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यातायात व्यवस् था
Updated Mon, 12 Mar 2018 02:28 AM IST
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यातायात व्यवस्था को उठ रहे कदम, जाम होगा बेदम
मेरठ। शहर को जाम से मुक्त करने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने महिला पुलिसकर्मियों को भी जिम्मेदारी दी थी, जिसे एंजिल का नाम दिया गया था। एंजिल का एक माह का ट्रायल खत्म हो गया है, जो सफल रहा। वहीं ट्रैफिक कंट्रोल रूम का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। कैमरे लगाने वाली कंपनी वीडियो रिकॉर्डर के लिए मुंबई में अकाउंट (सॉफ्टवेयर) बना रही है, जिसमें सारा डाटा सेव होगा। कंट्रोल रूम में जल्द ही वीडियो रिकॉर्डर लगा दिए जाएंगे।
एमडीए ने शहर की यातायात व्यवस्था के लिए 87 लाख रुपये ट्रैफिक विभाग को दिए थे। ट्रैफिक पुलिस को 25 अपाचे बाइक, दस स्कूटी, दो नई क्रेन मिली हैं। पुलिस लाइन में एसपी ट्रैफिक के कार्यालय के पास बने भवन में ट्रैफिक पुलिस का अलग कंट्रोल रूम बनाकर तैयार किया गया। कंट्रोल रूम बनाने में एक निजी कंपनी ने भी मदद की है। इसी कंपनी ने शहर में 34 स्थानों पर उच्च क्वालिटी के कैमरे लगाए हैं। सिर्फ कैंट क्षेत्र में कंपनी द्वारा कैमरे नहीं लगाए गये, यहां पहले से ही एक एक अन्य कंपनी और पुलिस के कैमरे लगे हुए हैं। कंट्रोल रूम शुरू होते ही यातायात पुलिस के सिर से भी बोझ कम हो जाएगा। कंट्रोल रूम से ही मुख्य स्थानों पर यातायात व्यवस्था को देखा जा सकेगा।
इन स्थानों पर लगाए गये कैमरे
शहर में 34 स्थानों पर हाई क्वालिटी के 141 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनमें लिसाड़ी रोड, सूरजकुंड पार्क, गांधी आश्रम, शास्त्रीनगर, सेंट्रल मार्केट, लवकुश पुरम, मोदीपुरम, उद्योगपुरम, परतापुर, कंकरखेड़ा, समर गार्डन, माधवपुरम, दिल्ली रोड, पुलिस क्लब गेट, विवेकानंद इंटर कॉलेज, मवाना बस अड्डा, मंगल पांडे नगर, डीएम कंपाउंड, सम्राट पैलेस, विक्टोरिया पार्क, रोहटा रोड, शिवकुंज, गंगानगर, छोटूराम कॉलेज आदि स्थान शामिल हैं। एक कैमरे की कीमत 48 हजार रुपये है। वहीं सिविक आई के नाम से एक एप बनाया गया है। ट्रैफिक की समस्या संबंधी कोई भी जानकारी फोटा एप पर भेजी जा सकती है। जिसे देखकर समस्या का तुरंत समाधान होगा। एसपी ट्रैफिक संजीव बाजपेयी का कहना है कि कंट्रोल रूम का काम पूरा हो चुका है। जैसे ही कंपनी डाटा और वीडियो रिकार्डर के लिए अकाउंट तैयार करेगी कंट्रोल रूम को शुरू कर दिया जाएगा।
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मेरठ। शहर को जाम से मुक्त करने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने महिला पुलिसकर्मियों को भी जिम्मेदारी दी थी, जिसे एंजिल का नाम दिया गया था। एंजिल का एक माह का ट्रायल खत्म हो गया है, जो सफल रहा। वहीं ट्रैफिक कंट्रोल रूम का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। कैमरे लगाने वाली कंपनी वीडियो रिकॉर्डर के लिए मुंबई में अकाउंट (सॉफ्टवेयर) बना रही है, जिसमें सारा डाटा सेव होगा। कंट्रोल रूम में जल्द ही वीडियो रिकॉर्डर लगा दिए जाएंगे।
एमडीए ने शहर की यातायात व्यवस्था के लिए 87 लाख रुपये ट्रैफिक विभाग को दिए थे। ट्रैफिक पुलिस को 25 अपाचे बाइक, दस स्कूटी, दो नई क्रेन मिली हैं। पुलिस लाइन में एसपी ट्रैफिक के कार्यालय के पास बने भवन में ट्रैफिक पुलिस का अलग कंट्रोल रूम बनाकर तैयार किया गया। कंट्रोल रूम बनाने में एक निजी कंपनी ने भी मदद की है। इसी कंपनी ने शहर में 34 स्थानों पर उच्च क्वालिटी के कैमरे लगाए हैं। सिर्फ कैंट क्षेत्र में कंपनी द्वारा कैमरे नहीं लगाए गये, यहां पहले से ही एक एक अन्य कंपनी और पुलिस के कैमरे लगे हुए हैं। कंट्रोल रूम शुरू होते ही यातायात पुलिस के सिर से भी बोझ कम हो जाएगा। कंट्रोल रूम से ही मुख्य स्थानों पर यातायात व्यवस्था को देखा जा सकेगा।
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इन स्थानों पर लगाए गये कैमरे
शहर में 34 स्थानों पर हाई क्वालिटी के 141 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनमें लिसाड़ी रोड, सूरजकुंड पार्क, गांधी आश्रम, शास्त्रीनगर, सेंट्रल मार्केट, लवकुश पुरम, मोदीपुरम, उद्योगपुरम, परतापुर, कंकरखेड़ा, समर गार्डन, माधवपुरम, दिल्ली रोड, पुलिस क्लब गेट, विवेकानंद इंटर कॉलेज, मवाना बस अड्डा, मंगल पांडे नगर, डीएम कंपाउंड, सम्राट पैलेस, विक्टोरिया पार्क, रोहटा रोड, शिवकुंज, गंगानगर, छोटूराम कॉलेज आदि स्थान शामिल हैं। एक कैमरे की कीमत 48 हजार रुपये है। वहीं सिविक आई के नाम से एक एप बनाया गया है। ट्रैफिक की समस्या संबंधी कोई भी जानकारी फोटा एप पर भेजी जा सकती है। जिसे देखकर समस्या का तुरंत समाधान होगा। एसपी ट्रैफिक संजीव बाजपेयी का कहना है कि कंट्रोल रूम का काम पूरा हो चुका है। जैसे ही कंपनी डाटा और वीडियो रिकार्डर के लिए अकाउंट तैयार करेगी कंट्रोल रूम को शुरू कर दिया जाएगा।
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