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कमीशन के फेर में स्टेशन से गायब है रेल नीर
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कमीशन के फेर में स्टेशन से गायब है ‘रेल नीर’
- रेल नीर की एक पेटी की कीमत 126 और अन्य की 90 रुपये
- अन्य ब्रांड के पानी से यात्री बुझा रहे प्यास
दीपक भारद्वाज
मेरठ। कमीशन के फेर में रेलवे स्टेशनों से रेल नीर गायब होता जा रहा है। हालांकि अन्य कंपनी के ब्रांड पर मुहर लगाकर रेलवे खुद ही इसका जिम्मेदार है और वेंडर भी इसका भरपूर फायदा उठा रहे है।
रेल नीर के सापेक्ष अन्य कंपनी का पानी बेचने पर वेंडर को एक बोतल पर लगभग सात रुपये तक का अतिरिक्त लाभ मिल रहा है। इससे खुद रेलवे ही अपने ब्रांड की मार्केंटिंग करने में पिछड़ गया है। हालांकि रेलवे अधिकारियों ने अन्य ब्रांड का पानी भी रेलवे से अधिकृत होना बताकर पल्ला झाड़ लिया है।
सिटी स्टेशन पर पिछले कुछ समय से रेल नीर उपलब्ध नहीं है। कई बार इस मामले में रेलवे की तरफ से कार्ययोजना तैयार की गई। रेलवे ने गर्मियों के सीजन में रेल नीर की उपलब्धता के आदेश दिए थे। लेकिन इसके बाद भी आदेश की अवहेलना की जा रही है। वेंडर ज्यादा कमीशन के चक्कर में भी रेल नीर को बेचने से बचते हैं। लोकल कंपनियां वेंडरों को रेल नीर से ज्यादा कमीशन दे रही हैं। इससे भी वेंडर इन कंपनियों का पानी बेचने के लिए उत्सुक हैं। इतना ही नहीं यात्रियों की मांग के बावजूद भी उन्हें रेल नीर नहीं मिल पाता। मजबूरी वश यात्रियों को अन्य ब्रांड के पानी से ही अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है।
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126 रुपये की रेल नीर की पेटी
वेंडरों के मुताबिक रेल नीर की 12 बोतल की पेटी 126 रुपये की मिल रही है, जबकि अन्य ब्रांड की पेटी मात्र 90 रुपये की है। वेंडर दोनों पेटियों को 180 रुपये में बेचते है। जिससे साफ है कि अन्य ब्रांड की पानी की बोतल बेचने पर वेंडर को ज्यादा फायदा मिलता है। यात्रियों को एक बोतल 15 रुपये की दी जा रही हैं।
यात्रियों को नहीं मिलता लाभ
कमीशन का फेर वेंडर तक ही सीमित है। इसका लाभ यात्रियों को नहीं मिलता। यात्रियों को एक बोतल की कीमत 15 रुपये ही देनी है फिर चाहे वह रेल नीर हो या अन्य ब्रांड का पानी। जिसके चलते अधिकतर यात्री वेंडर से रेल नीर की मांग करते है। लेकिन उपलब्धता नहीं होने के कारण यात्री अन्य ब्रांड का पानी खरीदने को मजबूर है।
इन ब्रांड की बोतल बेची जा रहीं
बीबो, हेल्थ प्लस, ओक्समैक्स, रॉयल किंग
सात स्थानों पर रेल नीर प्लांट
दिल्ली के नांगलोई, बिहार के दानापुर, तमिलनाडु के पालुर, महाराष्ट्र के अंबरनाथ, उत्तर प्रदेश के अमेठी, केरल के पारासेला, छत्तीसगढ़ के बिलासपुर
दस रेल नीर प्लांट लगाए जाने थे
महाराष्ट्र के नागपुर, भूसावल, उत्तर प्रदेश के हापुड़, पश्चिम बंगाल के संकरेल, मध्य प्रदेश के भोपाल, असम के गुवाहाटी, आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा, गुजरात के अहमदाबाद, राजस्थान के जयपुर और हरियाणा के अंबाला।
रेल नीर की पूर्ण उपलब्धता नहीं
देश के सभी रेलवे स्टेशनों पर 26 लाख लीटर पानी की जरुरत है। लेकिन रेल नीर से सिर्फ छह लाख लीटर पानी की उपलब्धता है। इसलिए अन्य ब्रांड का पानी स्टेशनों पर बेचा जा रहा है। हालांकि यह पानी भी रेलवे द्वारा अधिकृत है। सिद्घार्थ सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, आईआरसीटीसी
