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मूर्छित हुए लक्ष्मण, हनुमानजी लाए संजीवनी
Updated Wed, 17 Oct 2018 02:40 AM IST
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मूर्छित हुए लक्ष्मण, हनुमानजी लाए संजीवनी
सरधना। श्रीराम लीला कमेटी द्वारा आयोजित रामलीला मंचन में कलाकारों रामलीला का मंचन किया जा रहा है। मंगलवार को लक्ष्मण के मूर्छित होने पर हनुमानजी संजीवनी बुटी लेकर आए। उसके बाद श्री रामचंद्र जी व लंका के राजा रावण की सेना के बीच भयंकर युद्घ प्रारंभ हो जाता हैं।
रामलीला मंचन में लक्ष्मण जी और मेघनाथ का भयंकर युद्ध होता है जिसमें लक्ष्मण जी पर मेघनाद ब्रह्मशक्ति का प्रयोग करता है। लक्ष्मण जी ब्रह्माजी का सम्मान करते हुए मूर्छित हो जाते हैं। लक्ष्मण जी को उठाकर हनुमान जी रामा दल में ले जाते हैं, राम जी के कहने पर हनुमान जी लंका नगरी से सुसैन वैद्य को उठा लाते हैं। सुसैन वैद्य श्री राम को बताते हैं की यदि सूर्योदय से पूर्व हिमालय पर्वत से संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण जी को खिला दी जाए तो लक्ष्मण जी को बचाया जा सकता है। यदि सूर्योदय हो जाता है तो लक्ष्मण जी को बचाना मुश्किल है। हनुमान जी तमाम बाधाएं पार करते हुए हिमालय पर्वत पर पहुंचते है और वहां जाकर संजीवनी बूटी तलाश करते हैं। उन्हें बूटी की पहचान नहीं होने पर हनुमान जी द्रोनागिर पर्वत को उठाकर लंका नगरी ले चलते है। लंका नगरी में सुसैन वैद्य संजीवनी बूटी लक्ष्मण जी को खिला देते हैं, लक्ष्मण जी की मूर्छा समाप्त हो जाती हैं। तेजस्वी भगवान, मूलचंद सैनी, वीरेंद्र सैनी एडवोकेट सचिन खटीक, राहुल आशीष सुमित अनंत सैनी, महिपाल, शरद त्यागी, कर्णपाल कश्यप, संजय, सुभाष सभासद, प्रदीप बुद्धिराजा, कमलेश पालीवाल, अंकित, प्रमोद सक्सेना, दीपक शर्मा, प्रवीण जैन, रजनीश, श्री निवास, सोनू त्यागी, रवि, विकास कंसल आदि उपस्थित रहे। उधर कुलंजन गांव में चल रही श्री रामलीला के मंचन के दौरान माता सीता की खोज में हनुमान जी समुद्र पार कर लंका पहुंच जाते हैं। इस दौरान लंका में अशोक वाटिका में जमकर उत्पात मचाकर उसे तहस नहर कर देते हैं। ग्राम प्रधान सुभाष चौहान, पूर्व प्रधान राजेंद्र सिंह, दीपक, सोनू आदि मौजूद रहे।
रावण के दरबार में पहुंचे अंगद
किठौर। कस्बा किठौर स्थित रामलीला मैदान में आयोजित रामलीला में मंगलवार को आदर्श रामलीला मंडल फरीदाबाद के कलाकारों ने रामेश्वरम स्थापना,अंगद रावण संवाद और विभीषण शरणागति लीला का भाव विभोर मंचन किया।
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जिसमें कलाकारों ने दिखाया कि श्री राम समुद्र तट पर शिवलिंग स्थापित करते है। जिसका नाम रामेश्वरम पड़ा। रामेश्वरम स्थापना के बाद समुद्र के पुल का निर्माण होता है। श्रीराम हनुमान सेना लेकर लंका की और चलते है। अंगद रावण के दरबार में पहुंचकर उनको समझाता है। लेकिन रावण नहीं मानता। इसी बीच दोनों के बीच संवाद होता है। इस दौरान राजकुमार गोयल, भास्करण शर्मा, चमन बंसल, पुनीत गर्ग, नवीन गोयल, यश गोयल, अमित शर्मा, निरंजन गर्ग, पवन, रोहित, मनोज प्रजापित आदि मौजूद रहे।
