{"_id":"5b870da642c792466049b673","slug":"153557749910-sardana-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोर्ट ने ग्राम प्रधान नानू को प्रधान पद पर किया बहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोर्ट ने ग्राम प्रधान नानू को प्रधान पद पर किया बहाल
Updated Thu, 30 Aug 2018 02:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
नाजिम बने नानू गांव के प्रधान
- प्रतिद्वंदी इरफान ने लगाया था फर्जी मतदान डलवाने का आरोप
- कोर्ट ने दी नाजिम को राहत, 10 सितंबर को दोनों पक्षों को किया तलब
सरधना। सरूरपुर ब्लॉक के नानू गांव में ग्राम प्रधान पद में नाजिम को कोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट ने तत्कालीन एसडीएम मवाना के आदेश को भी अमान्य घोषित कर दिया था। ग्राम प्रधान नाजिम पक्ष के लोगों ने एक बार फिर से जश्न मनाया।
वर्ष 2015 में ग्राम पंचायत का चुनाव हुआ था जिसमें सरूरपुर ब्लॉक के ग्राम नानू में ग्राम प्रधान पद पर 734 मत प्राप्त करने वाले गांव के ही नाजिम पुत्र जमशेद को विजयी घोषित किया गया था। प्रतिद्वंदी इरफान ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाया था। इरफान पुत्र शमशाद ने पंचायत राज अधिनियम धारा 12 ग के अंतर्गत कोर्ट में इस संबंध में याचिका दायर की थी। इरफान ने चुनाव में मृतकों व गांव से बाहर रहने वाले मतदाताओं की फर्जी तरीके से वोट अज्ञात लोगों द्वारा डलवाई जाने का आरोप लगाया था। साथ ही निर्वाचन अधिकारी व पुलिस स्टाफ पर भी नाजिम से सांठगांठ करने की बात कही गई थी। इरफान की शिकायत पर उपजिलाधिकारी, अंकुर श्रीवास्तव मवाना ने चुनाव को अमान्य घोषित कर दिया था। जिसके बाद ग्राम प्रधान नाजिम ने कोर्ट की शरण ली थी। आदेश के खिलाफ नाजिम ने जिला कोर्ट में प्रार्थना पत्र दायर किया था। जिस पर न्यायालय ने प्रधान को राहत देते हुए स्टे दे दिया था। प्रधान को न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। अपर जिला जज मेरठ ने एसडीएम के उस आदेश को निरस्त कर दिया। जिसके बाद नाजिम को दोबारा से बहाल कर दिया गया। कोर्ट ने यह आदेश जारी करने के साथ ही दोनों पक्षकारों को 10 सितंबर को तलब किया हैं। ग्राम प्रधान नाजिम ने इस आदेश को ग्रामीणों की जनभावनों की जीत बताया।
- प्रतिद्वंदी इरफान ने लगाया था फर्जी मतदान डलवाने का आरोप
- कोर्ट ने दी नाजिम को राहत, 10 सितंबर को दोनों पक्षों को किया तलब
सरधना। सरूरपुर ब्लॉक के नानू गांव में ग्राम प्रधान पद में नाजिम को कोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट ने तत्कालीन एसडीएम मवाना के आदेश को भी अमान्य घोषित कर दिया था। ग्राम प्रधान नाजिम पक्ष के लोगों ने एक बार फिर से जश्न मनाया।
वर्ष 2015 में ग्राम पंचायत का चुनाव हुआ था जिसमें सरूरपुर ब्लॉक के ग्राम नानू में ग्राम प्रधान पद पर 734 मत प्राप्त करने वाले गांव के ही नाजिम पुत्र जमशेद को विजयी घोषित किया गया था। प्रतिद्वंदी इरफान ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाया था। इरफान पुत्र शमशाद ने पंचायत राज अधिनियम धारा 12 ग के अंतर्गत कोर्ट में इस संबंध में याचिका दायर की थी। इरफान ने चुनाव में मृतकों व गांव से बाहर रहने वाले मतदाताओं की फर्जी तरीके से वोट अज्ञात लोगों द्वारा डलवाई जाने का आरोप लगाया था। साथ ही निर्वाचन अधिकारी व पुलिस स्टाफ पर भी नाजिम से सांठगांठ करने की बात कही गई थी। इरफान की शिकायत पर उपजिलाधिकारी, अंकुर श्रीवास्तव मवाना ने चुनाव को अमान्य घोषित कर दिया था। जिसके बाद ग्राम प्रधान नाजिम ने कोर्ट की शरण ली थी। आदेश के खिलाफ नाजिम ने जिला कोर्ट में प्रार्थना पत्र दायर किया था। जिस पर न्यायालय ने प्रधान को राहत देते हुए स्टे दे दिया था। प्रधान को न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। अपर जिला जज मेरठ ने एसडीएम के उस आदेश को निरस्त कर दिया। जिसके बाद नाजिम को दोबारा से बहाल कर दिया गया। कोर्ट ने यह आदेश जारी करने के साथ ही दोनों पक्षकारों को 10 सितंबर को तलब किया हैं। ग्राम प्रधान नाजिम ने इस आदेश को ग्रामीणों की जनभावनों की जीत बताया।
विज्ञापन