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तेंदुए की दस्तक से दहशत, जंगल से आ रहे बाहर
Updated Fri, 14 Jul 2017 11:06 PM IST
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जिले में तेंदुए की दस्तक से दहशत
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
जिले में तेंदुए देखे जाने की सूचना से लोगों में दहशत है। कहीं पर तो हमले की भी बात कही गई। तेंदुए के देखे जाने और हमला करने की सूचना ने वन विभाग को अलर्ट कर रखा है। हस्तिनापुर सेंक्चुरी और जंगल में तेंदुओं की मौजूदगी से लोगों में डर अधिक है। बारिश के सीजन में शिकार की तलाश में वह जंगल से बाहर आ रहे हैं। वन विभाग इसे सामान्य घटना बता रहा है।
हस्तिनापुर सेंक्चुरी एरिया में तेंदुए हैं। 15 से अधिक तेंदुओं की गिनती हो चुकी है। सामान्य तौर पर तेंदुए शर्मीले स्वभाव का जानवर है। वह जल्दी हमला नहीं करता। हाल ही में दौराला में तेंदुए की हमला करने की सूचना ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया। डीएफओ अदिति शर्मा का कहना ग्रामीण जिसको तेंदुआ बता रहे थे, वह पटरा गोय निकली। टीम ने मौके पर जाकर उसके फोटो खींचे। तेंदुआ जंगल से बाहर दिखने पर उनका कहना है बारिश के सीजन में मौसम साफ हो जाता है। धूल नहीं रहती। विजिबिलिटी बढ़ जाती है। ऐसे में लोग दूर तक देख सकते हैं। जंगल और आसपास में जानवर आसानी से दिख जाते हैं।
ईंख के खेत बने हैबिटेट
पश्चिमी उप्र में ईंख के खेत तेंदुए का हैबिटेट बन गए हैं। जंगल में छिपने में ईंख के खेत काम आते हैं। अभी ईंख की फसल छोटी है, इसलिए भी तेंदुए को देखा जा रहा है। ईंख के खेत में ही शिकार और प्रजनन की एक्टिविटी के सबूत वन विभाग को मिले हैं। घनघोर जंगल के अलावा ईंख के खेत में छिपना तेंदुए को रास आता है।
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प्रमुख बातें===
हस्तिनापुर सेंक्चुरी एरिया में हैं तेंदुए, वन विभाग का कहना सामान्य है बात
बारिश के दौरान शिकार की तलाश में आ जाते हैं बाहर
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अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
जिले में तेंदुए देखे जाने की सूचना से लोगों में दहशत है। कहीं पर तो हमले की भी बात कही गई। तेंदुए के देखे जाने और हमला करने की सूचना ने वन विभाग को अलर्ट कर रखा है। हस्तिनापुर सेंक्चुरी और जंगल में तेंदुओं की मौजूदगी से लोगों में डर अधिक है। बारिश के सीजन में शिकार की तलाश में वह जंगल से बाहर आ रहे हैं। वन विभाग इसे सामान्य घटना बता रहा है।
हस्तिनापुर सेंक्चुरी एरिया में तेंदुए हैं। 15 से अधिक तेंदुओं की गिनती हो चुकी है। सामान्य तौर पर तेंदुए शर्मीले स्वभाव का जानवर है। वह जल्दी हमला नहीं करता। हाल ही में दौराला में तेंदुए की हमला करने की सूचना ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया। डीएफओ अदिति शर्मा का कहना ग्रामीण जिसको तेंदुआ बता रहे थे, वह पटरा गोय निकली। टीम ने मौके पर जाकर उसके फोटो खींचे। तेंदुआ जंगल से बाहर दिखने पर उनका कहना है बारिश के सीजन में मौसम साफ हो जाता है। धूल नहीं रहती। विजिबिलिटी बढ़ जाती है। ऐसे में लोग दूर तक देख सकते हैं। जंगल और आसपास में जानवर आसानी से दिख जाते हैं।
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ईंख के खेत बने हैबिटेट
पश्चिमी उप्र में ईंख के खेत तेंदुए का हैबिटेट बन गए हैं। जंगल में छिपने में ईंख के खेत काम आते हैं। अभी ईंख की फसल छोटी है, इसलिए भी तेंदुए को देखा जा रहा है। ईंख के खेत में ही शिकार और प्रजनन की एक्टिविटी के सबूत वन विभाग को मिले हैं। घनघोर जंगल के अलावा ईंख के खेत में छिपना तेंदुए को रास आता है।
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प्रमुख बातें===
हस्तिनापुर सेंक्चुरी एरिया में हैं तेंदुए, वन विभाग का कहना सामान्य है बात
बारिश के दौरान शिकार की तलाश में आ जाते हैं बाहर