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मुख्य सचिव के सामने गूंजा मोहिउद्दीनपुर मिल का मामला
Updated Sat, 20 Jan 2018 02:28 AM IST
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मेरठ। प्रदेश के मुख्य सचिव राजीव कुमार के सामने 152 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुई मोहिउद्दीनपुर शुगर मिल के फेल होने का मामला भी गूंजा। रालोद के प्रदेश संगठन प्रभारी डॉ. राजकुमार सांगवान व जिलाध्यक्ष राहुल देव के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने मिल के पूरी क्षमता से पेराई नहीं करने और हजारों लीटर गन्ने का रस नाले में बहाए जाने की शिकायत की।
सांगवान ने कहा कि घटतौली और बकाया भुगतान नहीं होने से गन्ना और सही दाम नहीं मिलने से आलू किसान बर्बादी के कगार पर पहुंच गया है। गन्ना इंडेंट और पर्ची वितरण में धांधली बरती जा रही है और जिम्मेदार अधिकारी घटतौली पर लगाम नहीं लगा पा रहे हैं। प्रदेश प्रवक्ता सुनील रोहटा ने कहा कि मोहिउद्दीनपुर मिल की क्षमतावृद्धि में घोटाला हुआ है, इसकी जांच कराई जाए। एनुद्दीन शाह ने कहा कि गन्ना मूल्य भुगतान में मनमानी कर रहे मिल प्रबंधकों को जेल भेजा जाए। इस दौरान 7 सूत्रीय मांगपत्र भी सौंपा गया। मांगपत्र में मोहिउद्दीनपुर मिल में बरती गई अनियमितताओं की जांच कराने, गन्ना घटतौली रुकवाने, गन्ना पर्ची धांधली रोकने, गन्ना मूल्य भुगतान कराने, आलू किसानों को 1200 रुपये क्विंटल रेट देने व शीतगृहों में रखे आलू का किराया माफ कराने, प्राधिकरण से किसानों की अधिगृहीत जमीन का मुआवजा दिलाने आदि की मांग की गई है। इस मौके पर पूर्व विधायक राजेंद्र शर्मा, पूर्व मंत्री डॉ. मेराजुद़्दीन अहमद, पूर्व विधायक परवेज हलीम, राजेंद्र चिकारा, नरेंद्र खजूरी, योगेश फौजी, इंद्रपाल सिंह, जयराज एडवोकेट, अनीश कुरैशी, विनय मल्लापुर, सतेंद्र तोमर, संजीव पस्तरा, सत्यपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
खास बात
रालोद प्रतिनिधिमंडल ने मिल समेत गन्ना भुगतान और आलू किसानों की दुर्दशा का मामला उठाया
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सांगवान ने कहा कि घटतौली और बकाया भुगतान नहीं होने से गन्ना और सही दाम नहीं मिलने से आलू किसान बर्बादी के कगार पर पहुंच गया है। गन्ना इंडेंट और पर्ची वितरण में धांधली बरती जा रही है और जिम्मेदार अधिकारी घटतौली पर लगाम नहीं लगा पा रहे हैं। प्रदेश प्रवक्ता सुनील रोहटा ने कहा कि मोहिउद्दीनपुर मिल की क्षमतावृद्धि में घोटाला हुआ है, इसकी जांच कराई जाए। एनुद्दीन शाह ने कहा कि गन्ना मूल्य भुगतान में मनमानी कर रहे मिल प्रबंधकों को जेल भेजा जाए। इस दौरान 7 सूत्रीय मांगपत्र भी सौंपा गया। मांगपत्र में मोहिउद्दीनपुर मिल में बरती गई अनियमितताओं की जांच कराने, गन्ना घटतौली रुकवाने, गन्ना पर्ची धांधली रोकने, गन्ना मूल्य भुगतान कराने, आलू किसानों को 1200 रुपये क्विंटल रेट देने व शीतगृहों में रखे आलू का किराया माफ कराने, प्राधिकरण से किसानों की अधिगृहीत जमीन का मुआवजा दिलाने आदि की मांग की गई है। इस मौके पर पूर्व विधायक राजेंद्र शर्मा, पूर्व मंत्री डॉ. मेराजुद़्दीन अहमद, पूर्व विधायक परवेज हलीम, राजेंद्र चिकारा, नरेंद्र खजूरी, योगेश फौजी, इंद्रपाल सिंह, जयराज एडवोकेट, अनीश कुरैशी, विनय मल्लापुर, सतेंद्र तोमर, संजीव पस्तरा, सत्यपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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खास बात
रालोद प्रतिनिधिमंडल ने मिल समेत गन्ना भुगतान और आलू किसानों की दुर्दशा का मामला उठाया