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पूर्व सचिव समेत छह को नोटिस जारी, जवाब मांगा
Updated Thu, 19 Jul 2018 02:20 AM IST
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मवाना/मेरठ। मवाना गन्ना समिति में ऋणी किसानों के नाम पर रसूखदार किसानों को पर्ची दिलाने में गन्ना समिति सचिव, गन्ना समिति चेयरमैन और गन्ना विकास परिषद् चेयरमैन समेत अन्य के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी हो गए हैं। नोटिस में दस दिन के अंदर जवाब मांगा गया है।
गन्ना विभाग कुल गन्ना इंडेंट में 20 फीसदी पर्ची उन किसानों को प्राथमिकता से जारी करता है, जिनके पास समिति का ऋण होता है। यह व्यवस्था ऋणी किसान से ऋण वसूलने के लिए की गई है। ऋणी किसान द्वारा डाली गई पर्चियों के अमाउंट से समिति अपना बकाया वसूल कर लेती है। बाकी पर्चियों का अमाउंट किसान के खाते में भेज दिया जाता है। सहकारी गन्ना विकास समिति मवाना में पेराई सत्र 2017-18 में इसी सुविधा के नाम पर बड़ा खेल खेला गया। गन्ना समिति चेयरमैन, गन्ना विकास परिषद् चेयरमैन और तत्कालीन समिति सचिव के साथ समिति बाबुओं पर ऋणी किसानों के नाम पर उन रसूखदार किसानों को पर्ची का लाभ देने का आरोप लगा था।
हस्तिनापुर विधायक दिनेश खटीक के हस्तक्षेप के बाद यह मामला लखनऊ पहुंच गया था और गन्ना विकास राज्यमंत्री सुरेश राणा ने भी समिति पहुंचकर किसानों से बात की थी। इसके बाद राणा ने मामले की जांच करने के आदेश दिए थे। उन गन्ना आयुक्त मेरठ परिक्षेत्र हरपाल सिंह ने मामले की जांच कराई तो पर्ची का बड़ा फर्जीवाड़ा निकला। इस संबंध में कोऑपरेटिव की धारा 38 के तहत कार्रवाई करते हुए पूर्व सचिव व दो चेयरमैन समेत छह लोगों को बुधवार को नोटिस जारी किए गए। सभी से दस दिन में जवाब मांगा गया है, जवाब न देने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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मवाना समिति में ऋणी किसानों को प्राथमिकता से दी जाने वाली पर्ची की बंदरबांट का मामला पकड़ में आया है। इस संबंध में समिति व परिषद् चेयरमैन के साथ समिति सचिव और बाबुओं को नोटिस दिए गए हैं। दस दिन के अंदर जवाब नहीं देने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हरपाल सिंह, उप गन्ना आयुक्त मेरठ परिक्षेत्र
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गन्ना विभाग कुल गन्ना इंडेंट में 20 फीसदी पर्ची उन किसानों को प्राथमिकता से जारी करता है, जिनके पास समिति का ऋण होता है। यह व्यवस्था ऋणी किसान से ऋण वसूलने के लिए की गई है। ऋणी किसान द्वारा डाली गई पर्चियों के अमाउंट से समिति अपना बकाया वसूल कर लेती है। बाकी पर्चियों का अमाउंट किसान के खाते में भेज दिया जाता है। सहकारी गन्ना विकास समिति मवाना में पेराई सत्र 2017-18 में इसी सुविधा के नाम पर बड़ा खेल खेला गया। गन्ना समिति चेयरमैन, गन्ना विकास परिषद् चेयरमैन और तत्कालीन समिति सचिव के साथ समिति बाबुओं पर ऋणी किसानों के नाम पर उन रसूखदार किसानों को पर्ची का लाभ देने का आरोप लगा था।
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हस्तिनापुर विधायक दिनेश खटीक के हस्तक्षेप के बाद यह मामला लखनऊ पहुंच गया था और गन्ना विकास राज्यमंत्री सुरेश राणा ने भी समिति पहुंचकर किसानों से बात की थी। इसके बाद राणा ने मामले की जांच करने के आदेश दिए थे। उन गन्ना आयुक्त मेरठ परिक्षेत्र हरपाल सिंह ने मामले की जांच कराई तो पर्ची का बड़ा फर्जीवाड़ा निकला। इस संबंध में कोऑपरेटिव की धारा 38 के तहत कार्रवाई करते हुए पूर्व सचिव व दो चेयरमैन समेत छह लोगों को बुधवार को नोटिस जारी किए गए। सभी से दस दिन में जवाब मांगा गया है, जवाब न देने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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मवाना समिति में ऋणी किसानों को प्राथमिकता से दी जाने वाली पर्ची की बंदरबांट का मामला पकड़ में आया है। इस संबंध में समिति व परिषद् चेयरमैन के साथ समिति सचिव और बाबुओं को नोटिस दिए गए हैं। दस दिन के अंदर जवाब नहीं देने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हरपाल सिंह, उप गन्ना आयुक्त मेरठ परिक्षेत्र