फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   प्रशासनिक अधिकारियों ने डरा धमकाकर कराया डेयरी निकालने पर सहमत

प्रशासनिक अधिकारियों ने डरा धमकाकर कराया डेयरी निकालने पर सहमत

Thu, 13 Jun 2019 02:16 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 13 Jun 2019 02:16 AM IST
विज्ञापन
प्रशासनिक अधिकारियों ने डरा धमकाकर कराया डेयरी निकालने पर सहमत
- डेयरी संचालक एसोसिएशन के अध्यक्ष ने डीएम को पत्र भेजकर खोली अधिकारियों की पोल
विज्ञापन

- हाईकोर्ट ने 30 जून तक शहर से सभी डेयरियों को बाहर करने का दे रखा है आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। महानगर से डेयरियों को बाहर करने के हाईकोर्ट के आदेश पर अमल कराने के लिए मंगलवार को नगर निगम, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की डेयरी संचालकों के बीच हुई वार्ता की सच्चाई 12 घंटे बाद ही सार्वजनिक हो गई। बैठक के बाद अधिकारियों ने डेयरी संचालकों को स्वेच्छा से डेयरियों को शहर से बाहर करने की बात कही थी। वहीं बुधवार को डेयरी संचालक एसोसिएशन के अध्यक्ष ने डीएम को पत्र भेजकर आरोप लगाया कि बैठक में अधिकारियों ने उनको डरा धमकाकर समझौते पर हस्ताक्षर कराए। अध्यक्ष ने स्वयं को हृदय रोगी बताते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। साथ ही माधवपुरम में संचालित अपनी डेयरी को बंद करने की बात कही।
शहर में 2200 से अधिक डेयरियां हैं। इनमें लगभग 50 हजार पशु हैं। डेयरियों से निकलने वाले गोबर से शहर के नाले हर समय चोक रहते हैं। यह मामला हाईकोर्ट पहुंचा तो न्यायालय ने 30 जून तक डेयरियों को शहर से बाहर करने के आदेश जारी कर दिए। मंगलवार को नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान, एसपी सिटी, एसीएम, नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने डेयरियों को बाहर करने के लिए अभियान की तैयारी की थी। सूचना पर शहरभर के डेयरी संचालकों ने प्रशासन की कार्रवाई के विरोध में बाइक रैली निकाली थी। वहीं नगर निगम परिसर में धरना प्रदर्शन कर कैटल कॉलोनी विकसित करने और तब तक डेयरियों को शहर से बाहर न करने की मांग रखी थी।
विज्ञापन

निगम में हंगामे के दौरान पहुंचे सीओ कोतवाली ने डेयरी संचालक एसोसिएशन के पांच लोगों के प्रतिनिधिमंडल की वार्ता नगरायुक्त सहित अन्य अधिकारियों से कराने के लिए राजी किया था। मंगलवार को पुलिस लाइन में अधिकारी और डेयरी संचालकों की बैठक हुई थी। इससे मीडिया को भी दूर रखा गया था। बैठक के बाद नगरायुक्त सहित सभी अधिकारियों ने डेयरी संचालकों द्वारा हाईकोर्ट के आदेश पर अमल करने पर सहमति की बात कही थी। ऐसा ही डेयरी संचालक एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र सिंह ने भी कहा था। बैठक खत्म हुए 12 घंटे ही बीते कि एसोसिएशन अध्यक्ष महेंद्र सिंह ने डीएम को पत्र जारी कर आरोप लगाए कि बैठक में अधिकारियों ने कैटल कॉलोनी विकसित करने पर बात नहीं की। बल्कि डेयरी संचालक प्रतिनिधिमंडल में शामिल सभी सदस्यों को डरा धमकाकर एक पक्षीय कार्रवाई कर समझौता तैयार करके हस्ताक्षर कराए। उस वार्ता के दौरान हुई समस्त कार्रवाई को शून्य किया जाता है। इसके बाद एसोसिएशन अध्यक्ष ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। साथ ही उन्होंने माधवपुरम में अपनी डेयरी को भी बंद करने का दावा किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

महायोजना में कैटल कॉलोनी शामिल, धरातल पर कुछ नहीं
एमडीए की महायोजना 2021 में कैटल कॉलोनी विकसित किया जाना निश्चित है। पूर्व में लोहियानगर में कैटल कॉलोनी का प्लान भी जारी किया गया था, लेकिन उस समय डेयरी संचालकों ने कोई रुचि नहीं ली। इस कारण एमडीए ने उस भूमि को बेच दिया। अब हाईकोर्ट ने शहर से डेयरियों को बाहर करने का आदेश जारी किया तो कैटल कॉलोनी की याद आ गई। अब एमडीए और जिला प्रशासन ने कैटल कॉलोनी के लिए भूमि देने से हाथ खड़े कर दिए हैं।
---------------------
वर्जन...
आदेश से कराया था अवगत
डेयरी संचालकों को केवल हाईकोर्ट के आदेश से अवगत कराया गया था। वह अपनी डेयरियों को शहर से बाहर करने के लिए सहमत हुए थे। सहमति पत्र पर उन्होंने हस्ताक्षर किए हैं। वैसे भी कैटल कॉलोनी विकसित करने का काम नगर निगम का नहीं है। -मनोज कुमार चौहान, नगरायुक्त।

अब जमीन नहीं उपलब्ध
एमडीए के पास इस समय कैटल कॉलोनी के लिए जगह नहीं है। यह बात सही है कि कैटल कॉलोनी महायोजना 2021 में शामिल है। अब भविष्य में भूमि अधिग्रहण होगा तो कैटल कॉलोनी विकसित की जाएगी। -राजेश कुमार शर्मा, एमडीए उपाध्यक्ष
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed