोग और संक्रमण से रोकथाम के लिए एहतियाती कदम उठाने केनिर्देश दिए हैं। डॉक्टरों ने सुबह 11 बजे से शाम चार बजे तक धूप से बचने की सलाह दी है।
कई बार लोग धूप में खड़ी कार को लॉक कर उसमें बच्चों को छोड़ देते हैं। धूप में तपी कार में बैठे बच्चों के लिए यह बेहद खतरनाक है। उनकी जान पर भी बन सकती है। शासन की तरफ से सीएमओ को भेजे गए पत्र में निर्देशित किया गया है कि गर्मियों में संक्रमित बीमारियां पैर पसार सकती हैं। ऐसे में विभाग इससे निबटने की तैयारी शुरू करे। शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारी अस्पतालों के आकस्मिक निरीक्षण और यहां इन बीमारियों से निबटने के लिए अलग से वार्ड बनाकर उपचार को सुनिश्चित कराएं। प्रदेश में वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए जरूरी व्यवस्था तत्काल प्रभाव से सुनिश्चित की जाए। जिला स्तर पर अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाए। हीट वेव (लू) से भी बचाव बहुत जरूरी है। इस संबंध में सीएमओ डॉ. राजकुमार का कहना है कि शासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराया जा रहा है।
यह हो सकता है लू से नुकसान
लू की वजह से पेट में मरोड़, एेंठन, शरीर में कमजोरी, चक्कर आना, सिर में तेज दर्द, उबकाई आना, ज्यादा पसीना आना और कभी-कभी बेहोशी आना प्रमुख है।
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यह करें
- ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं
- पसीना सोखने वाले पतले और हल्के रंग के कपड़े पहनें
- घर में बने पेय पदार्थ लस्सी, नीबू-पानी का उपयोग करें
- सुबह-शाम घर के दरवाजे-खिड़कियां खोलकर रखें, ताकि कमरे ठंडे रहें
- गर्भस्थ महिलाओं, शिशुओं और बुजुर्गों की विशेष देखभाल करें
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स्किन एलर्जी के मरीजों की भरमार
गर्मी से स्किन एलर्जी के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। आलम यह है कि जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में पिछले सात दिनों में स्किन एलर्जी के एक हजार से ज्यादा मरीज पहुंचे हैं। स्किन एलर्जी किसी खाने की चीज, मौसमी बदलाव, गर्मी, लू, धूल, धुएं, दवा आदि से हो सकती है। तेज धूप में खूब पसीना निकलता है। शरीर के हिस्सों में जहां-जहां पसीना होता है, वहां-वहां स्किन पर रैशेज हो जाते हैं। त्वचा लाल हो जाती है। सूजन आ जाती है। जलन महसूस होती है। गर्मी में बच्चों को एलर्जी होने की आशंका बड़ों से ज्यादा होती है। ऐसे में उन्हें धूप से बचाएं।
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- विभाग ने जारी किया अलर्ट, बीमारियां बढ़ने का अंदेशा जताते हुए सावधानी की सलाह
- सुबह 11 से शाम चार बजे तक धूप में निकलने से बचें
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
स्वाइन फ्लू, डेंगू, मलेरिया और टायफाइड की बीमारियों की भरमार से स्वास्थ्य विभाग खौफजदा है। इसके चलते तापमान बढ़ते ही स्वास्थ्य विभाग ने लू का अलर्ट जारी कर दिया है। गर्मी से बीमारियां बढ़ने का अंदेशा जताते हुए सावधान रहने की हिदायत दी है। अफसरों को सतर्क रहने और जिला स्तर पर तैयारी करने को कहा है। शासन ने भी वेक्टर जनित रोग और संक्रमण से रोकथाम के लिए एहतियाती कदम उठाने केनिर्देश दिए हैं। डॉक्टरों ने सुबह 11 बजे से शाम चार बजे तक धूप से बचने की सलाह दी है।
कई बार लोग धूप में खड़ी कार को लॉक कर उसमें बच्चों को छोड़ देते हैं। धूप में तपी कार में बैठे बच्चों के लिए यह बेहद खतरनाक है। उनकी जान पर भी बन सकती है। शासन की तरफ से सीएमओ को भेजे गए पत्र में निर्देशित किया गया है कि गर्मियों में संक्रमित बीमारियां पैर पसार सकती हैं। ऐसे में विभाग इससे निबटने की तैयारी शुरू करे। शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारी अस्पतालों के आकस्मिक निरीक्षण और यहां इन बीमारियों से निबटने के लिए अलग से वार्ड बनाकर उपचार को सुनिश्चित कराएं। प्रदेश में वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए जरूरी व्यवस्था तत्काल प्रभाव से सुनिश्चित की जाए। जिला स्तर पर अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाए। हीट वेव (लू) से भी बचाव बहुत जरूरी है। इस संबंध में सीएमओ डॉ. राजकुमार का कहना है कि शासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराया जा रहा है।
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यह हो सकता है लू से नुकसान
लू की वजह से पेट में मरोड़, एेंठन, शरीर में कमजोरी, चक्कर आना, सिर में तेज दर्द, उबकाई आना, ज्यादा पसीना आना और कभी-कभी बेहोशी आना प्रमुख है।
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यह करें
- ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं
- पसीना सोखने वाले पतले और हल्के रंग के कपड़े पहनें
- घर में बने पेय पदार्थ लस्सी, नीबू-पानी का उपयोग करें
- सुबह-शाम घर के दरवाजे-खिड़कियां खोलकर रखें, ताकि कमरे ठंडे रहें
- गर्भस्थ महिलाओं, शिशुओं और बुजुर्गों की विशेष देखभाल करें
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स्किन एलर्जी के मरीजों की भरमार
गर्मी से स्किन एलर्जी के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। आलम यह है कि जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में पिछले सात दिनों में स्किन एलर्जी के एक हजार से ज्यादा मरीज पहुंचे हैं। स्किन एलर्जी किसी खाने की चीज, मौसमी बदलाव, गर्मी, लू, धूल, धुएं, दवा आदि से हो सकती है। तेज धूप में खूब पसीना निकलता है। शरीर के हिस्सों में जहां-जहां पसीना होता है, वहां-वहां स्किन पर रैशेज हो जाते हैं। त्वचा लाल हो जाती है। सूजन आ जाती है। जलन महसूस होती है। गर्मी में बच्चों को एलर्जी होने की आशंका बड़ों से ज्यादा होती है। ऐसे में उन्हें धूप से बचाएं।
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