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मेला बूढा बाबा में अंधेर नगरी चोपट राजा नाट्क मंचन
Updated Mon, 02 Jul 2018 02:52 AM IST
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नाटक के माध्यम से दिया प्रलोभन से दूर रहने का संदेश
सरधना। ऐतिहासिक मेला बूढ़ा बाबा में शनिवार की रात में मेला आयोजन समिति के द्वारा अंधेर नगरी चौपट राजा नाटक का मंचन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सपा के पूर्व विधायक प्रभुदयाल बाल्मीकि रहे। उन्होंने फीता काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। पूर्व चेयरमैन निजाम अंसारी व अमानुउल्ला खां मढियाई भी कार्यक्रम में अतिथि रहे। इस दौरान दर्शकों ने जमकर नाटक का आनंद लिया।
ऐतिहासिक मेला बूढ़ा बाबा में शनिवार की रात में प्रख्यात नाट्य संस्था दर्पण कला केंद्र के द्वारा अंधेर नगरी चौपट राजा का सशक्त मंचन किया गया। नाटय कलाकारों के सशक्त अभिनय और चुटकुले संवादों ने दर्शकों को बार-बार हंसने पर मजबूर कर दिया। महान साहित्यकार भारतेंदु हरिश्चंद्र द्वारा रचित लिखित नाटक अंधेर नगरी चौपट राजा का विनोद कुमार बैचेन की टीम के कलाकारों ने बेहद ही सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया। अंधेर नगरी चौपट राजा के आदेश के अनुसार प्रत्येक वस्तु का मूल्य टके सेर होने के कारण लालच में आकर शिव शंभू नाथ अपने गुरु महंत के द्वारा मना करने के बाद भी अंधेर नगरी में ठहर गया। इस दौरान संयोग वश एक बकरी बनिए की दीवार के नीचे दबकर मर गई चौपट राजा इस मामले में न्याय करना चाहते थे। इस मामले में बकरी के मालिक से लेकर कल्लू बनिया और राजमिस्त्री तक को दोषी ठहरा दिया गया, जब गले में फांसी का फंदा डालने की बात आई तो यह मामला शंभूनाथ तक जा पहुंचा। जब शंभूनाथ को फांसी दिए जाने का पता शंभूनाथ के गुरु को लगा तो वह वहां पहुंचे और राजा को कुछ इस तरह से बातों में उलझा लिया कि राजा खुद ही फांसी के फंदे पर झूल गया। इस नाटक मंचन के माध्यम से प्रलोभन से दूर रहने का संदेश दिया। प्रभुदयाल पूर्व चेयरमैन निजाम अंसारी, शाहवेज अंसारी, बाल्मीकि, महिपाल बाल्मीकि, चौधरी नरेशपाल, संजय प्रधान, बाबूराम कश्यप, शादाब, महिपाल, अमित चोटाला आदि मौजूद रहे।
सरधना। ऐतिहासिक मेला बूढ़ा बाबा में शनिवार की रात में मेला आयोजन समिति के द्वारा अंधेर नगरी चौपट राजा नाटक का मंचन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सपा के पूर्व विधायक प्रभुदयाल बाल्मीकि रहे। उन्होंने फीता काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। पूर्व चेयरमैन निजाम अंसारी व अमानुउल्ला खां मढियाई भी कार्यक्रम में अतिथि रहे। इस दौरान दर्शकों ने जमकर नाटक का आनंद लिया।
ऐतिहासिक मेला बूढ़ा बाबा में शनिवार की रात में प्रख्यात नाट्य संस्था दर्पण कला केंद्र के द्वारा अंधेर नगरी चौपट राजा का सशक्त मंचन किया गया। नाटय कलाकारों के सशक्त अभिनय और चुटकुले संवादों ने दर्शकों को बार-बार हंसने पर मजबूर कर दिया। महान साहित्यकार भारतेंदु हरिश्चंद्र द्वारा रचित लिखित नाटक अंधेर नगरी चौपट राजा का विनोद कुमार बैचेन की टीम के कलाकारों ने बेहद ही सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया। अंधेर नगरी चौपट राजा के आदेश के अनुसार प्रत्येक वस्तु का मूल्य टके सेर होने के कारण लालच में आकर शिव शंभू नाथ अपने गुरु महंत के द्वारा मना करने के बाद भी अंधेर नगरी में ठहर गया। इस दौरान संयोग वश एक बकरी बनिए की दीवार के नीचे दबकर मर गई चौपट राजा इस मामले में न्याय करना चाहते थे। इस मामले में बकरी के मालिक से लेकर कल्लू बनिया और राजमिस्त्री तक को दोषी ठहरा दिया गया, जब गले में फांसी का फंदा डालने की बात आई तो यह मामला शंभूनाथ तक जा पहुंचा। जब शंभूनाथ को फांसी दिए जाने का पता शंभूनाथ के गुरु को लगा तो वह वहां पहुंचे और राजा को कुछ इस तरह से बातों में उलझा लिया कि राजा खुद ही फांसी के फंदे पर झूल गया। इस नाटक मंचन के माध्यम से प्रलोभन से दूर रहने का संदेश दिया। प्रभुदयाल पूर्व चेयरमैन निजाम अंसारी, शाहवेज अंसारी, बाल्मीकि, महिपाल बाल्मीकि, चौधरी नरेशपाल, संजय प्रधान, बाबूराम कश्यप, शादाब, महिपाल, अमित चोटाला आदि मौजूद रहे।
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