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सचिव समेत तीन लिपिकों पर भी गिरेगी गाज
Updated Thu, 26 Jul 2018 02:52 AM IST
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मेरठ। गन्ना आपूर्ति प्रावधानों का उल्लंघन कर फर्जी तरीके से पर्ची निकालने के मामले में गन्ना समिति सचिव समेत तीन लिपिकों पर भी गाज गिरना तय है। गन्ना आयुक्त ने समिति सचिव समेत तीनों लिपिकों से दस दिनों में स्पष्टीकरण मांगा है।
गन्ना आपूर्ति नीति के प्रावधानों में 20 फीसदी पर्ची समिति के कर्जदार किसानों को जारी की जाती हैं ताकि समिति अपना कर्जा किसानों से वसूल कर सकें। इस नियम का दुरुपयोग करते हुए मवाना गन्ना समिति के चेयरमैन विनोद कुमार ने पुराना कर्जा न होते हुए भी अपने पुत्र श्रीकांत कुमार के नाम पर सात पर्ची जारी कराई थीं। वहीं गन्ना विकास परिषद चेयरमैन वेदराम ने भी अपने पद का दुरुपयोग करते हुए समिति का पुराना कर्जा न होते हुए सात पर्ची अपने नाम पर और एक पर्ची अपने पुत्र रघुराज के नाम पर जारी कराई थी। विनोद कुमार और वेदराम को पद से हटाने की संस्तुति करते हुए गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने मंगलवार को दोनों से दस दिनों में स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं, बुधवार को समिति सचिव अनिल यादव के अलावा तीनों लिपिकों से दस दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है। संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर इनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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गन्ना आपूर्ति नीति के प्रावधानों में 20 फीसदी पर्ची समिति के कर्जदार किसानों को जारी की जाती हैं ताकि समिति अपना कर्जा किसानों से वसूल कर सकें। इस नियम का दुरुपयोग करते हुए मवाना गन्ना समिति के चेयरमैन विनोद कुमार ने पुराना कर्जा न होते हुए भी अपने पुत्र श्रीकांत कुमार के नाम पर सात पर्ची जारी कराई थीं। वहीं गन्ना विकास परिषद चेयरमैन वेदराम ने भी अपने पद का दुरुपयोग करते हुए समिति का पुराना कर्जा न होते हुए सात पर्ची अपने नाम पर और एक पर्ची अपने पुत्र रघुराज के नाम पर जारी कराई थी। विनोद कुमार और वेदराम को पद से हटाने की संस्तुति करते हुए गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने मंगलवार को दोनों से दस दिनों में स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं, बुधवार को समिति सचिव अनिल यादव के अलावा तीनों लिपिकों से दस दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है। संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर इनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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