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महावीर भगवान की पूजा कर मूर्ति स् थापित की
Updated Sat, 15 Dec 2018 01:00 AM IST
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राग से नहीं अनुराग से होती है पूजा : सौरभ सागर
मेरठ। साकेत जैन मंदिर में जैन मुनि सौरभ सागर महाराज के सानिध्य में वेदी शिलान्यास का आयोजन उत्साह के साथ संपन्न हुआ। सुबह के समय यात्रा निकाली गई। जिसमें इंद्राणियां मंगल कलश लेकर चल रही थी। इसके बाद नित्य नियम पूजा व शांतिधारा का कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसका सौभाग्य दिनेश परिवार को मिला। विधान 48 अर्घ्य मांडले पर इंद्र-इंद्राणियों ने भक्ति भाव से चढ़ाएं। आदिनाथ भगवान, शांतिनाथ भगवान, महावीर भगवान की पूजा कर मूर्ति स्थापित की गई। सभी धार्मिक क्रियाएं पं.संदीप जैन शास्त्री ने कराई और संगीतकार दीपांकर की संगीतमय धुनों पर सभी इंद्र इंद्राणियों ने नृत्य किए। मुनि सौरभ सागर महाराज ने कहा कि पूरी श्रद्धा पूरी भक्ति तनमन धन से गुरु के चरणों में नतमस्तक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान की पूजा राग से नहीं अन अनुराग से होती है। क्योंकि राग के साथ की गई आराधना सदैव फलदायी नहीं होती। कमलदत्त शर्मा ने महाराज को श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद लिया। एमएस जैन संयोजक, विनीत जैन एडवोकेट, आनंद जैन परिवार का सहयोग रहा। मंच संचालन कपिल जैन ने किया। सुनील जैन ने बताया कि मुनि सौरभ सागर महाराज का मंगल विहार दोपहर दो बजे श्री 1008 श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर रुड़की रोड सिवाया की ओर हो गया है।
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मेरठ। साकेत जैन मंदिर में जैन मुनि सौरभ सागर महाराज के सानिध्य में वेदी शिलान्यास का आयोजन उत्साह के साथ संपन्न हुआ। सुबह के समय यात्रा निकाली गई। जिसमें इंद्राणियां मंगल कलश लेकर चल रही थी। इसके बाद नित्य नियम पूजा व शांतिधारा का कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसका सौभाग्य दिनेश परिवार को मिला। विधान 48 अर्घ्य मांडले पर इंद्र-इंद्राणियों ने भक्ति भाव से चढ़ाएं। आदिनाथ भगवान, शांतिनाथ भगवान, महावीर भगवान की पूजा कर मूर्ति स्थापित की गई। सभी धार्मिक क्रियाएं पं.संदीप जैन शास्त्री ने कराई और संगीतकार दीपांकर की संगीतमय धुनों पर सभी इंद्र इंद्राणियों ने नृत्य किए। मुनि सौरभ सागर महाराज ने कहा कि पूरी श्रद्धा पूरी भक्ति तनमन धन से गुरु के चरणों में नतमस्तक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान की पूजा राग से नहीं अन अनुराग से होती है। क्योंकि राग के साथ की गई आराधना सदैव फलदायी नहीं होती। कमलदत्त शर्मा ने महाराज को श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद लिया। एमएस जैन संयोजक, विनीत जैन एडवोकेट, आनंद जैन परिवार का सहयोग रहा। मंच संचालन कपिल जैन ने किया। सुनील जैन ने बताया कि मुनि सौरभ सागर महाराज का मंगल विहार दोपहर दो बजे श्री 1008 श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर रुड़की रोड सिवाया की ओर हो गया है।