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40 साल में सबसे गर्म चल रहा जून महीना

Tue, 11 Jun 2019 02:52 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 11 Jun 2019 02:52 AM IST
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40 साल में सबसे गर्म चल रहा जून महीना
पारा 45 के आसपास, राहत के नहीं आसार
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प्रकृति से छेड़छाड़, पेड़ों की अधाधुंध कटान और ग्लोबल वार्मिग का असर मौसम पर साफ दिखाई दे रहा है। यही कारण है कि हर साल मौसम का पैटर्न बदल रहा है। हालात ये हैं कि बीते 40 सालों में जून का महीना इतना गर्म कभी नहीं रहा। गर्मी सभी पुराने रिकार्ड ध्वस्त करती जा रही है। इतने पर भी गर्मी से राहत के आसार नहीं दिख रहे हैं। आने वाले 48 घंटों में तापमान 45 डिग्री तक पहुंच सकता है।
इस साल गर्मी का रौद्र रूप दिखाई दे रहा है। जून के महीने में पहले ऐसी गर्मी नहीं देखी गई। दिन में धरती तप रही है और रात को पसीने छूट रहे हैं। पंखे और कूलर भी गर्मी के आगे बौने साबित हो रहे हैं। सोमवार का दिन पिछले 40 सालों में सबसे ज्यादा गर्म रहा। तापमान 44.3 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल रहे। मौसम कार्यालय पर अधिकतम तापमान 44.3 डिग्री व न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। अधिकतम आर्र्दता 49 व न्यूनतम 19 फीसदी दर्ज की गई। तापमान सामान्य से छह डिग्री अधिक रहा।
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जब जून माह में 40 के पार गया तापमान
1980 37.4
1983 40.1
1984 40.8
1991 40.1
1998 40.7
2002 40.1
2007 41.2
2008 40.1
2012 40.2
2014 42.1
2018 40.4
2019 44.3

कृषि पर दिखेगा प्रतिकूल प्रभाव
आईआईएफएसआर मोदीपुरम के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एन सुभाष के अनुसार तापमान में वृद्धि का नतीजा बदलते मौसम के रूप में दिखाई दे रहा है। ग्लोबल वार्मिंग के कारण वाष्पीकरण की प्रक्रिया तेज होती है। आने वाले समय में इसका प्रतिकूल प्रभाव कृषि पर भी दिखाई दे सकता है। तापमान बढ़ने से कई पौधों का पनपना मुश्किल हो जाता है। धीरे-धीरे उनका अस्तित्व समाप्त हो सकता है।
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ग्लोबल वार्मिंग का दुष्प्रभाव
- ग्लेशियर धीरे-धीरे पिघल रहे हैं। इससे पृथ्वी की आंतरिक सतह पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका।
- ओजोन परत में पतली होती जा रही है, पर्यावरण में विषाक्त गैसों का असर।
- ग्लोबल वार्मिग के कारण कई जीव जन्तु भी विलुप्त होने के कगार पर हैं।
- बारिश के चक्र में भी बदलाव देखने को मिल रहा है।
- गर्मी और सर्दी के मौसम के समय अंतराल में उतार चढ़ाव।

जून का सामान्य तापमान 38 है
जून के महीने में अधिकतम तापमान 38 डिग्री होना चाहिए, लेकिन यह सामान्य से 6 डिग्री ऊपर चल रहा है। आर्र्दता भी बढ़ती जा रही है, जो गर्मी को बढ़ा रही है। तापमान बढ़ने से गर्मी का असर तेज होता जा रहा है।

वर्जन---
ग्लोबल वार्मिंग के असर के कारण ही तापमान बढ़ रहा है। जून माह 40 साल में सबसे गर्म चल रहा है। अभी मौसम ऐसे ही रहेगा। तापमान 45 डिग्री तक पहुंच सकता है। फिलहाल गर्मी से राहत के आसार नहीं है।

डॉ. एन सुभाष, मौसम वैज्ञानिक आईआईएफएसआर
वर्जन---
जून की गर्मी इस बार नया रिकार्ड बना रही है। तापमान लगातार चढ़ता जा रहा है। मानसून केरल में एक सप्ताह देर से आया है। हालांकि अभी उसकी गति सही है। उम्मीद है समय से वेस्ट यूपी पहुंच जाएगा। 12 जून को तेज हवाएं चल सकती हैं। अभी तापमान 42 से 45 के बीच ही रहेगा।
डॉ. यूपी शाही, मौसम विशेषज्ञ, कृषि विवि
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