{"_id":"5ce9a5a5bdec2206ff5a6ef4","slug":"155881621419-meerut-news148","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओवरलोड के चलते बार-बार फुंक रहा ट्रांसफार्मर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ओवरलोड के चलते बार-बार फुंक रहा ट्रांसफार्मर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ओवरलोड के चलते बार-बार फुंक रहा ट्रांसफार्मर
खरखौदा। गांव कैली में एक माह में ओवरलोड के चलते तीन बार विद्युत ट्रांसर्फामर फुंक चुका है। ग्रामीणों की मांग के बाद भी विद्युत निगम ने लोड के अनुरूप ट्रांसफार्मर नहीं लगाया। कर्मचारियों द्वारा एक माह में तीन बार ट्रांसर्फामर बदलकर विभाग को लाखों का चूना लगा दिया गया है। वहीं, ग्रामीणों की समस्या जस की तस है। फिलहाल दो दिन से ट्रांसफार्मर फुंका हुआ है।
धीरखेड़ा विद्युत उपकेंद्र की हालत जर्जर है। इस फीडर की मशीनें काफी पुरानी हो गई हैं। इसी उपकेंद्र से गांव कैली भी जुड़ा हुआ है। लाइन जर्जर एवं पुरानी होने के कारण तथा तापमान बढ़ने से आए दिन एलटी एवं एचटी लाइन का तार टूटता रहता है। शेडयूल के हिसाब से देहात को 18 घंटे व जंगल के लिए दस घंटे आपूर्ति मिलनी चाहिए। हालांकि लाइन जर्जर होने तथा बार-बार तार टूटने से गांव कैली समेत विद्युत उपकेंद्र अंतर्गत आने वाले सभी गांवों को समुचित आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। वहीं, गांव कैली में 100 किलोवाट के ट्रांसफार्मर पर करीब 82 विद्युत कनेक्शन हैं। इनमें कई कनेक्शन व्यावसायिक भी हैं। इसके चलते ट्रांसफार्मर पर क्षमता से लगभग दोगुना लोड है। जिससे पिछले एक माह में उक्त ट्रांसर्फामर तीन बार फुंक चुका है। गांव में पहलेे हैंडपंप के माध्यम से पानी निकाला जाता था, लेकिन लगातार पानी के दोहन एवं तालाबों पर अतिक्रमण के कारण भूजल स्तर गिर रहा है। जिस कारण हैंडपंपों ने काम करना बंद कर दिया है। इसके चलते ग्रामीण सबमर्सिबल का प्रयोग करते हैं। ग्राम प्रधान अमित त्यागी का कहना है कि आए दिन ट्रांसफार्मर फुंकने से ग्रामीणों को पेयजल की किल्लत, पशुओं के लिए चारे की परेशानी समेत कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मुकेश कुमार, संजय त्यागी, निर्दोष, आरव जसवीर एवं सुनील त्यागी आदि ग्रामीणों ने इस मामले में कई बार विद्युत निगम के अधिकारियों को शिकायत कर नए ट्रांसफार्मर की है। हालांकि इसके बावजूद न कोई अधिकारी एवं कर्मचारी कनेक्शनों की जांच के लिए नहीं आए। इतना ही नहीं ट्रांसफार्मर का लोड भी नहीं बढ़ाया गया है। फिलहाल दो दिन में ट्रांसफार्मर फुंका हुआ है। ग्रामीण परेशानी का सामना कर रहे हैं।
ये गंभीर मामला है। कर्मचारियों की लापरवाही से ऊर्जा निगम को क्षति पहुंच रही है। इसकी जांच कराकर ट्रांसफार्मर का लोड बढ़वाया जाएगा। -राजीव कुमार, विद्युत उपखंड अधिकारी हापुड़।
विज्ञापन
विज्ञापन
खरखौदा। गांव कैली में एक माह में ओवरलोड के चलते तीन बार विद्युत ट्रांसर्फामर फुंक चुका है। ग्रामीणों की मांग के बाद भी विद्युत निगम ने लोड के अनुरूप ट्रांसफार्मर नहीं लगाया। कर्मचारियों द्वारा एक माह में तीन बार ट्रांसर्फामर बदलकर विभाग को लाखों का चूना लगा दिया गया है। वहीं, ग्रामीणों की समस्या जस की तस है। फिलहाल दो दिन से ट्रांसफार्मर फुंका हुआ है।
धीरखेड़ा विद्युत उपकेंद्र की हालत जर्जर है। इस फीडर की मशीनें काफी पुरानी हो गई हैं। इसी उपकेंद्र से गांव कैली भी जुड़ा हुआ है। लाइन जर्जर एवं पुरानी होने के कारण तथा तापमान बढ़ने से आए दिन एलटी एवं एचटी लाइन का तार टूटता रहता है। शेडयूल के हिसाब से देहात को 18 घंटे व जंगल के लिए दस घंटे आपूर्ति मिलनी चाहिए। हालांकि लाइन जर्जर होने तथा बार-बार तार टूटने से गांव कैली समेत विद्युत उपकेंद्र अंतर्गत आने वाले सभी गांवों को समुचित आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। वहीं, गांव कैली में 100 किलोवाट के ट्रांसफार्मर पर करीब 82 विद्युत कनेक्शन हैं। इनमें कई कनेक्शन व्यावसायिक भी हैं। इसके चलते ट्रांसफार्मर पर क्षमता से लगभग दोगुना लोड है। जिससे पिछले एक माह में उक्त ट्रांसर्फामर तीन बार फुंक चुका है। गांव में पहलेे हैंडपंप के माध्यम से पानी निकाला जाता था, लेकिन लगातार पानी के दोहन एवं तालाबों पर अतिक्रमण के कारण भूजल स्तर गिर रहा है। जिस कारण हैंडपंपों ने काम करना बंद कर दिया है। इसके चलते ग्रामीण सबमर्सिबल का प्रयोग करते हैं। ग्राम प्रधान अमित त्यागी का कहना है कि आए दिन ट्रांसफार्मर फुंकने से ग्रामीणों को पेयजल की किल्लत, पशुओं के लिए चारे की परेशानी समेत कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मुकेश कुमार, संजय त्यागी, निर्दोष, आरव जसवीर एवं सुनील त्यागी आदि ग्रामीणों ने इस मामले में कई बार विद्युत निगम के अधिकारियों को शिकायत कर नए ट्रांसफार्मर की है। हालांकि इसके बावजूद न कोई अधिकारी एवं कर्मचारी कनेक्शनों की जांच के लिए नहीं आए। इतना ही नहीं ट्रांसफार्मर का लोड भी नहीं बढ़ाया गया है। फिलहाल दो दिन में ट्रांसफार्मर फुंका हुआ है। ग्रामीण परेशानी का सामना कर रहे हैं।
विज्ञापन
ये गंभीर मामला है। कर्मचारियों की लापरवाही से ऊर्जा निगम को क्षति पहुंच रही है। इसकी जांच कराकर ट्रांसफार्मर का लोड बढ़वाया जाएगा। -राजीव कुमार, विद्युत उपखंड अधिकारी हापुड़।
विज्ञापन