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अमर उजाला खास
Updated Wed, 27 Sep 2017 02:35 AM IST
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मेरठ। मेरठ रोडवेज रीजन में 30 फीसदी से ज्यादा ईटीएम की कमी चल रही है। इस कारण रोडवेज की शत प्रतिशत बसें आनलाइन नहीं हो पा रही हैं। रूटों पर बसाें की कमी के चलते यात्रियों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही है।
रोडवेज बसों में इलेक्ट्रानिक टिकट मशीन (ईटीएम) के जरिये ही यात्रियों को टिकट दिए जाते हैं। इस व्यवस्था में परिचालक को मैनुअल टिकट नहीं बनाना पड़ता। ईटीएम की आपूर्ति और रिपेयर का जिम्मा विभाग ने एक निजी कंपनी को दिया हुआ है। मेरठ रोडवेज रीजन के पास करीब 850 बसों का बेड़ा है। इसके लिए करीब 1200 ईटीएम की जरूरत पड़ती है, लेकिन फिलहाल रीजन में करीब 350 ईटीएम खराब खड़ी हैं। 150 से ज्यादा ईटीएम चार्जिंग के लिए लगी रहती है। वहीं कंपनी समय पर खराब ईटीएम मशीनाें को समय पर ठीक नहीं कर पा रही है। इतनी बड़ी संख्या में मशीनों की कमी के चलते परिचालकों को मशीन नहीं मिल पा रही है। ईटीएम के अभाव में शत प्रतिशत बसे ऑन रोड नहीं होने से यात्री परेशान हैं।
मेरठ डिपो को मिली थी 185 नई मशीनें
कंपनी ने तीन माह पहले मेरठ डिपो को नए मॉडल की 185 ईटीएम मुहैया कराई थी। इन मशीनों का बैटरी बैकअप अधिक होने के साथ इसमें लगने वाला सिम भी नहीं निकाला जा सकता। इससे पहले दी गई पुरानी मशीनों में सिम बाहर से लगता है। जिसे परिचालक निकालकर इसके साथ छेड़छाड़ कर देते हैं। कंपनी का दावा है कि नई मशीन में ऐसा नहीं हो सकता है। फिलहाल इस सेगमेंट की 25 मशीनें सोहराबगेट डिपो को और 15 मशीनें भैसाली डिपो को दी गई है।
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मैनुअल टिकट काटने के दिए आदेश
मशीनों की कमी के चलते अधिकारियों ने मैनुअल टिकट जारी करने के आदेश दिए हैं। सोहराबगेट डिपो में फिलहाल 158 बसों में मैनुअल टिकट जारी किए जा रहे हैं। भैसाली डिपो की 6 बसों में और गढ़ व बड़ौत डिपो की 5-5 बसों में मैनुअल टिकट दिए जा रहे हैं।
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वर्जन....
रीजन में ईटीएम की कमी चल रही है। मशीनें खराब होने और नई मशीनों के नहीं पहुंचने से दिक्कत बढ़ी है। इस परेशानी को दूर करने के लिए डिपो एआरएम मैनुअल टिकट कटवाकर बसों का चला रहे हैं। जल्द ही नई मशीनें पहुंचने वाली है। चार्जिंग व्यवस्था का भी बढ़ाया जाएगा। -एसके बनर्जी, आरएम मेरठ रोडवेज रीजन
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रोडवेज बसों में इलेक्ट्रानिक टिकट मशीन (ईटीएम) के जरिये ही यात्रियों को टिकट दिए जाते हैं। इस व्यवस्था में परिचालक को मैनुअल टिकट नहीं बनाना पड़ता। ईटीएम की आपूर्ति और रिपेयर का जिम्मा विभाग ने एक निजी कंपनी को दिया हुआ है। मेरठ रोडवेज रीजन के पास करीब 850 बसों का बेड़ा है। इसके लिए करीब 1200 ईटीएम की जरूरत पड़ती है, लेकिन फिलहाल रीजन में करीब 350 ईटीएम खराब खड़ी हैं। 150 से ज्यादा ईटीएम चार्जिंग के लिए लगी रहती है। वहीं कंपनी समय पर खराब ईटीएम मशीनाें को समय पर ठीक नहीं कर पा रही है। इतनी बड़ी संख्या में मशीनों की कमी के चलते परिचालकों को मशीन नहीं मिल पा रही है। ईटीएम के अभाव में शत प्रतिशत बसे ऑन रोड नहीं होने से यात्री परेशान हैं।
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मेरठ डिपो को मिली थी 185 नई मशीनें
कंपनी ने तीन माह पहले मेरठ डिपो को नए मॉडल की 185 ईटीएम मुहैया कराई थी। इन मशीनों का बैटरी बैकअप अधिक होने के साथ इसमें लगने वाला सिम भी नहीं निकाला जा सकता। इससे पहले दी गई पुरानी मशीनों में सिम बाहर से लगता है। जिसे परिचालक निकालकर इसके साथ छेड़छाड़ कर देते हैं। कंपनी का दावा है कि नई मशीन में ऐसा नहीं हो सकता है। फिलहाल इस सेगमेंट की 25 मशीनें सोहराबगेट डिपो को और 15 मशीनें भैसाली डिपो को दी गई है।
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मैनुअल टिकट काटने के दिए आदेश
मशीनों की कमी के चलते अधिकारियों ने मैनुअल टिकट जारी करने के आदेश दिए हैं। सोहराबगेट डिपो में फिलहाल 158 बसों में मैनुअल टिकट जारी किए जा रहे हैं। भैसाली डिपो की 6 बसों में और गढ़ व बड़ौत डिपो की 5-5 बसों में मैनुअल टिकट दिए जा रहे हैं।
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वर्जन....
रीजन में ईटीएम की कमी चल रही है। मशीनें खराब होने और नई मशीनों के नहीं पहुंचने से दिक्कत बढ़ी है। इस परेशानी को दूर करने के लिए डिपो एआरएम मैनुअल टिकट कटवाकर बसों का चला रहे हैं। जल्द ही नई मशीनें पहुंचने वाली है। चार्जिंग व्यवस्था का भी बढ़ाया जाएगा। -एसके बनर्जी, आरएम मेरठ रोडवेज रीजन