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प्रधानाचार्य के खिलाफ एफआईआर के आदेश
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विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) ने की प्रार्थनापत्र पर सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) कोर्ट संख्या-1 इरफान कमर ने थाना प्रभारी कोतवाली को बीएवी इंटर कॉलेज के तत्कालीन प्रधानाचार्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया है।
इस मामले में बीएवी इंटर कॉलेज के प्रबंधक रजनीकांत शर्मा ने अदालत में अर्जी दी कि सुभाष बाजार कोतवाली स्थित बीएवी इंटर कॉलेज के तत्कालीन प्रधानाचार्य डॉ. पीके शर्मा द्वारा अपने पद का दुरुपयोग कर कॉलेज में वित्तीय अनियमितताएं बरती गईं। अपने सेवाकाल के दौरान डॉ. पीके शर्मा ने 2.17 लाख रुपये कॉलेज के खाते से निकालकर अपने निजी कार्य के लिए प्रयोग किए। इसके अलावा करीब 1.20 लाख रुपये विविध व्यय दिखाकर अनियमितता बरती गई। आरोप है कि फर्जी बिल भी लगाए गए। इसके अतिरिक्त यह भी आरोप लगाया गया कि पीटीएस की धनराशि 2.35 लाख रुपये वसूल की गई। जिसकी समिति द्वारा जांच करने के बाद दोषी पाते हुए आरोप पत्र दिया गया। अदालत में कॉलेज प्रबंधक रजनीकांत शर्मा की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता अमित दीक्षित द्वारा प्रार्थनापत्र दाखिल कर मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई। जिस पर अदालत ने सुनवाई के बाद थाना प्रभारी कोतवाली को आदेशित किया है कि वह प्रस्तुत मामले में डॉ. पीके शर्मा के खिलाफ समुचित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर जांच करें।
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अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) कोर्ट संख्या-1 इरफान कमर ने थाना प्रभारी कोतवाली को बीएवी इंटर कॉलेज के तत्कालीन प्रधानाचार्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया है।
इस मामले में बीएवी इंटर कॉलेज के प्रबंधक रजनीकांत शर्मा ने अदालत में अर्जी दी कि सुभाष बाजार कोतवाली स्थित बीएवी इंटर कॉलेज के तत्कालीन प्रधानाचार्य डॉ. पीके शर्मा द्वारा अपने पद का दुरुपयोग कर कॉलेज में वित्तीय अनियमितताएं बरती गईं। अपने सेवाकाल के दौरान डॉ. पीके शर्मा ने 2.17 लाख रुपये कॉलेज के खाते से निकालकर अपने निजी कार्य के लिए प्रयोग किए। इसके अलावा करीब 1.20 लाख रुपये विविध व्यय दिखाकर अनियमितता बरती गई। आरोप है कि फर्जी बिल भी लगाए गए। इसके अतिरिक्त यह भी आरोप लगाया गया कि पीटीएस की धनराशि 2.35 लाख रुपये वसूल की गई। जिसकी समिति द्वारा जांच करने के बाद दोषी पाते हुए आरोप पत्र दिया गया। अदालत में कॉलेज प्रबंधक रजनीकांत शर्मा की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता अमित दीक्षित द्वारा प्रार्थनापत्र दाखिल कर मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई। जिस पर अदालत ने सुनवाई के बाद थाना प्रभारी कोतवाली को आदेशित किया है कि वह प्रस्तुत मामले में डॉ. पीके शर्मा के खिलाफ समुचित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर जांच करें।
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