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झोलाछाप से दवा लेने के बाद ग्रामीण की मौत
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झोलाछाप से दवा लेने के बाद ग्रामीण की मौत
परीक्षितगढ़। ग्राम पसवाड़ा में करीब साढे़ तीन माह पूर्व एक व्यक्ति ने गांव के ही छोलाछाप से बुखार की दवा ली थी। इसके बाद उसकी तबियत और खराब हो गई। इतना ही नहीं उसकी आंखों की रोशन भी चली गई। पीड़ित के भाई ने थाने में झोलाछाप के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रविवार को उक्त मरीज की उपचार के दौरान मौत हो गई। वहीं, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर झोलाछाप के खिलाफ मुकदमा हत्या में तरमीम कर दिया। उधर, पुलिस झोलाछाप की तलाश में जुटी है।
ग्राम पसवाड़ा निवासी राजकुमार (55) पुत्र पतराम मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करता था। उसने बीती दो मार्च को गांव के झोलाछाप सुनील से बुखार की दवा ली थी। इसे लेने के बाद उसकी हालत और बिगड़ गई। इतना ही नहीं आंखों की रोशनी भी चली गई। परिजनों ने राजकुमार को मेरठ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। उसके भाई आनंद ने झोलाछाप सुनील के खिलाफ थाने में गलत दवा देने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। करीब साढे़ तीन माह तक उपचार के दौरान रविवार सुबह राजकुमार की मौत हो गई। झोलाछाप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद भी पुलिस ने उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की। उसे गिरफ्तार भी नहीं किया। हालांकि झोलाछाप कई वर्षों से गांव के बीमार लोगों को गलत दवा दे रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों ने राजकुमार की मौत की जानकारी पुलिस को दी। इस पर पुलिस ने गांव पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं, मुकदमा हत्या में तरमीम कर दिया। राजकुमार के दो पुत्र एवं दो पुत्री हैं। अभी किसी भी बच्चे की शादी नहीं हुई है। राजकुमार की मौत पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
राजकुमार की मौत से ग्रामीणों में रोष है। उन्होंने पुलिस से झोलाछाप की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि गलत दवा खाने के बाद भी झोलाछाप ने राजकुमार के बारे में जानकारी नहीं ली। वह खुलेआम आसपास के गांवों में मरीजों का उपचार कर रहा है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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इस संबंध में थानाध्यक्ष करतार सिंह ने बताया कि साढे़ तीन माह पूर्व गांव के झोलाछाप से दवा देने पर राजकुमार की हालत बिगड़ गई थी। उसके भाई ने झोलाछाप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रविवार को उसकी मौत हो गई। मुकदमा हत्या में तरमीम कर दिया है।
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परीक्षितगढ़। ग्राम पसवाड़ा में करीब साढे़ तीन माह पूर्व एक व्यक्ति ने गांव के ही छोलाछाप से बुखार की दवा ली थी। इसके बाद उसकी तबियत और खराब हो गई। इतना ही नहीं उसकी आंखों की रोशन भी चली गई। पीड़ित के भाई ने थाने में झोलाछाप के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रविवार को उक्त मरीज की उपचार के दौरान मौत हो गई। वहीं, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर झोलाछाप के खिलाफ मुकदमा हत्या में तरमीम कर दिया। उधर, पुलिस झोलाछाप की तलाश में जुटी है।
ग्राम पसवाड़ा निवासी राजकुमार (55) पुत्र पतराम मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करता था। उसने बीती दो मार्च को गांव के झोलाछाप सुनील से बुखार की दवा ली थी। इसे लेने के बाद उसकी हालत और बिगड़ गई। इतना ही नहीं आंखों की रोशनी भी चली गई। परिजनों ने राजकुमार को मेरठ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। उसके भाई आनंद ने झोलाछाप सुनील के खिलाफ थाने में गलत दवा देने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। करीब साढे़ तीन माह तक उपचार के दौरान रविवार सुबह राजकुमार की मौत हो गई। झोलाछाप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद भी पुलिस ने उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की। उसे गिरफ्तार भी नहीं किया। हालांकि झोलाछाप कई वर्षों से गांव के बीमार लोगों को गलत दवा दे रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों ने राजकुमार की मौत की जानकारी पुलिस को दी। इस पर पुलिस ने गांव पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं, मुकदमा हत्या में तरमीम कर दिया। राजकुमार के दो पुत्र एवं दो पुत्री हैं। अभी किसी भी बच्चे की शादी नहीं हुई है। राजकुमार की मौत पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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राजकुमार की मौत से ग्रामीणों में रोष है। उन्होंने पुलिस से झोलाछाप की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि गलत दवा खाने के बाद भी झोलाछाप ने राजकुमार के बारे में जानकारी नहीं ली। वह खुलेआम आसपास के गांवों में मरीजों का उपचार कर रहा है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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इस संबंध में थानाध्यक्ष करतार सिंह ने बताया कि साढे़ तीन माह पूर्व गांव के झोलाछाप से दवा देने पर राजकुमार की हालत बिगड़ गई थी। उसके भाई ने झोलाछाप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रविवार को उसकी मौत हो गई। मुकदमा हत्या में तरमीम कर दिया है।