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आत्मा को पवित्र बनाता है पर्यूषण पर्व: भाव भूषण

Tue, 25 Sep 2018 02:08 AM IST
Updated Tue, 25 Sep 2018 02:08 AM IST
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आत्मा को पवित्र बनाता है पर्यूषण पर्व: भाव भूषण

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आत्मा को पवित्र बनाता है पर्यूषण पर्व: भाव भूषण
हस्तिनापुर। श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर में पर्यूषण महापर्व के पावन अवसर पर मुनि श्री 108 भाव भूषण जी महाराज के सानिध्य में चल रहे श्री 1008 समवशरण महामंडल विधान का आज विश्व शांति महायज्ञ की पूर्ण आहूति देकर समापन हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ नित्य प्रतिदिन की भांति जाप्य अनुष्ठान, अभिषेक, शांतिधारा से हुई। शांतिधारा करनेे का सौभाग्य प्रेमचंद जैन, कांता जैन को हुआ। मुनि श्री 108 भाव भूषण जी महाराज ने पर्यूषण पर्व के महिमा का बखान करते हुए कहा कि पर्यूषण का तात्पर्य है कि वह पावन दिवस जो हमारी आत्मा को भी पवित्र बना दें। पर्यूषण पर्व के इन दिनों में हम अपनी आत्मा को स्वच्छ बनाने का प्रयास करते है। विधान में लगने वाली संपूर्ण पूजन सामग्री में सहयोग सुषमा जैन, आशीष जैन, मनीष जैन, महेंद्र कुमार जैन, संदीप जैन की ओर से की गई। इस महोत्सव में प्रात: 7 बजे से और मध्यान्ह के एक बजे तक श्रद्धालुओं की धार्मिक गतिविधि में ओत प्रोत होकर पुण्य का संचय किया। मांगलिक क्रियाएं पं. आशीष जैन शास्त्री ने संपन्न कराई। विधान में उपस्थित सभी धर्म प्रेमी बंधुओं माता व बहनों ने हवन की मांगलिक क्रियाएं करते हुए धूप खेकर समस्त वातावरण को सुगंधित कर दिया। विश्वशांति महायज्ञ के पुण्हावाचन करने का सौभाग्य महेशचंद जैन, मनीष जैन को प्राप्त हुआ। महामंत्री मुकेश जैन, उपाध्यक्ष जीवेंद्र जैन, कोषाध्यक्ष सुनील कुमार जैन, विजय कुमार जैन बैंक वाले मेरठ, प्रमोद जैन, मुकेश जैन, श्रीपाल जैन, मनमोहनदास जैन, राजेंद्र कुमार जैन, विनोद जैन, शोभित जैन, शैंकी जैन, युगांक जैन आदि सम्मलित हुए। मुकेश जैन महाप्रबंधक, अशोक जैन, अतुल जैन, उमेश जैन, मणीचंद जैन, कमल जैन, नवनीत जैन आदि का सहयोग रहा।
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जैविक विधि से खेती करे किसान
- कृषि विज्ञान केंद्र ने फसल अवशेष प्रबंधन पर आयोजित किया संवाद कार्यक्रम
हस्तिनापुर। कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा एक दिवसीय फसल अवशेष प्रबंधन विषय पर कृषक वैज्ञानिक संवाद कार्यक्रम केंद्र के प्रशिक्षण सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए केंद्र के डॉ. पीएस तिवारी ने फसल अवशेष को खेत में प्रबंधन करने के लिए विभिन्न प्रकार के यंत्र जैसे मल्चर, हैपी सीडर, कटर कम स्प्रेडर, मोल्ड बोर्ड प्लाउ आदि यंत्रों द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन के तरीके बताए। डॉ. राकेश तिवारी, मृृदा वैज्ञानिक ने बताया कि मृृदा का लगातार स्वास्थ्य गिरने के कारण उत्पादकता उत्पादन एवं अनाज की गुणवत्ता पर दुष्प्रभाव पड़ रहा है जिससे कि मनुष्यों में एवं पशुओं में बांझपन की समस्या एवं लंबाई घटती जा रही है। केंद्र की गृह वैज्ञानिक डॉ. वीना यादव ने पोषण वाटिका के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि घर के आस-पास खाली बची जमीन में पोषण वाटिका स्थापित कर वर्ष भर ताजी एवं पौष्टिक सब्जियां प्राप्त की जा सकती है। वैज्ञानिक डॉ. आशीष त्यागी के द्वारा फसलों पर लगने वाले कीट एवं व्याधियों के रोकथाम के जैविक विधि की विस्तृत चर्चा की। ग्राम बस्तौरा एवं दूधली के 25 कृषक कमल सिंह, नत्थू सिंह, धर्मवीर सिंह, प्रेम सिंह, सुख लाल, कुलदीप एवं रिसपाल आदि कृषकों ने भाग लिया।
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खादर क्षेत्र को मिली बस सेवा
- विधायक दिनेश खटीक ने किया शुभारंभ
- क्षेत्र के लोगों ने तहसील में हंगामा प्रदर्शन कर की थी बस चलवाने की मांग
हस्तिनापुर। खादर क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों के बच्चों अब परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी। विधायक दिनेश खटीक ने सोमवार को इन स्थानों पर बसें चलाने की मांग पूरी कर दी है। विधायक व अन्य कार्यकर्ताओं ने बस्तौरा नारंग ग्राम में बस के सामने फीता काटकर उद्घाटन किया। विधायक दिनेश खटीक ने ग्राम बस्तौरा नारंग के प्राथमिक विद्यालय में बैठक कर ग्रामीणों को प्रदेश सरकार के जनहित कार्यक्रमों एवं योजनाओं की जानकारी दी। ग्रामीणों ने सफाई कर्मचारी की शिकायत की जिस पर विधायक ने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। राजपाल, कटार सिंह, किरनपाल, वेदराम, वीरपाल, राजू सोनू, पे्रमा, विकास मंनिंदर, सोमनाथ पपनेजा, राजीव चौधरी, बॉबी चौधरी आदि शामिल रहे।


बारिश से गिरी धान की फसल
हस्तिनापुर।बारिश से खादर क्षेत्र के कई गांवों के जंगलों में धान की फसलें गिर गई है। जिससे पचास प्रतिशत से अधिक धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। खादर क्षेत्र में प्रतिवर्ष अधिकांश फसलें इसी प्रकार नष्ट हो जाती है। जिससे यहां किसान परेशान रहते है। बस्तौरा के किसान वेदराम, वीरपाल आदि का कहना है कि फसलों के नुकसान के मुआवजा के लिए अधिकारियों से मांग करेंगे।
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