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14 में से एक भी तालाब कब्जा मुक्त नहीं

Mon, 03 Jun 2019 01:52 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 03 Jun 2019 01:52 AM IST
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14 में से एक भी तालाब कब्जा मुक्त नहीं
14 में से एक भी तालाब कब्जा मुक्त नहीं
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सरधना में तालाब की करोड़ों रुपये की भूमि पर माफिया का कब्जा
अमर उजाला ब्यूरो
सरधना। नगर पालिका रिकार्ड में 14 तालाब दर्ज हैं। इन पर कब्जाधारक भारी पड़ रहे हैं। जिसके चलते तालाबों का अस्तित्व मिटता जा रहा है। पालिका ने पुलिस एवं पीएसी की मौजूदगी में कई बार 14 तालाबों से अवैध कब्जा हटवाने के लिए अभियान चलाया। वह केवल पैमाइश एवं सीमांकन तक ही सीमित रहा। जिसके चलते कब्जा धारकों के हौसले इतने बढ़ते चले गए कि वर्तमान में एक भी तालाब ऐसा नहीं बचा जो कब्जे की जद में न हो। हाल ही में पांडुशिला रोड एवं कालंद चुंगी के निकट तालाब की भूमि पर मिट्टी डालकर कब्जा किया जा रहा है। हालांकि पालिका ने कब्जा धारकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर नगर के कुछ लोगों द्वारा एसडीएम से शिकायत की गई। इस पर एसडीएम ने जांच पूरी होने तक विवादित भूमि पर निर्माण नहीं करने का आदेश जारी किया है। जिसके बाद पालिका ने दोनों जगह चल रहे निर्माण को रुकवा दिया। उधर, शनिवार को तहसील एवं पालिका की संयुक्त टीम ने पांडुशिला रोड स्थित तालाब की पैमाइश की। वहीं, कालंद चुंगी के निकट चल रहे भराव को भी बंद कराया।
ये तालाब हैं पालिका रिकार्ड में दर्ज
14 तालाबों में 9 तालाब एनजेडए-प्रथम तथा 5 तालाब एनजेडए-द्वितीय की श्रेणी में दर्ज हैं-
1-खसरा संख्या-1905 -हेक्टेयर वर्ग मीटर 0,6960-उक्त तालाब संत चार्ल्स इंटर कॉलेज की चारदीवारी के अंदर मौजूद है। इस पर खेती की जा रही है।
2-खसरा संख्या-2163-हेक्टेयर वर्ग मीटर 0,2150- उक्त तालाब की भूमि पर दो पावरलूम चल रही हैं। जिसमें कपड़ा बुनाई का काम किया जाता है। जिस पर सुभाष सिंह पुत्र हीरालाल व कमल कुमार जैन पुत्र कांति स्वरूप जैन का कब्जा है।
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3-खसरा संख्या-2012-हेक्टेयर वर्ग मीटर-0,1110 उक्त तालाब मोहल्ला हरलालपुरा निवासी केशोराम की भूमि से मिला हुुआ है, ये अवैध कब्जे की जद में हैं।
4-खसरा संख्या-2468-हेक्टेयर वर्ग मीटर 0,1070 उक्त तालाब पशु चिकित्सालय के सामने स्थित है। जिससे होकर नाला गुजर रहा है। कुछ भूमि पर कब्जा तो कुछ खाली पड़ी है।
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5-खसरा संख्या-2351-हेक्टेयर वर्ग मीटर 0,0510,यह तालाब पांडुशिला रोड पर स्थित है,जिसमें कुछ भूमि पर कब्जा तो कुछ भूमि वर्तमान में खाली पडी है,जिस पर कब्जे का प्रयास जारी हैं।
6-खसरा संख्या-2482-हेक्टेयर वर्ग मीटर,0,5060-इस तालाब पर कुछ भाग खाली तो कुछ कब्जे की जद मेें हैं।
