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रैपिड: सिग्नल और टेलीकॉम के लिए आया टेंडर
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रैपिड: सिग्नल और टेलीकॉम के लिए आया टेंडर
- आचार संहिता हटने के बाद रैपिड रेल प्रोजेक्ट में आएगी तेजी
- सराय काले खां से आगे बनाए जाने वाले कॉरिडोर के लिए भी टेंडर प्रक्रिया शुरू
- 29 मई को प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में लखनऊ में बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन की तरफ से रैपिड रेल तैयारियों को रफ्तार दी जा रही है। आचार संहिता खत्म होने के साथ टेंडर प्रक्रिया को अब तेज गति से किया जाएगा।
हालांकि, लोकसभा चुनाव के दौरान भी रैपिड रेल की तैयारियों पर बैठक की गई, जिससे प्रोजेक्ट को तय समय पर पूरा किया जा सके। इसके लिए दिल्ली और लखनऊ से प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग के लिए उच्चस्तरीय कमेटी बनाई गई है। हाल ही में कमिश्नर ने रैपिड रेल के अधिकारियों के साथ बैठक कर तीन-तीन महीने में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। अब रैपिड रेल के सिग्नल और टेलीकॉम के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। जिससे कार्य को रफ्तार मिलनी तय है।
82.15 किलोमीटर के इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। जिससे पहले चरण में साहिबाबाद से दुहाई तक कार्य को समय से पूरा किया जा सके। वहीं, मोदीपुरम में बनाए जाने वाले डिपो के लिए अभी जमीन के लिए किसानों से बात नहीं बन सकी है। पिछली बैठक में दौराला के किसानों ने जमीन को देने में आपत्ति जताई थी।
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भैसाली डिपो पर अभी फैसला नहीं
रैपिड रेल के अंडरग्राउंड स्टेशन के लिए भैसाली डिपो की जमीन को लेने की मांग एनसीआरटीसी द्वारा की गई है। लेकिन इस मांग पर परिवहन निगम के अधिकारी सहमत नहीं है। इस मामले पर अभी कुछ भी फैसला नहीं हो सका है। एनसीआरटीसी ने ढाई से तीन साल के लिए बस अड्डे को मांगा है। जिससे शहर से बस अड्डे को बाहर जाना पड़ेगा। इससे आम यात्रियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इस बस अड्डे से दिल्ली, हरिद्वार, देहरादून, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, जयपुर आदि स्थानों की बसें मिलती हैं।
कल लखनऊ में होगी बैठक
एक बार फिर प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में 29 मई को लखनऊ में बैठक आयोजित होगी। इस बैठक में मेरठ और गाजियाबाद के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एनसीआरटीसी के अधिकारी भी शामिल होंगे। इस बैठक में रैपिड रेल के भूमि अधिग्रहण और भैसाली बस अड्डे की ली जाने वाली जमीन पर फैसला होगा। इस बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के एमडी भी मौजूद रहेंगे।
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- आचार संहिता हटने के बाद रैपिड रेल प्रोजेक्ट में आएगी तेजी
- सराय काले खां से आगे बनाए जाने वाले कॉरिडोर के लिए भी टेंडर प्रक्रिया शुरू
- 29 मई को प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में लखनऊ में बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन की तरफ से रैपिड रेल तैयारियों को रफ्तार दी जा रही है। आचार संहिता खत्म होने के साथ टेंडर प्रक्रिया को अब तेज गति से किया जाएगा।
हालांकि, लोकसभा चुनाव के दौरान भी रैपिड रेल की तैयारियों पर बैठक की गई, जिससे प्रोजेक्ट को तय समय पर पूरा किया जा सके। इसके लिए दिल्ली और लखनऊ से प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग के लिए उच्चस्तरीय कमेटी बनाई गई है। हाल ही में कमिश्नर ने रैपिड रेल के अधिकारियों के साथ बैठक कर तीन-तीन महीने में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। अब रैपिड रेल के सिग्नल और टेलीकॉम के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। जिससे कार्य को रफ्तार मिलनी तय है।
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82.15 किलोमीटर के इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। जिससे पहले चरण में साहिबाबाद से दुहाई तक कार्य को समय से पूरा किया जा सके। वहीं, मोदीपुरम में बनाए जाने वाले डिपो के लिए अभी जमीन के लिए किसानों से बात नहीं बन सकी है। पिछली बैठक में दौराला के किसानों ने जमीन को देने में आपत्ति जताई थी।
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भैसाली डिपो पर अभी फैसला नहीं
रैपिड रेल के अंडरग्राउंड स्टेशन के लिए भैसाली डिपो की जमीन को लेने की मांग एनसीआरटीसी द्वारा की गई है। लेकिन इस मांग पर परिवहन निगम के अधिकारी सहमत नहीं है। इस मामले पर अभी कुछ भी फैसला नहीं हो सका है। एनसीआरटीसी ने ढाई से तीन साल के लिए बस अड्डे को मांगा है। जिससे शहर से बस अड्डे को बाहर जाना पड़ेगा। इससे आम यात्रियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इस बस अड्डे से दिल्ली, हरिद्वार, देहरादून, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, जयपुर आदि स्थानों की बसें मिलती हैं।
कल लखनऊ में होगी बैठक
एक बार फिर प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में 29 मई को लखनऊ में बैठक आयोजित होगी। इस बैठक में मेरठ और गाजियाबाद के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एनसीआरटीसी के अधिकारी भी शामिल होंगे। इस बैठक में रैपिड रेल के भूमि अधिग्रहण और भैसाली बस अड्डे की ली जाने वाली जमीन पर फैसला होगा। इस बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के एमडी भी मौजूद रहेंगे।