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आवारा पशुओं को पंचायत भवन में बंद किया
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आवारा पशुओं को पंचायत भवन में बंद किया
खरखौदा। आवारा पशुओं के आतंक से ग्रामीणों को अभी छुटकारा नहीं मिल रहा है। जहां आवारा पशु किसानों की फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। वहीं, प्रदेश सरकार द्वारा आश्रय स्थल खोलने के बाद भी गांवों में सैकड़ों आवारा पशु घूमते रहते हैं। इनसे आजिज रजपुरा के ग्रामीणों ने शुक्रवार को फसल नष्ट कर रहे आवारा पशुओं को पंचायत भवन में बंद कर दिया।
प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद गोरक्षा पर सख्ती से बल दिया गया। जिसका असर भी हुआ। जहां कहीं किसी भी गांवों में नहीं दिखने वाले आवारा गोवंश अब सैकड़ों की संख्या में घूमते मिल जाते हैं। सरकार ने गोवंश की तो रक्षा की परंतु इनके रखरखाव की उचित व्यवस्था नहीं की। जिस कारण सैकड़ों की संख्या में गोवंश खेतों में घुसकर खड़ी फसलों को बर्बाद करने लगे हैं। पीड़ित किसानों ने जनप्रतिनिधियों के माध्यम से अपनी समस्या प्रदेश सरकार तक पहुंचाई। जिसमें प्रदेश सरकार द्वारा आवारा गोवंशों के लिए शहर एवं नगर पंचायत स्तर पर आश्रय स्थल खोले गए। इस तरह के पशुओं की गांव-गांव में संख्या अधिक होने से सभी आश्रय स्थालों की क्षमता पूरी हो गई। इसलिए आवारा पशुओं की स्थिति ज्यों की त्यों है। किसानों ने खेतों में कटीले तारों की बाढ़ भी लगा दी है, लेकिन भूख लगने पर ये आवारा पशु कटीले तारों को भी तोड़कर अंदर घुस जाते हैं। यही हाल क्षेत्र के गांव रजपुरा का है। यहां सैकड़ों आवारा पशु चारे एवं गन्ने की फसल को नष्ट कर रहे हैं। आजिज किसानों ने शुक्रवार को कई दर्जन आवारा गोवंश को घेरकर गांव केेे ही पंचायत भवन में बंद कर दिया।
मामले की अभी जानकारी नहीं मिली है। किसान भी इन पशुओं से परेशान हैं। रजपुरा के मामले में आश्रय स्थल के बारे बात की। इन पशुओं के रखरखाव की उचित व्यवस्था की जाएगी। कमलेश कुमार, एसडीएम सदर
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खरखौदा। आवारा पशुओं के आतंक से ग्रामीणों को अभी छुटकारा नहीं मिल रहा है। जहां आवारा पशु किसानों की फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। वहीं, प्रदेश सरकार द्वारा आश्रय स्थल खोलने के बाद भी गांवों में सैकड़ों आवारा पशु घूमते रहते हैं। इनसे आजिज रजपुरा के ग्रामीणों ने शुक्रवार को फसल नष्ट कर रहे आवारा पशुओं को पंचायत भवन में बंद कर दिया।
प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद गोरक्षा पर सख्ती से बल दिया गया। जिसका असर भी हुआ। जहां कहीं किसी भी गांवों में नहीं दिखने वाले आवारा गोवंश अब सैकड़ों की संख्या में घूमते मिल जाते हैं। सरकार ने गोवंश की तो रक्षा की परंतु इनके रखरखाव की उचित व्यवस्था नहीं की। जिस कारण सैकड़ों की संख्या में गोवंश खेतों में घुसकर खड़ी फसलों को बर्बाद करने लगे हैं। पीड़ित किसानों ने जनप्रतिनिधियों के माध्यम से अपनी समस्या प्रदेश सरकार तक पहुंचाई। जिसमें प्रदेश सरकार द्वारा आवारा गोवंशों के लिए शहर एवं नगर पंचायत स्तर पर आश्रय स्थल खोले गए। इस तरह के पशुओं की गांव-गांव में संख्या अधिक होने से सभी आश्रय स्थालों की क्षमता पूरी हो गई। इसलिए आवारा पशुओं की स्थिति ज्यों की त्यों है। किसानों ने खेतों में कटीले तारों की बाढ़ भी लगा दी है, लेकिन भूख लगने पर ये आवारा पशु कटीले तारों को भी तोड़कर अंदर घुस जाते हैं। यही हाल क्षेत्र के गांव रजपुरा का है। यहां सैकड़ों आवारा पशु चारे एवं गन्ने की फसल को नष्ट कर रहे हैं। आजिज किसानों ने शुक्रवार को कई दर्जन आवारा गोवंश को घेरकर गांव केेे ही पंचायत भवन में बंद कर दिया।
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मामले की अभी जानकारी नहीं मिली है। किसान भी इन पशुओं से परेशान हैं। रजपुरा के मामले में आश्रय स्थल के बारे बात की। इन पशुओं के रखरखाव की उचित व्यवस्था की जाएगी। कमलेश कुमार, एसडीएम सदर
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