7-खसरा संख्या-2488-हेक्टेयर वर्ग मीटर 1,4550-इस तालाब की भूमि पर इस तालाब की भूमि पर करीब 14 कच्चे/पक्के मकान बने हैं, और एक धर्मशाला भी बनी है।
8-खसरा संख्या-2484-हेक्टयेर वर्ग मीटर-0,0760-इस तालाब के हिस्से कुछ में आबादी बनी है, कुछ खाली पड़ा है।
9-खसरा संख्या-2547-हेक्टेयर वर्ग मीटर-0,1520/3,3690 यह तालाब संत चार्ल्स इंटर कॉलेज की चारदीवारी के अंदर है, जिसमें वर्तमान में फसल बोई जाती है।
एनजेडए द्वितीय की श्रेेणी में दर्ज तालाब
10-खसरा संख्या-1877-हेक्टेयर वर्ग मीटर-0,2770 इस तालाब की भूमि पर कुड़ा करकट पड़ा है। यह तालाब कालंद चुंगी के निकट स्थित है। इस तालाब पर 250 वर्ग मीटर भूमि सूर्यदेव त्यागी की आबादी है। शेष पर आकाश आदि मोहल्ला हरलालपुरा का कब्जा है। जिसका एक वाद सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। इस तालाब की भूमि पर मिट्टी डालकर कब्जे का प्रयास जारी है।
11-खसरा संख्या-2325-हेक्टेयर वर्ग मीटर-0,1900-इस तालाब की भूमि पर धार्मिक स्थल बना है। यह आबादी के बीच में है।
12-खसरा संख्या-2273-हेक्टेयर वर्ग मीटर-0,1010-इस तालाब की भूमि पर बच्चा श्मशान बना है। कुछ भूमि खाली पड़ी है। कुछ पर पूरण पुत्र उदय सिंह ने अपने खेत में मिला लिया है। जिसका एक वाद मेरठ के सक्षम न्यायालय में विचाराधीन है।
13-खसरा संख्या-2367-हेक्टेयर वर्ग मीटर-0,2280-इस तालाब की भूमि पर सड़क बनी है, कुछ पर आबादी बसी है।
14-खसरा संख्या-2461-1,1020/1,8980-उक्त तालाब तहसील रोड स्थित मोहल्ला कुम्हारान में है। जिस पर 1500 वर्ग मीटर में विवाह मंडप कुमार पैलेस बना है। कुछ पर आबादी बनी है तो कुछ भाग खाली पड़ा है। तालाबों की भूमि का यह रिकार्ड पालिका में दर्ज है।


तालाब मिटने पर घट रहा भूजल स्तर
सरधना नगर से चंद कदम दूर गंगनहर होने के बावजूद भूगर्भ जलस्तर धीरे-धीरे घटता जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पालिका द्वारा लगाई गई पानी की टंकी पर ही लोग निर्भर रहते हैं। हालांकि कुछ लोगों ने अपने घरों में सबमर्सिबल लगा लिये हैं। घरों में जो नल पांच से सात वर्ष पूर्व तक काम करते थे अब उन्होंने पानी देना बंद कर दिया है। लोगों का कहना है कि भू जलस्तर का घटना तालाबों का अस्तित्व खत्म होने के कारण हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद तालाबों को कब्जा मुक्त कराकर उनका जीर्णोद्धार नहीं कराया जा रहा है। पूर्व में तत्कालीन एसडीएम अखंड प्रताप व शिवकुमार ने अभियान चलाया था। हालांकि कुछ सफेदपोश लोगों के अवैध कब्जे सामने आए तो पैमाइश के तालाब की भूमि का चिह्निकरण कर छोड़ दिया गया। अब वर्तमान में पांडुशिला रोड व कालंद चुंगी के निकट तालाब की भूमि पर अवैध कब्जे का प्रयास जारी है। देखना है कि पुलिस प्रशासन तालाब की भूमि पर अवैध कब्जा रोकने में कामयाब होता है या फिर सफेदपोश नेताओं के सामने घुटने टेकता है।
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