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अब आनलाइन होगी आढ़तियों की जानकारी
Updated Mon, 02 Jul 2018 09:32 PM IST
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आनलाइन प्रक्रिया के तहत पैन कार्ड होगा अनिवार्य
शरद गुप्ता
मवाना। मंडी समिति के आधीन आने वाले आढ़तियों का डाटा ऑनलाइन होगा। इस प्रक्रिया के तहत जहां आढ़तियों की संख्या में पारदर्शिता आएगी वहीं, दूसरे वर्ष रजिस्ट्रेशन कराने में आढ़तियों को आसानी होगी। इसके पीछे सरकार की मंशा बिना रजिस्ट्रेशन कराकर आढ़त लगाने वालों पर लगाम कसना है।
अभी तक फार्मों के जरिए आढ़तियों का रजिस्ट्रेशन किया जाता था। ऐसे में बहुत से आढ़ती बिना रजिस्ट्रेशन के सेटिंग करके आढ़त करते हैं। अब ऐसा नहीं होगा। सरकार ने आढ़तियों के रजिस्ट्रेशन को ऑनलाइन कर दिया है। ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत रजिस्ट्रेशन कराने वाले आढ़ती ही कारोबार कर सकेंगे। नवीन मंडी मवाना की बात करें तो रामराज, हस्तिनापुर, फलावदा के लगभग पांच सौ से अधिक आढ़ती मंडी के आधीन हैं। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने की घोषणा के बाद से ही सभी आढ़तियों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया जा रहा है। अभी तक लगभग 175 आढ़तियों का रजिस्ट्रेशन हो सका है।
पैन एवं आधार कार्ड होगा अनिवार्य
ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत आढ़तियों को पैन एवं आधार कार्ड देना अनिवार्य होगा। इससे सरकार उन आढ़तियों पर भी शिकंजा कस सकेंगी जो इनकम टैक्स के दायरे में आ रहे हैं। हालांकि छोटे आढ़तियों के सामने पैन कार्ड को लेकर समस्या गहरा गई है। हालांकि उन्हें पैन कार्ड बनवाने का समय दे दिया है। इसके अलावा रजिस्ट्रेशन के दौरान आढ़ती का मोबाइल नंबर भी दर्ज होगा ताकि उन्हें समय-समय पर विभिन्न जानकारियों से अवगत कराया जा सके।
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सर्वर डाउन होने से परेशान
आढ़तियों के रजिस्ट्रेशन तो ऑनलाइन कर दिए गए हैं परंतु सर्वर डाउन होना प्रबल समस्या बना हुआ है। सर्वर डाउन होने से 175 आढ़तियों का ही रजिस्ट्रेशन हो सका है। समय कम है और सर्वर डाउन होने के चलते अभी बहुत से आढ़तियों का रजिस्ट्रेशन रुका हुआ है। हालांकि आढ़तियों ने फार्म भरकर भी मंडी समिति को दे दिए हैं।
इनका कहना है
ऑनलाइन प्रक्रिया से काफी फायदा है। फिलहाल शुरुआत में कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बाद में इस प्रक्रिया से काम काफी आसान हो जायेगा। जिस कार्य में दस मिनट लगते थे वह कार्य अब एक मिनट में हो जाएगा।- राजपाल, सचिव नवीन मंडी मवाना
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शरद गुप्ता
मवाना। मंडी समिति के आधीन आने वाले आढ़तियों का डाटा ऑनलाइन होगा। इस प्रक्रिया के तहत जहां आढ़तियों की संख्या में पारदर्शिता आएगी वहीं, दूसरे वर्ष रजिस्ट्रेशन कराने में आढ़तियों को आसानी होगी। इसके पीछे सरकार की मंशा बिना रजिस्ट्रेशन कराकर आढ़त लगाने वालों पर लगाम कसना है।
अभी तक फार्मों के जरिए आढ़तियों का रजिस्ट्रेशन किया जाता था। ऐसे में बहुत से आढ़ती बिना रजिस्ट्रेशन के सेटिंग करके आढ़त करते हैं। अब ऐसा नहीं होगा। सरकार ने आढ़तियों के रजिस्ट्रेशन को ऑनलाइन कर दिया है। ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत रजिस्ट्रेशन कराने वाले आढ़ती ही कारोबार कर सकेंगे। नवीन मंडी मवाना की बात करें तो रामराज, हस्तिनापुर, फलावदा के लगभग पांच सौ से अधिक आढ़ती मंडी के आधीन हैं। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने की घोषणा के बाद से ही सभी आढ़तियों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया जा रहा है। अभी तक लगभग 175 आढ़तियों का रजिस्ट्रेशन हो सका है।
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पैन एवं आधार कार्ड होगा अनिवार्य
ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत आढ़तियों को पैन एवं आधार कार्ड देना अनिवार्य होगा। इससे सरकार उन आढ़तियों पर भी शिकंजा कस सकेंगी जो इनकम टैक्स के दायरे में आ रहे हैं। हालांकि छोटे आढ़तियों के सामने पैन कार्ड को लेकर समस्या गहरा गई है। हालांकि उन्हें पैन कार्ड बनवाने का समय दे दिया है। इसके अलावा रजिस्ट्रेशन के दौरान आढ़ती का मोबाइल नंबर भी दर्ज होगा ताकि उन्हें समय-समय पर विभिन्न जानकारियों से अवगत कराया जा सके।
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सर्वर डाउन होने से परेशान
आढ़तियों के रजिस्ट्रेशन तो ऑनलाइन कर दिए गए हैं परंतु सर्वर डाउन होना प्रबल समस्या बना हुआ है। सर्वर डाउन होने से 175 आढ़तियों का ही रजिस्ट्रेशन हो सका है। समय कम है और सर्वर डाउन होने के चलते अभी बहुत से आढ़तियों का रजिस्ट्रेशन रुका हुआ है। हालांकि आढ़तियों ने फार्म भरकर भी मंडी समिति को दे दिए हैं।
इनका कहना है
ऑनलाइन प्रक्रिया से काफी फायदा है। फिलहाल शुरुआत में कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बाद में इस प्रक्रिया से काम काफी आसान हो जायेगा। जिस कार्य में दस मिनट लगते थे वह कार्य अब एक मिनट में हो जाएगा।- राजपाल, सचिव नवीन मंडी मवाना