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भाकियू ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी
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भाकियू ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी
मवाना। भारतीय किसान यूनियन ने किसानों की गन्ना मूल्य भुगतान आदि विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम शुक्रवार को उपजिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। जिसमें समाधान नहीं होने पर बडे़ आंदोलन की चेतावनी दी है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव को दिए ज्ञापन में कहा कि गन्ना मूल्य भुगतान यदि जुलाई के पहले हफ्ते तक मय ब्याज नहीं किया जाता है तो दूसरे सप्ताह में मिल का मेन गेट वेल्ड करके अनिश्चित काल के लिए बंद कर देंगे। इसे मय ब्याज के भुगतान होने के बाद ही खोला जाएगा। शताब्दी नगर में नई अधिग्रहण नीति के लिए आठ वर्षों से धरना चल रहा है। वहां पर नई नीति का मुआवजा मिले बिना कोई कार्य नहीं होने दिया जाएगा।
किसानों ने कहा कि गांवों में नलकूप पर कम से कम 18 घंटे बिजली मिले। पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अलग राज्य बनाया जाए। नलकूपों को बिजली अन्य राज्यों की तरह मुफ्त दी जाए। जिन गांवों में मकानों के ऊपर 11 हजार की लाइन जा रही है उसे तुरंत हटवाया जाए। किसानों से चुनाव के समय किए वायदे के मुताबिक किसानों को एक बार कर्ज मुक्त किया जाए। जो केमिकल फैक्टरी बोर करके केमिकल युक्त पानी जमीन में नीचे डाल रहे हैं, उन्हें तुरंत बंद कराया जाए। आवारा पशुओं से किसानों को निजात दिलाई जाए, जो बैंक सोसायटी वसूली के नाम पर किसानों का उत्पीड़न कर रहे हैं, इसको तुरंत बंद किया जाए। यदि किसानों की उक्त समस्याओं का जुलाई के दूसरे सप्ताह तक समाधान नहीं किया गया तो भाकियू बड़ा आंदोलन करेगी। ज्ञापन देने वालों में मंडल महामंत्री नरेश चौधरी, सतवीर भाटी. जाकिर, संदीप, मोहनराम, सोहनवीर आदि शामिल रहे।
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मवाना। भारतीय किसान यूनियन ने किसानों की गन्ना मूल्य भुगतान आदि विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम शुक्रवार को उपजिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। जिसमें समाधान नहीं होने पर बडे़ आंदोलन की चेतावनी दी है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव को दिए ज्ञापन में कहा कि गन्ना मूल्य भुगतान यदि जुलाई के पहले हफ्ते तक मय ब्याज नहीं किया जाता है तो दूसरे सप्ताह में मिल का मेन गेट वेल्ड करके अनिश्चित काल के लिए बंद कर देंगे। इसे मय ब्याज के भुगतान होने के बाद ही खोला जाएगा। शताब्दी नगर में नई अधिग्रहण नीति के लिए आठ वर्षों से धरना चल रहा है। वहां पर नई नीति का मुआवजा मिले बिना कोई कार्य नहीं होने दिया जाएगा।
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किसानों ने कहा कि गांवों में नलकूप पर कम से कम 18 घंटे बिजली मिले। पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अलग राज्य बनाया जाए। नलकूपों को बिजली अन्य राज्यों की तरह मुफ्त दी जाए। जिन गांवों में मकानों के ऊपर 11 हजार की लाइन जा रही है उसे तुरंत हटवाया जाए। किसानों से चुनाव के समय किए वायदे के मुताबिक किसानों को एक बार कर्ज मुक्त किया जाए। जो केमिकल फैक्टरी बोर करके केमिकल युक्त पानी जमीन में नीचे डाल रहे हैं, उन्हें तुरंत बंद कराया जाए। आवारा पशुओं से किसानों को निजात दिलाई जाए, जो बैंक सोसायटी वसूली के नाम पर किसानों का उत्पीड़न कर रहे हैं, इसको तुरंत बंद किया जाए। यदि किसानों की उक्त समस्याओं का जुलाई के दूसरे सप्ताह तक समाधान नहीं किया गया तो भाकियू बड़ा आंदोलन करेगी। ज्ञापन देने वालों में मंडल महामंत्री नरेश चौधरी, सतवीर भाटी. जाकिर, संदीप, मोहनराम, सोहनवीर आदि शामिल रहे।
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