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सरधना। श्रीराम लीला कमेटी द्वारा आयोजित रामलीला मंचन में कलाकारों रामलीला का मंचन किया जा रहा है। मंगलवार को लक्ष्मण के मूर्छित होने पर हनुमानजी संजीवनी बुटी लेकर आए। उसके बाद श्री रामचंद्र जी व लंका के राजा रावण की सेना के बीच भयंकर युद्घ प्रारंभ हो जाता हैं।
रामलीला मंचन में लक्ष्मण जी और मेघनाथ का भयंकर युद्ध होता है जिसमें लक्ष्मण जी पर मेघनाद ब्रह्मशक्ति का प्रयोग करता है। लक्ष्मण जी ब्रह्माजी का सम्मान करते हुए मूर्छित हो जाते हैं। लक्ष्मण जी को उठाकर हनुमान जी रामा दल में ले जाते हैं, राम जी के कहने पर हनुमान जी लंका नगरी से सुसैन वैद्य को उठा लाते हैं। सुसैन वैद्य श्री राम को बताते हैं की यदि सूर्योदय से पूर्व हिमालय पर्वत से संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण जी को खिला दी जाए तो लक्ष्मण जी को बचाया जा सकता है। यदि सूर्योदय हो जाता है तो लक्ष्मण जी को बचाना मुश्किल है। हनुमान जी तमाम बाधाएं पार करते हुए हिमालय पर्वत पर पहुंचते है और वहां जाकर संजीवनी बूटी तलाश करते हैं। उन्हें बूटी की पहचान नहीं होने पर हनुमान जी द्रोनागिर पर्वत को उठाकर लंका नगरी ले चलते है। लंका नगरी में सुसैन वैद्य संजीवनी बूटी लक्ष्मण जी को खिला देते हैं, लक्ष्मण जी की मूर्छा समाप्त हो जाती हैं। तेजस्वी भगवान, मूलचंद सैनी, वीरेंद्र सैनी एडवोकेट सचिन खटीक, राहुल आशीष सुमित अनंत सैनी, महिपाल, शरद त्यागी, कर्णपाल कश्यप, संजय, सुभाष सभासद, प्रदीप बुद्धिराजा, कमलेश पालीवाल, अंकित, प्रमोद सक्सेना, दीपक शर्मा, प्रवीण जैन, रजनीश, श्री निवास, सोनू त्यागी, रवि, विकास कंसल आदि उपस्थित रहे। उधर कुलंजन गांव में चल रही श्री रामलीला के मंचन के दौरान माता सीता की खोज में हनुमान जी समुद्र पार कर लंका पहुंच जाते हैं। इस दौरान लंका में अशोक वाटिका में जमकर उत्पात मचाकर उसे तहस नहर कर देते हैं। ग्राम प्रधान सुभाष चौहान, पूर्व प्रधान राजेंद्र सिंह, दीपक, सोनू आदि मौजूद रहे।
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रावण के दरबार में पहुंचे अंगद
किठौर। कस्बा किठौर स्थित रामलीला मैदान में आयोजित रामलीला में मंगलवार को आदर्श रामलीला मंडल फरीदाबाद के कलाकारों ने रामेश्वरम स्थापना,अंगद रावण संवाद और विभीषण शरणागति लीला का भाव विभोर मंचन किया।
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जिसमें कलाकारों ने दिखाया कि श्री राम समुद्र तट पर शिवलिंग स्थापित करते है। जिसका नाम रामेश्वरम पड़ा। रामेश्वरम स्थापना के बाद समुद्र के पुल का निर्माण होता है। श्रीराम हनुमान सेना लेकर लंका की और चलते है। अंगद रावण के दरबार में पहुंचकर उनको समझाता है। लेकिन रावण नहीं मानता। इसी बीच दोनों के बीच संवाद होता है। इस दौरान राजकुमार गोयल, भास्करण शर्मा, चमन बंसल, पुनीत गर्ग, नवीन गोयल, यश गोयल, अमित शर्मा, निरंजन गर्ग, पवन, रोहित, मनोज प्रजापित आदि मौजूद रहे।