{"_id":"5b3bdccc4f1c1b90288b4759","slug":"153064980315-mawana-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्ची में मिले पोलियों के संदिग्ध लक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बच्ची में मिले पोलियों के संदिग्ध लक्षण
Updated Wed, 04 Jul 2018 02:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मवाना (मेरठ)। फलावदा निवासी एक बच्ची मेंपोलियो जैसे लक्षण दिखे हैं। संदेह होने पर परिजन बच्ची को लेकर मंगलवार दोपहर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मवाना पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने बच्ची के स्टूल का सैंपल लेकर उसे जांच के लिए भेजा है।
मवाना सीएचसी पहुंचे फलावदा निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से उसकी बच्ची के बाएं पैर में पोलियो जैसे लक्षण से दिखाई दे रहे हैं। इससे उन्हें संदेह हुआ तो वह दिखाने के लिए आए हैं। इस संबंध में सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि स्टूल सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। सैंपल जांच के लिए दिल्ली की प्रयोगशाला में जाता है, जहां से 10 दिन के भीतर रिपोर्ट आने की संभावना है। उन्होंने बताया कि साल 2011 से पोलियो का कोई केस देशभर में नहीं मिला है। इसके बाद साल 27 मार्च 2014 को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत को पोलियो फ्री घोषित कर दिया गया था। यही वजह है कि पोलियो का संदेह होने पर भी स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है।
विज्ञापन
मवाना सीएचसी पहुंचे फलावदा निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से उसकी बच्ची के बाएं पैर में पोलियो जैसे लक्षण से दिखाई दे रहे हैं। इससे उन्हें संदेह हुआ तो वह दिखाने के लिए आए हैं। इस संबंध में सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि स्टूल सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। सैंपल जांच के लिए दिल्ली की प्रयोगशाला में जाता है, जहां से 10 दिन के भीतर रिपोर्ट आने की संभावना है। उन्होंने बताया कि साल 2011 से पोलियो का कोई केस देशभर में नहीं मिला है। इसके बाद साल 27 मार्च 2014 को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत को पोलियो फ्री घोषित कर दिया गया था। यही वजह है कि पोलियो का संदेह होने पर भी स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है।
विज्ञापन