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फर्जीवाड़ा : एक ही समिति के 16 मदरसे, एक ही भवन में चल रहे पांच मदरसे
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ, अनुज मित्तल
Updated Sat, 14 Oct 2017 11:18 AM IST
सार
मदरसा संचालन में सामने आया बड़ा फर्जीवाड़ा, मंडलायुक्त ने अपर जिलाधिकारी प्रशासन को सौंपी जांच, मदरसा हदीसुल कुरआन सोशल डेवलपमेंट अवेयरनेस सोसायटी ग्राम ललियाना का कारनामा, दो मदरसों की चार साल पूर्व मान्यता समाप्त होने के बावजूद दिया गया वेतन
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फाइल फोटो
विस्तार
अल्पसंख्यक विभाग में मदरसों का फर्जीवाड़ा लगातार सामने आ रहा है। मदरसा संचालन के लिए बनाई गई एक समिति का बड़ा मामला सामने आया है। प्रथम दृष्टया इस समिति ने मदरसा संचालन में बड़ा खेल किया गया है। इस खेल में अल्पसंख्यक विभाग के लोग भी शामिल हैं। एक तरफ जहां इस समिति ने एक ही रजिस्ट्रेशन पर 16 मदरसे संचालित किए और उसमें भी पांच मदरसे एक ही भवन में संचालित कर दिए। वहीं दूसरी तरफ दो मदरसों की चार वर्ष पूर्व मान्यता समाप्त होने के बावजूद विभागीय साठगांठ से मदरसा शिक्षकों के वेतन के नाम पर दस लाख रुपये से ज्यादा निकाल लिए। शिकायत के बाद इस मामले की जांच मंडलायुक्त ने अपर जिलाधिकारी प्रशासन को सौंपी है।
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एक भवन में पांच मदरसे
मदरसा हदीसुल कुरआन सोशल डेवलपमेंट अवेयरनेस सोसायटी ग्राम ललियाना ने मदरसे संचालित किए हुए हैं। मदरसा आधुनिकीकरण योजना के अंतर्गत संचालित किए गए इन 16 मदरसों को पूरी तरह मानकों के विपरीत संचालित किया गया। इन मदरसाें में पांच मदरसे ग्राम ललियाना में एक ही भवन में संचालित हैं। इनमें मदरसा हदीसुल कुरआन, मदरसा हदीसुल कुरआन अरेबिक कालेज, मदरसा हदीसुल कुरआन लिलबनात गर्ल्स, आलिया हदीसुल कुरआन लिलबनात गर्ल्स और उच्च आलिया मदरसा हदीसुल कुरआन अरेबिक कालेज शामिल हैं। जबकि एक अन्य मदरसा इंतजार उल उलूम भी ग्राम ललियाना में दूसरे भवन में संचालित दर्शाया गया है, लेकिन यह मदरसा अस्तित्व में ही नहीं है।
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इन मदरसों में भी फर्जीवाड़ा
इस सोसायटी के नाम पर दो मदरसे परीक्षितगढ़ में संचालित हैं। इनमें फोकानिया मदरसा इस्लामिया लिल बनात और मदरसा इस्लामिया लिलबनात गर्ल्स हैं। ये दोनों मदरसे 200 वर्ग गज जमीन में बने एक ही भवन में संचालित हैं। जबकि इनके लिए अलग-अलग भवन होना चाहिए था। वहीं ग्राम शौंदत्त में भी मदरसा इस्लामिया अरबिया कादिरूल उलूम और आलिया मदरसा कादिर उल उलूम अरेबिक कालेज के नाम दो मदरसे एक ही भवन में संचालित किए हुए हैं। इसमें अहम बात ये है कि आलिया मदरसा कादिर उल उलूम अरेबिक कालेज एक दूसरी समिति मदरसा इस्लामिया अनवारूउल उलूम सोशल डेवलपमेंट एंड अवेयरनेस सोसायटी शहीदनगर गाजियाबाद की समिति के तहत संचालित किया गया है।
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हवा में चार मदरसे
मदरसा हदीसुल कुरआन सोशल डेवलपमेंट अवेयरनेस सोसायटी ग्राम ललियाना के तहत चार मदरसे ऐसे भी हैं जो अन्य ग्रामों में संचालित दर्शाए गए हैं। लेकिन कागजों में चल रहे इन मदरसों का कोई अस्तित्व नहीं है। इनमें मदरसा मौलाना अब्दुल कलाम आजाद ग्राम फतेहपुर नारायण और मदरसा फेजुल कुरआन पचपेड़ा के साथ ही मदरसा फैजुल कुरआन मजीदनगर मेरठ तथा मदरसा नुरूल उलूम गली नंबर 20, जाकिर हुसैन कालोनी चमड़ा पैठ मेरठ में संचालित हैं।
दो मदरसों की मान्यता समाप्त, फिर भी वेतन भुगतान
मदरसा संचालक की विभाग में कितनी पैठ हैं, इसका उदाहरण पिछले दिनों मदरसा शिक्षकों के वेतन भुगतान से देखने को मिलता है। दो मदरसे फैजुल कुरआन मजीद नगर मेरठ और मदरसा नुरूल उलूम गली नंबर 20, जाकिर हुसैन कालोनी, चमड़ा पैठ मेरठ की जांच 2013 में तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी एसएन पांडे ने की थी। इन मदरसों को अस्तित्व में न पाकर इनकी मान्यता समाप्त कर दी गयी। लेकिन मदरसा संचालक ने प्रति शिक्षक 15 हजार रुपये महीना वेतन के हिसाब से एक मदरसे में तीन-तीन शिक्षकों की तैनाती दर्शाकर दोनों मदरसों के शिक्षकों के वेतन का 90 हजार रुपये प्रति माह की दर से भुगतान प्राप्त किया, जो एक साल में 10 लाख 80 हजार रुपये बैठता है। वहीं इस समिति द्वारा संचालित मदरसे पर लाखों रुपये छात्रवृत्ति हड़पने का भी आरोप विगत वर्षों के दौरान हुई जांच की रिपोर्ट में सामने आ चुका है। लेकिन मदरसा संचालक की जनपद मुख्यालय से लेकर शासन तक बनी हुई पैठ से कुछ नहीं बिगड़ा।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन सत्य प्रकाश पटेल ने बताया कि पिछली जांच रिपोर्टों के साथ शिकायती पत्र पर जांच का आदेश प्राप्त हुआ है। जिसकी निष्पक्षता से शीघ्र जांच कराई जाएगी। जांच में आरोप सही पाये जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।
मदरसा संचालन में सामने आया बड़ा फर्जीवाड़ा, मंडलायुक्त ने अपर जिलाधिकारी प्रशासन को सौंपी जांच, मदरसा हदीसुल कुरआन सोशल डेवलपमेंट अवेयरनेस सोसायटी ग्राम ललियाना का कारनामा, दो मदरसों की चार साल पूर्व मान्यता समाप्त होने के बावजूद दिया गया वेतन