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बुजुर्गों, महिलाओं को अगले माह से मेडिकल अस्पताल में राहत
Updated Wed, 13 Jun 2018 01:40 AM IST
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बुजुर्गों, महिलाओं को अगले माह से मेडिकल में राहत
मेरठ। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अब बुजुर्गों, असहायों और गर्भवती महिलाओं को अगले महीने से लंबी-लंबी कतारों में नहीं लगना पड़ेगा। उनके लिए अलग से पर्चा काउंटर का निर्माण शुरू हो गया है। इस व्यवस्था को जल्द से जल्द अमली जामा पहनाने की तैयारी है।
यह पर्चा काउंटर मेडिकल के पुराने पर्चा काउंटर के बराबर में ही बनाया जा रहा है। इसके लिए एक कमरा तैयार किया जा रहा है। पर्चा काउंटर के बराबर में ही दीवार तोड़कर एक अलग काउंटर बनाया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज में रोजाना 2500-3000 मरीज आते हैं। महीने भर में इनकी संख्या 60-70 हजार पहुंच जाती है। इनमें 18 हजार से ज्यादा बुजुर्ग, असहाय और गर्भवती महिलाएं आदि होते हैं। मरीजों की तादाद ज्यादा होने के कारण इन्हें कई बार लंबे समय तक लाइन में लगा रहता पड़ता है, जिससे इन्हें परेशानी होती है। इसी उद्देश्य से यह कदम उठाया जा रहा है।
इससे पहले मेडिकल में बिल भुगतान के लिए एक काउंटर बनाया गया था। पहले मरीजों को अलग-अलग जगह पैसे जमा करने पड़ते थे। लेकिन करीब दो माह पहले मेडिकल में ओपीडी के पास ही भुगतान के लिए एक काउंटर शुरू किया गया था, ताकि मरीजों को अलग-अलग जगह जाकर पैसा जमा करने में असुविधा न हो।
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विरोध भी कर रहे कर्मचारी
मेडिकल कर्मचारियों का एक गुट इसके विरोध में भी आवाज उठा रहा है। उन कर्मचारियों का कहना है कि नए पर्चे काउंटर बनाने में नियमों की अनदेखी की जा रही है। वहीं सूत्रों का कहना है कि स्टाफ की आपसी खींचतान के कारण इस तरह की बातें की जा रही हैं।
जल्द बनेगा पर्चा काउंटर
नए पर्चा काउंटर जल्द ही बनकर तैयार हो जाएगा। इससे खासकर बुजुर्ग मरीजों को काफी राहत मिलेगी।
-डॉ. अजीत चौधरी, कार्यवाहक एसआईसी
खास बातें:
18 हजार से ज्यादा बुजुर्ग और असहाय आते हैं हर माह यहां
मेडिकल कॉलेज में अलग पर्चा काउंटर का निर्माण शुरू हुआ
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मेरठ। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अब बुजुर्गों, असहायों और गर्भवती महिलाओं को अगले महीने से लंबी-लंबी कतारों में नहीं लगना पड़ेगा। उनके लिए अलग से पर्चा काउंटर का निर्माण शुरू हो गया है। इस व्यवस्था को जल्द से जल्द अमली जामा पहनाने की तैयारी है।
यह पर्चा काउंटर मेडिकल के पुराने पर्चा काउंटर के बराबर में ही बनाया जा रहा है। इसके लिए एक कमरा तैयार किया जा रहा है। पर्चा काउंटर के बराबर में ही दीवार तोड़कर एक अलग काउंटर बनाया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज में रोजाना 2500-3000 मरीज आते हैं। महीने भर में इनकी संख्या 60-70 हजार पहुंच जाती है। इनमें 18 हजार से ज्यादा बुजुर्ग, असहाय और गर्भवती महिलाएं आदि होते हैं। मरीजों की तादाद ज्यादा होने के कारण इन्हें कई बार लंबे समय तक लाइन में लगा रहता पड़ता है, जिससे इन्हें परेशानी होती है। इसी उद्देश्य से यह कदम उठाया जा रहा है।
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इससे पहले मेडिकल में बिल भुगतान के लिए एक काउंटर बनाया गया था। पहले मरीजों को अलग-अलग जगह पैसे जमा करने पड़ते थे। लेकिन करीब दो माह पहले मेडिकल में ओपीडी के पास ही भुगतान के लिए एक काउंटर शुरू किया गया था, ताकि मरीजों को अलग-अलग जगह जाकर पैसा जमा करने में असुविधा न हो।
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विरोध भी कर रहे कर्मचारी
मेडिकल कर्मचारियों का एक गुट इसके विरोध में भी आवाज उठा रहा है। उन कर्मचारियों का कहना है कि नए पर्चे काउंटर बनाने में नियमों की अनदेखी की जा रही है। वहीं सूत्रों का कहना है कि स्टाफ की आपसी खींचतान के कारण इस तरह की बातें की जा रही हैं।
जल्द बनेगा पर्चा काउंटर
नए पर्चा काउंटर जल्द ही बनकर तैयार हो जाएगा। इससे खासकर बुजुर्ग मरीजों को काफी राहत मिलेगी।
-डॉ. अजीत चौधरी, कार्यवाहक एसआईसी
खास बातें:
18 हजार से ज्यादा बुजुर्ग और असहाय आते हैं हर माह यहां
मेडिकल कॉलेज में अलग पर्चा काउंटर का निर्माण शुरू हुआ