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गंगा का जल स्तर घटने से लोगों ने ली राहत की सांस।

Sun, 02 Sep 2018 02:00 AM IST
Updated Sun, 02 Sep 2018 02:00 AM IST
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गंगा का जल स्तर घटने से लोगों ने ली राहत की सांस।
हस्तिनापुर। खादर क्षेत्र में गंगा एवं सोती नदियों का जलस्तर कुछ घट गया है। जिससे खादर क्षेत्र में बाढ़ से लोगों को राहत मिली हैै। गंगा का जलस्तर बिजनौर बैराज पर शनिवार दोपहर 1 लाख 31 हजार क्यूसेक रहा। क्षेत्र के कई गांवों के रास्तों से पानी उतर गया है। हालांकि खेतों में बाढ़ का पानी भरा होने से फसलों के नष्ट होने खतरा बरकरार है।
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ग्रामीणों का कहना है कि गंगा के जलस्तर में निरंतर हो रहे उतार-चढाव से अनिश्चितता की स्थिति बनी है। रातों रात पानी कब घरों में घुस आए कहा नहीं जा सकता है। ग्रामीण हर समय बाढ़ के खतरे के साए में जी रहे हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में कई दिन से बरसात से गंगा का पानी लगातार घट बढ़ रहा है। जिससे खादर क्षेत्र के दर्जनों गावों के किसान परेशान थे। आज प्रात: बिजनौर और हरिद्वार बैराज पर गंगा के जलस्तर में कुछ गिरावट आई। सिंचाई विभाग के एसडीओ पंकज जैन के अनुसार पर्वतीय क्षेत्रों में बरसात बंद हो जाने से गंगा का जलस्तर आज घटा है। जिससे अभी कुछ राहत मिली है। पिछले दिन बाढ़ का पानी कई गांवों के रास्तों एवं जंगलों में भर गया था। ग्रामीणों को इन मार्ग से आने जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन पर वाहन चलने बंद हो गए हैं। छात्रों को पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं, चारा नहीं मिलने से पशु भी भूखे खडे़ हैं। किसान कई दिन से उनके खाने पीने की व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं। हालांकि पशुपालन विभाग की टीम ने खादर क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा करक ेकई बीमार पशुओं का इलाज किया। उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव का कहना है कि वे बाढ़ की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं एवं कर्मचारियों को भी बाढ़ चैाकियों पर तैनात किया हुआ है।
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मुख्य बातें
गंगा का जलस्तर बिजनौर बैराज पर शनिवार दोपहर 1.31 लाख क्यूसेक रहा

तरुण सागर महाराज का जीवन धन्य हुआ
हस्तिनापुर। जैन समाज के सर्वश्रेष्ठ प्रवचनकार, उत्तम प्रवचन के लिए विख्यात, दिगम्बर जैन संतों को पहचान दिलाने वाले परम पूज्य क्रांतिकारी मुनिश्री 108 तरुण सागर जी महाराज के सल्लेखना पूर्वक हुई समाधिमरण पर श्री दिगम्बर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर हस्तिनापुर में श्रद्धांजलि सभा हुई। इसमें मुुनिश्री समाधिसागर जी, मुनिश्री भावभूषण जी महाराज एवं दिगम्बर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर हस्तिनापुर के पदाधिकारीगण एवं प्राचीन बड़ा मन्दिर एवं कैलाश पर्वत का समस्त स्टाफ एवं क्षेत्र पर पधारे यात्री महानुभाव उपस्थित हुए। क्षेत्र के अध्यक्ष अनिल जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष सुनील जैन ने कहा कि गुरुवर ने महावीर स्वामी का संदेश जन-जन तक पहुंचाया। गुरुदेव का जन्म 26 जून 1967 ग्राम गुह जिला दमोह में हुआ। 8 मार्च 1981 को घर का त्याग किया एवं 20 वर्ष की अवस्था में ही आचार्य पुष्पदंत सागर जी से मुनि दीक्षा ग्रहण की। मुनिश्री के प्रवचनां को भुलाया नहीं जा सकता। गुरुवर कहते थे कि कन्या भ्रूण हत्या पाप है, प्रेम से जीतो, गुलाब कांटों में हंसता है, तुम्हारी वजह से कोई इंसान दुखी होता है तो सबसे बड़ा पाप है। अनेक संतों की उपस्थिति में गुरुवर ने अन्न, जल का त्याग करके अपने जीवन को समाधिमरण से जोड़ा एवं जीवन को धन्य किया। वास्तव में यह जीव चतुर्गति के परिभ्रमण से छुटकारा पाकर शीघ्र ही मोक्ष को प्राप्त करेंगे। गुरुवर के उपदेश को भुलाया नहीं जा सकता। सभा में क्षेत्र के महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष सुनील जैन, प्रबंधक मुकेश जैन, अशोक, अतुल, उमेश, कमल, मणीचन्द, आशीष शास्त्री, मनोज जैन, राजीव जैन, सुभाष जैन, प्रेम जैन आदि ने श्रद्धासुमन अर्पित किये।
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