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प्रेम विवाह का दुखद अंत

Fri, 08 Feb 2019 01:59 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 08 Feb 2019 01:59 AM IST
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प्रेम विवाह का दुखद अंत
प्रेम विवाह का दुखद अंत
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मेरठ। पुलिस के अनुसार साल 2011 में संजय की मुलाकात अमृता से हुई थी। अमृता उस समय कॉलेज में पढ़ती थी। दोनों के बीच प्रेम प्रसंग का पता चलने पर अमृता के परिजनों ने उसकी शादी दूसरी जगह तय कर दी थी। लेकिन इस शादी से दस दिन पहले ही संजय और अमृता ने प्रेम विवाह कर लिया था। बाद में कोर्ट में शादी रजिस्टर्ड कराई थी। दोनों पक्षों के परिजनों ने पंचायत में किनारा कर लिया था, जिसके बाद संजय अमृता के साथ माधवपुरम में किराए पर रहने लगा था।
कर दिया था एलान
पुलिस के अनुसार इस बीच संजय के दोस्त जितेंद्र का घर आना-जाना शुरू हुआ तो एक बार संजय ने जितेंद्र को पत्नी के साथ घर में देख लिया था। शक बढ़ने पर उसने एलान कर दिया था कि एक दिन वह पत्नी को निपटा देगा।
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...बेवफा थी, मार दिया
इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी के अनुसार हत्यारोपी संजय ने पूछताछ में कहा कि उसे पत्नी की हत्या पर कोई पछतावा नहीं है। वह बेवफा थी इसलिए उसे मार दिया। कई बार उसे और जितेंद्र को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब वह नहीं मानी तो फिर क्या करता। लग रहा था कि कहीं दोनों उसे ही न मार डालें। संजय का दावा है कि उसने बुधवार शाम को ही अमृता को एक हजार रुपये साड़ी लाने के लिए दिए थे। रात करीब आठ बजे वह बाहर से आया तो पत्नी अपने प्रेमी से फोन पर बात कर रही थी। इस पर उसने पत्नी की पिटाई कर दी थी। उसी समय उसने तय कर लिया था कि आज की रात वह पत्नी को मार डालेगा।
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सात जगह मारा छुरा
पुलिस के अनुसार अमृता का शव खून से लथपथ हालत में मिला। बेड और कमरे में खून ही खून फैला था। संजय ने बताया कि जब पत्नी सो रही थी तो उसने जानवर काटने वाले छुरे से उसका गला काट दिया था। उसके बाद सीने और कोख में छुरा घोंपा था। पुलिस ने बताया कि छुरे के सात जगह निशान मिले हैं। सीने में छुरा छह इंच तक घुस गया था।
बच्चों का क्या कसूर
दंपति से तीन बेटे देव (7), युग (5) और तीन साल का चिराग हैं। पुलिस पहले तीनों बच्चों को थाने लेकर पहुंची, जहां बच्चों ने पिता को हवालात में देखा तो रोने लगे। उसके बाद पुलिस ने संजय के एक दोस्त के माध्यम से तीनों बच्चों को उसके गांव भिजवाया। आसपास के लोगों का कहना है कि इन बच्चों का क्या कसूर है, जो इन्हें अनाथ होने की सजा मिली है।

तीसरे के फेर में अपनों का खून
मेरठ। जिले में एक साल में अवैध संबंधों के चलते 26 कत्ल हुए हैं। इसमें 14 महिलाओं पर खुद अपने सुहाग मिटाने तो 12 लोगों पर साजिश कर पत्नी की हत्या कराने के आरोप लगे। कई घटनाओं की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। पिछले एक माह में तीसरे के चक्कर में तीन महिलाओं समेत चार लोगों की हत्या हो चुकी है।
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