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कैंट बोर्ड
Updated Fri, 10 Aug 2018 02:08 AM IST
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कैंट से बाहर होंगी 113 डेयरियां और 1500 पशु
मेरठ। कैंट क्षेत्र से सभी डेयरियों और पशुओं को बाहर करने के आदेश के खिलाफ डेयरी संचालकों द्वारा डाली गई पीआईएल को बृहस्पतिवार को कोर्ट ने खारिज कर दिया। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डेयरी संचालकों को 15 दिसंबर से पहले क्षेत्र से सारी डेयरियां और पशुओं को बाहर ले जाने को कहा है। हाईकोर्ट ने कैंट बोर्ड को आदेश दिए हैं कि अगर 15 दिसंबर तक ऐसा नहीं होता है तो डेयरियों को ध्वस्त कर पशुओं को बाहर कर दिया जाए। इस आदेश के बाद अब कैंट क्षेत्र की 113 डेयरियां और 15 सौ पशु बाहर हो जाएंगे।
स्वच्छ भारत मिशन और एनजीटी के निर्देश के अनुपालन में मई महीने में हुई कैंट बोर्ड की बोर्ड बैठक में क्षेत्र में चल रहीं डेयरियों को बाहर करने का फैसला लिया गया था। बैठक में डेयरी संचालकों को 45 दिन का नोटिस जारी कर डेयरियां हटाने की बात कही गई थी। वहीं डेयरी संचालकों ने मांग की थी कि उन्हें डेयरियों के लिए नई जगह दी जाए। कैंट बोर्ड ने इस मांग को खारिज करते हुए डेयरी संचालकों को नोटिस जारी कर दिए थे कि डेयरियों का गोबर और गंदगी सड़क और नालियों में बहाई जा रही है। जिससे क्षेत्र में गंदगी रहती है। इसके साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अब्दुल वहीद एवं अन्य बनाम स्टेट ऑफ यूपी एवं अन्य के मामले में शहरी क्षेत्र से डेयरियों को हटाने के आदेश दिए हैं। नोटिस में कहा गया कि हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में कैंट क्षेत्र से पशु डेयरियों को तुरंत बाहर करें। इस नोटिस के बाद डेयरी संचालकों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए इस याचिका को खारिज कर दिया।
एनजीटी ने दिए थे आदेश
कैंट क्षेत्र में करीब 113 डेयरियां और करीब 15 सौ पशु हैं। तीन साल पहले एनजीटी द्वारा डेयरियों को शहर से बाहर करने के आदेश दिए जा चुके हैं। इसके बाद से कैंट बोर्ड भी लगातार डेयरियों को बाहर करने के लिए नोटिस जारी कर चुका है लेकिन हर बार मामला अटक जाता है।
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बदल जाएगी कैंट की सूरत
डेयरियां बाहर होने पर कैंट क्षेत्र की पूरी सूरत ही बदल जाएगी। वर्तमान में इतनी गंदगी है कि गोबर से नालियां अटी पड़ी रहती हैं। सड़कों तक पर गोबर पड़ा रहता है। डेयरियों के आसपास रहने वालों का बदबू से बुरा हाल रहता है।
नगर निगम में क्षेत्र में हैं करीब 850 डेयरियां
नगर निगम क्षेत्र में बात करें तो करीब साढ़े आठ सौ डेयरियां चल रही हैं। डेयरियों से निकलने वाला गोबर या तो नालों में बहा दिया जाता है या फिर खाली प्लॉट और सड़कों पर फेंक दिया जाता है। जिसके कारण शहर की हालत भी बदतर हो गई है। लेकिन नगर निगम डेयरियों को बाहर नहीं कर पा रहा है।
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मेरठ। कैंट क्षेत्र से सभी डेयरियों और पशुओं को बाहर करने के आदेश के खिलाफ डेयरी संचालकों द्वारा डाली गई पीआईएल को बृहस्पतिवार को कोर्ट ने खारिज कर दिया। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डेयरी संचालकों को 15 दिसंबर से पहले क्षेत्र से सारी डेयरियां और पशुओं को बाहर ले जाने को कहा है। हाईकोर्ट ने कैंट बोर्ड को आदेश दिए हैं कि अगर 15 दिसंबर तक ऐसा नहीं होता है तो डेयरियों को ध्वस्त कर पशुओं को बाहर कर दिया जाए। इस आदेश के बाद अब कैंट क्षेत्र की 113 डेयरियां और 15 सौ पशु बाहर हो जाएंगे।
स्वच्छ भारत मिशन और एनजीटी के निर्देश के अनुपालन में मई महीने में हुई कैंट बोर्ड की बोर्ड बैठक में क्षेत्र में चल रहीं डेयरियों को बाहर करने का फैसला लिया गया था। बैठक में डेयरी संचालकों को 45 दिन का नोटिस जारी कर डेयरियां हटाने की बात कही गई थी। वहीं डेयरी संचालकों ने मांग की थी कि उन्हें डेयरियों के लिए नई जगह दी जाए। कैंट बोर्ड ने इस मांग को खारिज करते हुए डेयरी संचालकों को नोटिस जारी कर दिए थे कि डेयरियों का गोबर और गंदगी सड़क और नालियों में बहाई जा रही है। जिससे क्षेत्र में गंदगी रहती है। इसके साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अब्दुल वहीद एवं अन्य बनाम स्टेट ऑफ यूपी एवं अन्य के मामले में शहरी क्षेत्र से डेयरियों को हटाने के आदेश दिए हैं। नोटिस में कहा गया कि हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में कैंट क्षेत्र से पशु डेयरियों को तुरंत बाहर करें। इस नोटिस के बाद डेयरी संचालकों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए इस याचिका को खारिज कर दिया।
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एनजीटी ने दिए थे आदेश
कैंट क्षेत्र में करीब 113 डेयरियां और करीब 15 सौ पशु हैं। तीन साल पहले एनजीटी द्वारा डेयरियों को शहर से बाहर करने के आदेश दिए जा चुके हैं। इसके बाद से कैंट बोर्ड भी लगातार डेयरियों को बाहर करने के लिए नोटिस जारी कर चुका है लेकिन हर बार मामला अटक जाता है।
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बदल जाएगी कैंट की सूरत
डेयरियां बाहर होने पर कैंट क्षेत्र की पूरी सूरत ही बदल जाएगी। वर्तमान में इतनी गंदगी है कि गोबर से नालियां अटी पड़ी रहती हैं। सड़कों तक पर गोबर पड़ा रहता है। डेयरियों के आसपास रहने वालों का बदबू से बुरा हाल रहता है।
नगर निगम में क्षेत्र में हैं करीब 850 डेयरियां
नगर निगम क्षेत्र में बात करें तो करीब साढ़े आठ सौ डेयरियां चल रही हैं। डेयरियों से निकलने वाला गोबर या तो नालों में बहा दिया जाता है या फिर खाली प्लॉट और सड़कों पर फेंक दिया जाता है। जिसके कारण शहर की हालत भी बदतर हो गई है। लेकिन नगर निगम डेयरियों को बाहर नहीं कर पा रहा है।