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किसानों और विद्युत निगम के बीच सहमति बनी
Updated Mon, 05 Mar 2018 10:00 PM IST
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खरखौदा।
हापुड़ से मेरठ की जागृति विहार विस्तार योजना के लिए हाईटेंशन लाइन का निर्माण जारी है। इसके लिए किसानों की कृषि भूमि प्रयोग की जाएगी। पहली स्टेज पर टावर का पिलर डाला जा रहा है। इसके लिए विद्युत निगम की टीम ने पुलिस को साथ लेकर किसानों की जमीन पर निर्माण शुरू करा दिया। वहीं, किसानों ने इसका विरोध किया। किसानों का कहना है कि निगम केवल फसल का मुआवजा दे रहा है। उन्हें भूमि का मुआवजा भी मिलना चाहिए। इसको लेकर विद्युत निगम के अधिकारी और एसडीएम किसानों से मिले तथा उनकी मांगों पर विचार किया।
हापुड़ से मेरठ स्थित जागृति विहार विस्तार योजना के लिए हाईटेंशन लाइन की खातिर गांव कैली, पांची, सेतकुआं, खरखौदा, चंदपुरा, धनौटा और फफूंडा के जंगल से निर्माण किया जा रहा है। इस समय सबसे पहले लाइन के टावर के पिलर डाले जा रहे हैं। तीन दिन पहले विद्युत निगम की टीम जेसीबी लेकर पुलिस को अपने साथ लेकर खरखौदा कस्बा के जगल में पहुंच गयी थी। उन्होंने जबरन किसानों की फसल को रौंदकर कर गड्ढे करने लगे। किसानों को जानकारी मिली तो सैकड़ों किसान जंगल में पहुंच गये थे। किसानों ने विद्युत निगम की टीम का जमकर विरोध किया था। विद्युत निगम की टीम ने जबरन निर्माण कराने का प्रयास किया तो किसानों ने आरोप लगाया कि निगम ने पहले नोटिफिकेशन जारी नहीं किया और न ही कोई सूचना दी। यदि टीम पहले कोई सूचना देती तो किसान अपनी फसल काट लेते। किसानों का विरोध बढ़ता देख विद्युत निगम की टीम को वापस लौटना पड़ा था। मामला प्रशासन के पास पहुंचा तो सोमवार को एसडीएम सदर निशा अनंत, विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता सुरेंद्र प्रताप राम, उपखंड अधिकारी निर्माण रविकांत वर्मा समेत सभी अधिकारियों ने थाना पर किसानों के साथ बैठक की। जिसमें किसानों ने समस्याएं रखीं। उन्होंने बताया कि जिस जमीन पर बिजली का टावर खड़ा हो जायेगा। उसका कोई उपयोग नहीं हो सकता। हालांकि विद्युत निगम किसानों को केवल फसल का ही मुआवजा दे रहा है। किसानों की मांग है कि मुआवजा फसल का ही नहीं सर्किल रेट के हिसाब से जमीन का भी मिलना चाहिए। वहीं, विद्युत निगम के अधिकारियों ने बताया कि निगम किसान को केवल फसल का ही मुआवजा दे सकता है। एसडीएम ने किसानों तथा विद्युत निगम की टीम को सहमत करा दिया। इसके चलते किसानों ने खेत खाली कराने के लिए एक माह का समय मांगा है। उधर, एसडीएम निशा अनंत ने बताया कि किसान सहमत हो गए हैं। इस मौके पर पूर्व चेयरमैन शौराज सिंह त्यागी, प्रहलाद सिंह त्यागी, कपिल त्यागी, बुधप्रकाश त्यागी, सतपाल सिंह त्यागी, ललित त्यागी, अनिल त्यागी, राजू त्यागी, बाबू राम त्यागी, सतवीर त्यागी सहित कई लोग मौजूद रहे।
मुख्य बातें
एसडीएम सदर ने किसानों और विद्युत निगम के अधिकारियों के साथ बैठक की
हापुड़ से जागृति विहार एक्सटेंशन के लिए खींची जा रही विद्युत लाइन का विरोध कर रहे किसान
किसानों ने विद्युत निगम अधिकारियों से मांगा फसल के साथ जमीन का भी मुआवजा
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हापुड़ से मेरठ की जागृति विहार विस्तार योजना के लिए हाईटेंशन लाइन का निर्माण जारी है। इसके लिए किसानों की कृषि भूमि प्रयोग की जाएगी। पहली स्टेज पर टावर का पिलर डाला जा रहा है। इसके लिए विद्युत निगम की टीम ने पुलिस को साथ लेकर किसानों की जमीन पर निर्माण शुरू करा दिया। वहीं, किसानों ने इसका विरोध किया। किसानों का कहना है कि निगम केवल फसल का मुआवजा दे रहा है। उन्हें भूमि का मुआवजा भी मिलना चाहिए। इसको लेकर विद्युत निगम के अधिकारी और एसडीएम किसानों से मिले तथा उनकी मांगों पर विचार किया।
हापुड़ से मेरठ स्थित जागृति विहार विस्तार योजना के लिए हाईटेंशन लाइन की खातिर गांव कैली, पांची, सेतकुआं, खरखौदा, चंदपुरा, धनौटा और फफूंडा के जंगल से निर्माण किया जा रहा है। इस समय सबसे पहले लाइन के टावर के पिलर डाले जा रहे हैं। तीन दिन पहले विद्युत निगम की टीम जेसीबी लेकर पुलिस को अपने साथ लेकर खरखौदा कस्बा के जगल में पहुंच गयी थी। उन्होंने जबरन किसानों की फसल को रौंदकर कर गड्ढे करने लगे। किसानों को जानकारी मिली तो सैकड़ों किसान जंगल में पहुंच गये थे। किसानों ने विद्युत निगम की टीम का जमकर विरोध किया था। विद्युत निगम की टीम ने जबरन निर्माण कराने का प्रयास किया तो किसानों ने आरोप लगाया कि निगम ने पहले नोटिफिकेशन जारी नहीं किया और न ही कोई सूचना दी। यदि टीम पहले कोई सूचना देती तो किसान अपनी फसल काट लेते। किसानों का विरोध बढ़ता देख विद्युत निगम की टीम को वापस लौटना पड़ा था। मामला प्रशासन के पास पहुंचा तो सोमवार को एसडीएम सदर निशा अनंत, विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता सुरेंद्र प्रताप राम, उपखंड अधिकारी निर्माण रविकांत वर्मा समेत सभी अधिकारियों ने थाना पर किसानों के साथ बैठक की। जिसमें किसानों ने समस्याएं रखीं। उन्होंने बताया कि जिस जमीन पर बिजली का टावर खड़ा हो जायेगा। उसका कोई उपयोग नहीं हो सकता। हालांकि विद्युत निगम किसानों को केवल फसल का ही मुआवजा दे रहा है। किसानों की मांग है कि मुआवजा फसल का ही नहीं सर्किल रेट के हिसाब से जमीन का भी मिलना चाहिए। वहीं, विद्युत निगम के अधिकारियों ने बताया कि निगम किसान को केवल फसल का ही मुआवजा दे सकता है। एसडीएम ने किसानों तथा विद्युत निगम की टीम को सहमत करा दिया। इसके चलते किसानों ने खेत खाली कराने के लिए एक माह का समय मांगा है। उधर, एसडीएम निशा अनंत ने बताया कि किसान सहमत हो गए हैं। इस मौके पर पूर्व चेयरमैन शौराज सिंह त्यागी, प्रहलाद सिंह त्यागी, कपिल त्यागी, बुधप्रकाश त्यागी, सतपाल सिंह त्यागी, ललित त्यागी, अनिल त्यागी, राजू त्यागी, बाबू राम त्यागी, सतवीर त्यागी सहित कई लोग मौजूद रहे।
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मुख्य बातें
एसडीएम सदर ने किसानों और विद्युत निगम के अधिकारियों के साथ बैठक की
हापुड़ से जागृति विहार एक्सटेंशन के लिए खींची जा रही विद्युत लाइन का विरोध कर रहे किसान
किसानों ने विद्युत निगम अधिकारियों से मांगा फसल के साथ जमीन का भी मुआवजा