- रेल नीर की एक पेटी की कीमत 126 और अन्य की 90 रुपये
- अन्य ब्रांड के पानी से यात्री बुझा रहे प्यास
दीपक भारद्वाज
मेरठ। कमीशन के फेर में रेलवे स्टेशनों से रेल नीर गायब होता जा रहा है। हालांकि अन्य कंपनी के ब्रांड पर मुहर लगाकर रेलवे खुद ही इसका जिम्मेदार है और वेंडर भी इसका भरपूर फायदा उठा रहे है।
रेल नीर के सापेक्ष अन्य कंपनी का पानी बेचने पर वेंडर को एक बोतल पर लगभग सात रुपये तक का अतिरिक्त लाभ मिल रहा है। इससे खुद रेलवे ही अपने ब्रांड की मार्केंटिंग करने में पिछड़ गया है। हालांकि रेलवे अधिकारियों ने अन्य ब्रांड का पानी भी रेलवे से अधिकृत होना बताकर पल्ला झाड़ लिया है।
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सिटी स्टेशन पर पिछले कुछ समय से रेल नीर उपलब्ध नहीं है। कई बार इस मामले में रेलवे की तरफ से कार्ययोजना तैयार की गई। रेलवे ने गर्मियों के सीजन में रेल नीर की उपलब्धता के आदेश दिए थे। लेकिन इसके बाद भी आदेश की अवहेलना की जा रही है। वेंडर ज्यादा कमीशन के चक्कर में भी रेल नीर को बेचने से बचते हैं। लोकल कंपनियां वेंडरों को रेल नीर से ज्यादा कमीशन दे रही हैं। इससे भी वेंडर इन कंपनियों का पानी बेचने के लिए उत्सुक हैं। इतना ही नहीं यात्रियों की मांग के बावजूद भी उन्हें रेल नीर नहीं मिल पाता। मजबूरी वश यात्रियों को अन्य ब्रांड के पानी से ही अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है।
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126 रुपये की रेल नीर की पेटी
वेंडरों के मुताबिक रेल नीर की 12 बोतल की पेटी 126 रुपये की मिल रही है, जबकि अन्य ब्रांड की पेटी मात्र 90 रुपये की है। वेंडर दोनों पेटियों को 180 रुपये में बेचते है। जिससे साफ है कि अन्य ब्रांड की पानी की बोतल बेचने पर वेंडर को ज्यादा फायदा मिलता है। यात्रियों को एक बोतल 15 रुपये की दी जा रही हैं।
यात्रियों को नहीं मिलता लाभ
कमीशन का फेर वेंडर तक ही सीमित है। इसका लाभ यात्रियों को नहीं मिलता। यात्रियों को एक बोतल की कीमत 15 रुपये ही देनी है फिर चाहे वह रेल नीर हो या अन्य ब्रांड का पानी। जिसके चलते अधिकतर यात्री वेंडर से रेल नीर की मांग करते है। लेकिन उपलब्धता नहीं होने के कारण यात्री अन्य ब्रांड का पानी खरीदने को मजबूर है।
इन ब्रांड की बोतल बेची जा रहीं
बीबो, हेल्थ प्लस, ओक्समैक्स, रॉयल किंग
सात स्थानों पर रेल नीर प्लांट
दिल्ली के नांगलोई, बिहार के दानापुर, तमिलनाडु के पालुर, महाराष्ट्र के अंबरनाथ, उत्तर प्रदेश के अमेठी, केरल के पारासेला, छत्तीसगढ़ के बिलासपुर
दस रेल नीर प्लांट लगाए जाने थे
महाराष्ट्र के नागपुर, भूसावल, उत्तर प्रदेश के हापुड़, पश्चिम बंगाल के संकरेल, मध्य प्रदेश के भोपाल, असम के गुवाहाटी, आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा, गुजरात के अहमदाबाद, राजस्थान के जयपुर और हरियाणा के अंबाला।
रेल नीर की पूर्ण उपलब्धता नहीं
देश के सभी रेलवे स्टेशनों पर 26 लाख लीटर पानी की जरुरत है। लेकिन रेल नीर से सिर्फ छह लाख लीटर पानी की उपलब्धता है। इसलिए अन्य ब्रांड का पानी स्टेशनों पर बेचा जा रहा है। हालांकि यह पानी भी रेलवे द्वारा अधिकृत है। सिद्घार्थ सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, आईआरसीटीसी