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खाघ विभाग की लापरवाही के कारण क्षेत्र मे दैनिक उपभोग की वस्तुओ मे मिलावट का स्तर बढा।
Updated Thu, 08 Mar 2018 10:33 PM IST
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माछरा।
खाद्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही और कुछ लोगों के लालच के चलते क्षेत्र में दैनिक उपभोग की वस्तुओं में धड़ल्ले से मिलावट की जा रही है। वहीं, शिकायत के बावजूद नमूने नहीं लिये जाने से ग्रामीणों में रोष है।
क्षेत्र के हसनपुर कलां, माछरा, शोल्दा, किठौर, शाहजहांपुर, भटीपुरा, मऊखास, सिसौली, मुंडाली, शाफियाबाद लोटी, अटौला, अजराड़ा, जिसौरा, रछौती, महलवाला, खंद्रावली, रहदरा, पसवाड़ा और नंगलामल आदि में परचून की दुकानों पर दैनिक उपभोग की वस्तुओं, खाघ पदार्थों, वनस्पति घी, दाल, तेल, मिर्च, मसाले, हल्दी एवं मिठाइयों में हानिकारक रसायन मिलाकर बिक्री की जा रही है। हालांकि खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी इस बाबत ध्यान नहीं दे रहे हैं। ग्रामीण ब्रजेश कुमार, शफीक, गुलजार, प्रदीप कुमार आदि का कहना है कि विभागीय अधिकारियों द्वारा पूरे वर्ष में एक-दो बार नमूना लेकर रस्म अदायगी मात्र करते हैं। हालांकि होली, दीवाली, नवरात्र आदि पर भी खाद्य निरीक्षक गांवों में नमूने लेते नहीं देखे गए हैं। मिलावटी खाद्य सामग्री के चलते क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। जिससे ग्रामीण बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। उनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता लगातार घट रही है। हालांकि मिलावटी वस्तुओं के इस्तेमाल से पथरी, कैंसर सरीखी भयावह बीमारी फैल रही हैं। इस बाबत खाद्य निरीक्षक सर्वेश कुमार मिश्रा ने बताया कि मिलावटी खाद्य सामग्री की बिक्री की रोकथाम के लिए विभाग ने टीम गठित कर रखी है। वह गांवों में जाकर खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए भेजती है। इससे व्यापारियों ने भय रहता है और वे मिलावटी खाद्य सामग्री बेचने से डरते हैं। जल्द ही दोबारा अभियान चलाकर व्यापारियों के यहां से खाद्य सामग्री के नमूने लिये जाएंगे।
मुख्य बातें
त्योहारों के बावजूद खाद्य सुरक्षा विभाग कर्मचारियों पर नमूने नहीं लेने का आरोप
खाद्य सुरक्षा विभाग के निरीक्षक बोले, शीघ्र चलाएंगे अभियान
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खाद्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही और कुछ लोगों के लालच के चलते क्षेत्र में दैनिक उपभोग की वस्तुओं में धड़ल्ले से मिलावट की जा रही है। वहीं, शिकायत के बावजूद नमूने नहीं लिये जाने से ग्रामीणों में रोष है।
क्षेत्र के हसनपुर कलां, माछरा, शोल्दा, किठौर, शाहजहांपुर, भटीपुरा, मऊखास, सिसौली, मुंडाली, शाफियाबाद लोटी, अटौला, अजराड़ा, जिसौरा, रछौती, महलवाला, खंद्रावली, रहदरा, पसवाड़ा और नंगलामल आदि में परचून की दुकानों पर दैनिक उपभोग की वस्तुओं, खाघ पदार्थों, वनस्पति घी, दाल, तेल, मिर्च, मसाले, हल्दी एवं मिठाइयों में हानिकारक रसायन मिलाकर बिक्री की जा रही है। हालांकि खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी इस बाबत ध्यान नहीं दे रहे हैं। ग्रामीण ब्रजेश कुमार, शफीक, गुलजार, प्रदीप कुमार आदि का कहना है कि विभागीय अधिकारियों द्वारा पूरे वर्ष में एक-दो बार नमूना लेकर रस्म अदायगी मात्र करते हैं। हालांकि होली, दीवाली, नवरात्र आदि पर भी खाद्य निरीक्षक गांवों में नमूने लेते नहीं देखे गए हैं। मिलावटी खाद्य सामग्री के चलते क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। जिससे ग्रामीण बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। उनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता लगातार घट रही है। हालांकि मिलावटी वस्तुओं के इस्तेमाल से पथरी, कैंसर सरीखी भयावह बीमारी फैल रही हैं। इस बाबत खाद्य निरीक्षक सर्वेश कुमार मिश्रा ने बताया कि मिलावटी खाद्य सामग्री की बिक्री की रोकथाम के लिए विभाग ने टीम गठित कर रखी है। वह गांवों में जाकर खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए भेजती है। इससे व्यापारियों ने भय रहता है और वे मिलावटी खाद्य सामग्री बेचने से डरते हैं। जल्द ही दोबारा अभियान चलाकर व्यापारियों के यहां से खाद्य सामग्री के नमूने लिये जाएंगे।
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त्योहारों के बावजूद खाद्य सुरक्षा विभाग कर्मचारियों पर नमूने नहीं लेने का आरोप
खाद्य सुरक्षा विभाग के निरीक्षक बोले, शीघ्र चलाएंगे अभियान