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डीएम ने दिए जांच के आदेश, लाभार्थियों से होगी वसूली
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डीएम ने दिए जांच के आदेश, लाभार्थियों से होगी वसूली
ओडीएफ दर्जा प्राप्त गांव मोरना में शौचालय में रसोई व गोदाम बनाने का मामला
अमर उजाला ने 21 जून के अंक में उठाया था मुद्दा
मेरठ। ओडीएफ घोषित गांव मोरना में शौचालय में रसोई व गोदाम बनाने के मामले में डीएम ने डीपीआरओ को कमेटी गठित कर मामले की जांच के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा है कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाए।
अमर उजाला ने 21 जून के अंक में भावनपुर के गांव मोरना में शौचालय के टैंक न बनवाए जाने और शौचालय का रसोई व गोदाम की तरह इस्तेमाल करने की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। मामले को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने जिला पचायती राज अधिकारी चंद्रिका प्रसाद को गांव का दौरा कर जांच के आदेश दिए हैं। चंद्रिका प्रसाद ने बताया कि एडीओ पंचायत नितिन कुमार मामले की जांच कर रहे हैं। अगर किसी लाभार्थी ने शौचालय को अन्य इस्तेमाल में ले रखा है तो उनसे शौचालय निर्माण में खर्च 12 हजार रूपये की वसूली की जाएगी।
यह है मामला
दरअसल मोरना गांव में स्वच्छ भारत अभियान (ग्रामीण) के तहत 232 शौचालयों का निर्माण हुआ था, लेकिन आज भी 109 शौचालय ऐसे हैं जिन्हें टैंक से नहीं जोड़ा गया। ग्रामीणों का आरोप है कि शौचालय का टैंक नहीं बनने के कारण वे इसका इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। वहीं ग्राम प्रधान शहजाद का दावा था कि सभी शौचालयों के टैंक बनवाए थे, लेकिन लाभार्थियों ने इन्हें बंद कर दिया।
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ओडीएफ दर्जा प्राप्त गांव मोरना में शौचालय में रसोई व गोदाम बनाने का मामला
अमर उजाला ने 21 जून के अंक में उठाया था मुद्दा
मेरठ। ओडीएफ घोषित गांव मोरना में शौचालय में रसोई व गोदाम बनाने के मामले में डीएम ने डीपीआरओ को कमेटी गठित कर मामले की जांच के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा है कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाए।
अमर उजाला ने 21 जून के अंक में भावनपुर के गांव मोरना में शौचालय के टैंक न बनवाए जाने और शौचालय का रसोई व गोदाम की तरह इस्तेमाल करने की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। मामले को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने जिला पचायती राज अधिकारी चंद्रिका प्रसाद को गांव का दौरा कर जांच के आदेश दिए हैं। चंद्रिका प्रसाद ने बताया कि एडीओ पंचायत नितिन कुमार मामले की जांच कर रहे हैं। अगर किसी लाभार्थी ने शौचालय को अन्य इस्तेमाल में ले रखा है तो उनसे शौचालय निर्माण में खर्च 12 हजार रूपये की वसूली की जाएगी।
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यह है मामला
दरअसल मोरना गांव में स्वच्छ भारत अभियान (ग्रामीण) के तहत 232 शौचालयों का निर्माण हुआ था, लेकिन आज भी 109 शौचालय ऐसे हैं जिन्हें टैंक से नहीं जोड़ा गया। ग्रामीणों का आरोप है कि शौचालय का टैंक नहीं बनने के कारण वे इसका इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। वहीं ग्राम प्रधान शहजाद का दावा था कि सभी शौचालयों के टैंक बनवाए थे, लेकिन लाभार्थियों ने इन्हें बंद कर दिया।
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