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न बैरियर न दीवार, कांवड़ियों के लिए खतरा बरकरार

Wed, 26 Jun 2019 02:16 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 26 Jun 2019 02:16 AM IST
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न बैरियर न दीवार, कांवड़ियों के लिए खतरा बरकरार
न बैरियर न दीवार, कांवड़ियों के लिए खतरा बरकरार
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गंगनहर किनारे कई जगह टूटी (पैरापेट) सुरक्षा दीवार
नहर पटरी के 26 किमी क्षेत्र में कई जगह लगाने थे क्रश बैरियर
पिछले माह पीडब्लूडी ने टेंडर निकालने के बाद किए निरस्त
मेरठ। बीते छह माह में गंगनहर पटरी पर कई हादसे होने के बाद भी पीडब्ल्यूडी विभाग नहर किनारे सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं दिखाई दे रहा है। हालात यह हैं कि कांवड़ पटरी मार्ग पर गंगनहर किनारे जगह-जगह सुरक्षा दीवार टूटी पड़ी है। कई जगह पर क्रश बैरियर भी नहीं लगाए गए हैं। बीते दिनों हुए हादसों के बाद जिला प्रशासन ने पीडब्लूडी को कांवड़ मेले से पहले यहां बैरियर लगाने के निर्देश दिए थे। इस पर विभाग ने टेंडर निकाले, लेकिन बिना कारण ही उन्हें निरस्त कर दिया। दूसरी ओर कांवड़ यात्रा शुरू होने में भी कुछ ही दिन शेष हैं। ऐसें में शिवभक्तों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़ हो रहे हैं।
मेरठ की सीमा में 42 किमी गंगनहर पटरी
मेरठ सीमा में 42 किमी लंबी गंगनहर पटरी है। इसका नाम चौ. चरण सिंह कांवड़ पटरी मार्ग है। इसे खासतौर पर कांवड़ियों के लिए ही बनाया गया था। लेकिन अब इस मार्ग पर रोज सैकड़ों वाहन दौड़ने लगे हैं। इस कारण हादसे की संख्या भी बढ़ी है। बीते छह माह में 35 लोग गंगनहर में डूबकर जान गंवा चुके हैं। उसे बाद भी पीडब्ल्यूडी के अधिकारी इस मार्ग पर क्रश बैरियर लगाने को तैयार नहीं हैं।
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दो करोड़ का बनाया था प्रस्ताव
कमिश्नर अनीता मेश्राम के निर्देश पर पीडब्लूडी निर्माण खंड के अधिकारियों ने मुजफ्फरनगर मेरठ सीमा से मुरादनगर की तरफ 26 किमी में जगह जगह टूटी सुरक्षा दीवार के स्थान पर क्रश बैरियर लगाने का निर्णय लिया था। इसके लिए दो करोड़ रुपये का बजट प्रस्ताव तैयार किया गया। कमिश्नर के निर्देश पर विभाग को कांवड़ यात्रा से पहले क्रश बैरियर लगाने थे।
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पीडब्लूडी ने टेंडर किया निरस्त, उठे सवाल
कमिश्नर के निर्देश के बाद पीडब्लूडी ने क्रश बैरियर के लिए पिछले माह टेंडर निकाले थे। लेकिन अधिकारियों ने टेंडर निरस्त कर दिए। अगर दोबारा टेंडर निकाले गए हैं। माना जा रहा है कि अगर पिछले माह निकाले गए टेंडर पास हो जाते तो कांवड़ मेले से पहले क्रश बैरियर लग सकते थे।

16 किमी पटरी है सुरक्षित
मुरादनगर से जानी की तरफ लगभग 16 किमी लंबी गंगनहर की पटरी पर जगह जगह क्रश बैरियर लग चुके हैं। इस पटरी को कुछ सुरक्षित माना जा सकता है। हालांकि गंगनहर की पटरी किनारे बसे गांव की जनता ने नहर की पटरी को जगह-जगह काटकर पशुओं को गंगनहर में नहलाने और पानी पिलाने के लिए स्थान बना रखे हैं। ये कट भी खतरनाक हैं।

टेंडर प्रक्रिया में कुछ बदलाव किया गया है। कांवड़ मेले के दौरान क्रश बैरियर लगवाने का काम शुरू कराया जाएगा। क्रश बैरियर के लिए अलग से कोई धन नहीं मिला है। धन की व्यवस्था कर ली गई है।
राजपाल सिंह, चीफ इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी।
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