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एनएचएआई द्वारा कई गांवों का रास्ता अवरूद्घ करने को लेकर किसानों का धरना

Fri, 05 Jan 2018 10:46 PM IST
Updated Fri, 05 Jan 2018 10:46 PM IST
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एनएचएआई द्वारा कई गांवों का रास्ता अवरूद्घ करने को लेकर किसानों का धरना
खरखौदा।
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एनएचएआई ने बाईपास पर हापुड़ रोड से जोड़ने वाले रास्तों को अवरुद्ध कर दिया है। उसमें गांव कैली से जाने वाले करीब आधा दर्जन गांवों को जोड़ने वाला रास्ता बंद होने जा रहा है। उसके विरोध को लेकर शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन भानू के नेतृत्व में किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। इसमें एनएचएआई से पहुंचे अधिकारी ने जल्द ही किसानों की इस मांग पर विचार करने का आश्वासन दिया तो किसान मान गए। उन्होंने चेतावनी देकर धरना समाप्त कर दिया।
मेरठ से बुलंदशहर तक एनएचएआई 235 का निर्माण हो रहा है। जिसमें मेरठ से हापुड़ के बीच कई जगह राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण किया जा रहा है। गांव फफूंडा, कस्बा खरखौदा एवं गांव कैली में इस राष्ट्रीय राजमार्ग को गांवों के बाहर से बाईपास निकाले गये हैं। कैली से हापुड़ के बीच में बन रहे बाईपास पर कई गांवों को जोड़ने वाले रास्तों को अवरुद्ध करने की तैयारी की जा रही है। इस बाईपास का करीब आधा काम हो चुका है। गांव कैली से जाने वाले गांव खासपुर मार्ग, गांव कूडी मार्ग एवं गांव फकरपुर कबट्टा मार्ग पर एनएचएआई द्वारा अभी अंडरपास नहीं निकाले जा रहे हैं। गांव कबट्टा एवं कूड़ी के ग्रामीण कई बार रास्ते को अवरुद्ध करने को लेकर विरोध कर चुके हैं। इसके बावजूद एनएचएआई अफसरों द्वारा इस बाबत कोई आश्वासन नहीं दिया जा रहा है। जिससे किसानों में रोष है। गांव कैली से कूड़ी, बवनपुरा, बधोली, अतराड़ा, कौल समेत आधा दर्जन गांवों को जाने वाले रास्ते को अवरुद्ध करने को लेकर शुक्रवार को सभी गांवों के किसानों ने भारतीय किसान यूनियन भानू के नेतृत्व में निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माण बंद कराकर टेंट लगाकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। किसानों का आरोप है कि इन सभी गांवों के बच्चे पढ़ने गांव कैली में आते हैं। इन गांवों का बाजार भी कैली है। किसानों का कहना है कि इस रास्ते पर अंडरपास का निर्माण कराया जाये। धरना शुक्रवार सुबह से ही शुरू हो गया। राजमार्ग का निर्माण बंद होने की सूचना पाकर सीओ किठौर फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। धरने में निर्माण कपंनी के कई अधिकारी भी पहुंचे, लेकिन किसानों ने अंडरपास निर्माण की मांग रखी तो लौट गये। बाद में किसानों की मांग पर एनएचएआई के इंजीनियर राहुल मौके पर पहुंचे। किसानों ने मांगे राहुल के सामने रखीं तथा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक के नाम किसानों ने ज्ञापन सौंपा। जिसमें राहुल नेे कहा कि मार्ग के दोनों ओर सौ-सौ मीटर छोड़कर एनएचएआई का निर्माण सुचारू रहेगा। इस मौके पर भाकियू के हापुड़ जिलाध्यक्ष पवन हूण, मेरठ जिला महासचिव राजीव अधाना, हेमंत त्यागी, रामपाल, संजय, ब्रिजेश भड़ाना, ओंकार सिंह, हिमांशु, ललित कुमार, केदारी नाथ, विजय गौतम, रामकुमार आर्य, विकास त्यागी सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
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टेंट के साथ भट्ठी भी शुुुरू
किसानों ने धरना शुरू किया तो पहले पुलिस ने ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों ने धरनास्थल पर टेंट लगाकर भट्ठी पर चाय तथा खाना बनाना शुरू कर किया तो पुलिस अधिकारी सचेत हो गए। पुलिस ने छह जनवरी को मोहिउद्दीनपुर मिल पर होने वाले मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में कोई विरोध होने के डर से जल्द ही किसानों को समझाना शुरू कर दिया। जिसमें पुलिस कामयाब रही तथा किसानों को समझाकर धरना समाप्त करा दिया। इस मामले में परियोजना निदेशक राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण डीके चतुर्वेदी ने बताया कि किसानों की मांग को उच्चाधिकारियों के पास भेज दिया है। उनके निर्णय के अनुसार ही कार्य किया जाएगा।
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मुख्य बातें
ग्राम कैली, बवनपुरा, बधौली और कूड़ी का रास्ता बंद होने पर भड़के किसान
अंडरपास नहीं बनाए जाने से क्षुब्ध हैं क्षेत्र के ग्रामीण, बच्चों को स्कूल पहुंचने में आ रही परेशानी
एनएचएआई अधिकारियों के समझाने पर किसानों ने खत्म किया धरना
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